: महंत रामाज्ञा दास जी त्याग, तपस्या और वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे: महंत सुकदेव दास
Sat, Jul 19, 2025
महंत रामाज्ञा दास जी त्याग, तपस्या और वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे: महंत सुकदेव दासफटिक शिला बगही धाम आश्रम में साकेतवासी महंत रामाज्ञा दास महाराज काे सातवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से किया गया यादअयाेध्या। सरयू के पावन तट स्थित प्रसिद्ध श्री फटिक शिला बगही धाम आश्रम सिद्ध संत नारायण दास उर्फ वगही बाबा द्वारा करीब 10 दशकों वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था।फटिक शिला के साकेतवासी महंत रामाज्ञा दास महाराज काे सातवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया। आश्रम परिसर में सोमवार काे श्रद्धांजलि सभा का आयाेजन हुआ। जिसमें रामनगरी के संत-महंताें ने पूर्वाचार्य महंत के चित्रपट पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर फटिक शिला पीठाधीश्वर महंत सुकदेव दास महाराज ने कहा कि साकेतवासी महंत हमारे गुरू भाई रहे। वह उन्हें बड़े भ्राता के रूप में मानते थे, जिनकी आश्रम परिसर में सातवीं पुण्यतिथि मनायी गई। उन्हाेंने बताया कि पूर्वाचार्य महंत त्याग, तपस्या और वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे। मंदिर के विकास में हमेशा संकल्पित रहे। हर कार्याें में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे। वह पूरी तरह से साधुता की मिसाल थे। उनका जितना बखान किया जाए वह बहुत कम ही हाेगा। उनकी भगवान राम सीता के प्रति अनन्य भक्ति रही थी। उन्हाेंने सीताराम नाम काे बहुत महत्व दिया एवं उसी का प्रसार आजीवन करते रहे। कार्यक्रम के संयोजक महंत सुकदेव दास ने कहा कि साकेतवासी गुरुभाई रामाज्ञा दास जी आज भी सूक्ष्म रूप में हम सबके बीच विराजमान हैं। समय-समय पर हमें उनकी मौजूदगी का आभास भी होता है। इस अवसर पर आयोजित भंडारे में अयोध्या के तमाम संत व महंत समेत सामान्य जनों ने प्रसाद ग्रहण किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत-सत्कार महंत सुकदेव दास व फटकशिला आश्रम परिवार ने किया। इस माैके पर अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी के श्रीमहंत बृजमोहन दास, आचार्य पीठ लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, महंत उमेश दास,महंत बालक भगवान,रामहर्षण कुंज महंत अयाेध्या दास, कनक महल महंत सीताराम दास महात्यागी, निर्वाणी अनि अखाड़ा के महासचिव महंत नंदराम दास, महंत अवध किशोर शरण,महंत राघवेश दास, महंत राम कुमार दास,महंत कल्याण दास, महंत गिरीश दास डांडिया, हनुमान किला के महंत परशुराम दास,महंत रामजीशरण, हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास, करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास, महंत मनीष दास, महंत आनंद दास,मिथिला बिहारी दास, रामनंदन दास, फटकशिला के संत विद्या दास आदि माैजूद रहे।
: रामकथा के माध्यम से भगवान राम के चरित्र का हो रहा गुणगान
Sat, Jul 19, 2025
रामकथा के माध्यम से भगवान राम के चरित्र का हो रहा गुणगानकहा, श्रीरामजन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों बाद हमारे श्रीरामलला व रामदरबार विराजित हो गए,भक्तों के हृदय का वह आनंद, ब्रह्मानंद में परिवर्तित हो गयाअयोध्या सप्तपुरियों में मस्तक कहा गया है: रामदास बाबाअयोध्या। अयोध्या शब्द सुनते ही स्वत: अर्थ बोध होने लगता है। जहां कोई युद्ध न हो।जहां के लोग युद्ध प्रिय न हो जहां के लोग प्रेम प्रिय हो।जहां प्रेम का साम्राज्य हो।जो श्रीराम प्रेम से पगी हो वो अयोध्या है।इसका एक नाम अपराजिता भी है।जिसे कोई पराजित न कर सके जिसे कोई जीत न सके अथवा जहां आकर जीतने की इच्छा ख़त्म हो जाये जहां सिर्फ़ अर्पण हो समर्पण हो वो अयोध्या है।अथवा इसका एक नाम अवध भी है और श्रीराम अवधेश कहलाये। उक्त बातें व्यासपीठ से ख्यातिलब्ध कथाव्यास महामंडलेश्वर उत्तम दास महाराज ने कही। