: गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: विद्याभास्कर
Sat, Jul 26, 2025
गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: विद्याभास्करकाेशलेश सदन के संस्थापक आचार्य स्वामी रामनारायणाचार्य महाराज के 40 वीं पुण्यतिथि पर संतों ने किया नमनअयाेध्या। काेशलेश सदन के संस्थापक आचार्य स्वामी रामनारायणाचार्य महाराज काे संताें ने श्रद्धापूर्वक याद किया। माैका था उनके 40वें पुण्यतिथि महाेत्सव का। इस अवसर पर शनिवार को मंदिर प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा का आयाेजन किया गया जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संत-महंत और धर्माचार्याें ने पूर्वाचार्य की प्रतिमा पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संताें ने संस्थापक आचार्य के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। काेशलेश सदन के वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्री वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। उनकी गणना सिद्ध संताें में हाेती रही है। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। जीवन पर्यंत मठ के उत्तराेत्तर समृद्धि में लगे रहे। आज उन्हीं की देन है कि आश्रम अयाेघ्यानगरी के प्रमुखतम पीठाें में से एक है। जहां गाै, संत, विद्यार्थी व आगंतुक सेवा सुचार रूप से चल रही है। इस माैके पर बड़ी जगह के बिंदुगाद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण, दिगम्बर अखाड़ा के उत्तराधिकारी महंत रामलखन दास, गाेपाल मंडपम महंत स्वामी कूरेशाचार्य, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश दास, हनुमत निवास महंत डॉ. मिथिलेश नंदिनी शरण, वेद मंदिर महंत रामनरेश दास, श्रीरामाश्रम महंत जयराम दास, महंत रामकुमार दास, महंत हरिसिद्धि शरण, महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास, महंत कमलादास रामायणी, महंत रामनरेश शरण, महंत संताेष दास, महंत तुलसीदास, पार्षद पुजारी रमेश दास, प्रियेश दास आदि संत-महंत व भक्तगण उपस्थित रहे।
: भक्ति करने का उत्तम साधन है श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना: रामानुजाचार्य
Sat, Jul 26, 2025
भक्ति करने का उत्तम साधन है श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना: रामानुजाचार्यश्रावण झूलनोत्सव के पावन अवसर पर रामलला सदन देवस्थानम अयोध्या के तत्वावधान में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभअयोध्या। रामलला सदन देवस्थानम श्रावण झूलनोत्सव के पावन अवसर पर सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रथम दिवस कथा के शुभारंभ करते हुए रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ स्वामी राघवाचार्य महाराज श्रीमद् भागवत कथा के महात्मा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा अमृत कथा है जिसके श्रवण से मनुष्य भवसागर के पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में भगवान का पावन झूलनोत्सव चल रहा है। चारों मंगल उत्सव मनाया जा रहा है। रामानुजाचार्य जी ने श्रीमद् भागवत का मंगलाचरण करते हुए कहा कई जन्मों के संचित पुण्य उदित होते हैं तब सप्तपूरियों में प्रतिष्ठित श्री अवधपुरी में भगवान के जीवन चरित्र को सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है इस कली काल में भक्ति करने का उत्तम साधन है। श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना प्रभु के नाम का चिंतन स्मरण करना एवं परोपकार की भावना से कार्य करना हम सभी जीव धन्य हैं जो देव दुर्लभ भारत भूमि में हम सब ने जन्म लिया है। मनुष्य के स्वरूप को पाया है यह वह पवित्र भूमि है जिसका गुणगान देवगण स्वर्ग लोक में भी करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा से ईह लौकिक एवं पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है शरणागत रक्षक है।प्रभु मां उत्तरा के गर्भ में भागवत के उत्तम श्रोता महाराज परीक्षित की प्रभु ने रक्षा की। आज से रामलला सदन में सांयकाल 4 बजे से 7 बजे तक चलेगी, इस कथा का विश्राम 31 जुलाई को होगी। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। इस अवसर पर रमेश मिश्रा सिब्बू, राघवेंद्र मिश्रा अप्पू, मनोज तिवारी, अवधेश जी समेत बड़ी संख्या में संत साधक व महराज जी के शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: अयोध्या धाम में माँ आदिशक्ति सेवा सदन का भूमि पूजन आज
Fri, Jul 25, 2025
अयोध्या धाम में माँ आदिशक्ति सेवा सदन का भूमि पूजन आजमाँ आदिशक्ति वृद्धाश्रम एवं कन्या कुलम् की स्थापना हेतु हो रहा भूमि पूजनअयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम जन्मभूमि की पुण्यभूमि अयोध्या में माँ आदिशक्ति सेवा सदन के अंतर्गत माँ आदिशक्ति वृद्धाश्रम एवं कन्या कुलम् की स्थापना हेतु भूमि पूजन समारोह का भव्य आयोजन 25 जुलाई शुक्रवार को किया जाएगा। यह आयोजन ग्राम उमरिया, विकास प्राधिकरण क्षेत्र, अयोध्या में कटरा से टिकरी रोड पर 500 मीटर आगे संपन्न होगा। इस अवसर पर अयोध्या धाम के विशिष्ट संतजनों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। पूज्य संतों के श्रीमुख से आशीर्वचन प्राप्त होंगे तथा आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला जाएगा। वृद्धजनों के सम्मान एवं कन्याओं के संरक्षण को समर्पित इस संस्थान की स्थापना जनकल्याणकारी उद्देश्य के तहत की जा रही है। कार्यक्रम में भगवद प्रसाद वितरण के साथ-साथ एक विशेष भजन संध्या का आयोजन भी होगा, जो रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होगी। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक स्वाती मिश्रा एवं आलोक कुमार जी अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुजनों को भक्तिरस से सराबोर करेंगे। पंडित गौरांगी गौरी के मार्गदर्शन में होने वाले इस शुभ आयोजन में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से पधारने की अपील की गई है।कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास जी महाराज। महंत जी का स्वागत प्रख्यात कथावाचिका पंडित गौरांगी गौरी जी ने किया।