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्याधाम के मणिरामदास छावनी के श्रीराम सत्संग भवन में नौ दिवसीय श्रीरामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। कथा के तृतीय दिवस महामंडलेश्वर उत्तम दास महाराज ने भक्तगणों को मंगलमयी श्रीरामकथा का रसपान कराया। इससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध और भावविभोर हो गए। वहीं श्रीरामकथा के संयोजक श्री 108 रामदास त्यागी उर्फ राम बाबा महाराज ने कहा कि यह पावन पुनीत श्रीअवध धाम है। जिसे सप्तपुरियों में मस्तक कहा गया है। यह सातों पुरी में मस्तक के समान है। अवध धाम की बड़ी ही महिमा है। जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर सबका कल्याण किया। प्रभु श्रीराम ने पूरे देश-दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया और मानवता का संदेश दिया। भगवान श्रीराम जैसा कोई नही है। आज सारा संसार उनका गुणगान करता है। एक आदर्शवादी राजा, पिता, पुत्र, भाई, पति आदि के रूप में भगवान श्रीराम सभी जगह खरा उतरे। उन्होंने सबको मर्यादित जीवन जीना सिखाया। हम सब परम सौभाग्यशाली है। जो हम सबको अयोध्या धाम जैसी इस पवित्र धरा पर सत्संग लाभ व श्रीरामकथा का दिव्य आनंद प्राप्त हो रहा है। जैसा की शास्त्रों में अवध धाम की महिमा गाई गई है। अयोध्या नाम ही अपने आप में भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश का स्वरूप है। केवल अयोध्या नाम लेने मात्र से ही तीनों देवताओं के नाम लेने का फल मिल जाता है। साठ हजार वर्षों तक गंगा तट पर रहकर भजन-साधना करने का जो फल है। वह फल केवल अयोध्यापुरी के दर्शन करने मात्र से ही मिल जाता है। अयोध्यापुरी की महिमा को बढ़ाने के लिए भगवान के नेत्रों से नेत्रजा सरयू मैया प्रकट हुई हैं। जिनके बारे में कहा गया है कि कोटि कल्प काशी बसे, मधुरा कल्प हजार। एक निमिष सरयू बसे, तुले न तुलसीदास। ऐसी मां सरयू, अयोध्या धाम और हमारे प्रभु श्रीराम की महिमा है। अब तो आनंद ही नही, महा आनंद का अवसर हम सबको मिला है। जब श्रीरामजन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों बाद हमारे श्रीरामलला व रामदरबार विराजित हो गए हैं। भक्तों के हृदय का वह आनंद, ब्रह्मानंद में परिवर्तित हो गया है। नित्य प्रति अनेकानेक भक्त श्रीधाम अवध में पधार रहे और बड़े भाव से श्रीरामलला का दर्शन कर रहे हैं। इससे पहले श्रीरामकथा के मुख्य यजमान गुरु सेवक बद्रीप्रसाद भैयालाल सोनी ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर भव्य आरती उतारी। अंत में तृतीय दिवस की कथा विश्राम पर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजनों ने अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन सार्थक बनाया व पुण्य के भागीदार बने।
: भव्य अयोध्या के अभिराम दास वार्ड में बह रहा सीवर स्वच्छता रैंकिंग
Sat, Jul 19, 2025
भव्य अयोध्या के अभिराम दास वार्ड में बह रहा सीवर स्वच्छता रैंकिंगनगर निगम के नम्बर-1 वार्ड में अफसरों व महापौर की अदूरदर्शिता से सैकड़ों परिवार जलभराव में कैदजिम्मेदार नगर निगम व महापौर की दवा हवा हवाई, खुद ठोक रहें स्वच्छता रैंकिंग की पीठआम जनता जलभराव के नरक में जीने को मजबूर, अफसरशाही कानों में रूई डालकर बैठी हैअयोध्या। श्रीराम की नगरी को दिव्य भव्य बनाने की मुहिम और स्वच्छता रैंकिंग के फर्जी आकड़ों की सच्चाई रोड पर बहती नजर आ रही है। नगर निगम का नम्बर-1 वार्ड 'अभिराम दास वार्ड' बदहाल हालात की मिसाल बन गया है। कौशल्या घाट, मीरापुर बुलंदी और कंधरपुर मोहल्ले में महीनों से सीवर लाइन जाम है। घरों में गंदा पानी घुस रहा है, गलियां तालाब बन चुकी हैं और जिम्मेदार विभाग व महापौर एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी, जल निगम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण कार्य से जुड़ी एजेंसियों की आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा सैकड़ों परिवार भुगत रहे हैं। पार्षद सुल्तान अंसारी लगातार अधिकारियों के दरवाज़े खटखटा रहे हैं। महापौर से लेकर पीडब्ल्यूडी चीफ, जल निगम जेई, एई तक से बात हो चुकी है, लेकिन राहत दूर-दूर तक नहीं दिख रही।पार्षद सुल्तान अंसारी कहते है अयोध्या नगर निगम लूट का अड्डा बन चुका है,चारों तरह सिर्फ महापौर व नगर आयुक्त पैसा बटोरने में लगे है।
पार्षद ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि चौड़ीकरण कार्य के दौरान पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से सीवर में गिट्टी चली गई है जिससे पूरी लाइन जाम हो चुकी है। लेकिन पीडब्ल्यूडी कहता है जल निगम देखेगा और जल निगम जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पर डालता है।
इसका नतीजा आम जनता जलभराव के नरक में जीने को मजबूर है, और अफसरशाही कानों में रूई डालकर बैठी है।
प्रश्न यह नहीं कि समस्या किसकी है।प्रश्न यह है कि समाधान कौन करेगा? जब पूरा शहर 'दिव्यता' की रोशनी में नहाया जा रहा है, तब नम्बर-1 वार्ड के लोग गंदे पानी में क्यों डूबे हैं?अविलंब कार्रवाई नहीं हुई तो यह संकट सिर्फ वार्ड का नहीं, नगर निगम की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिन्ह बन जाएगा। फिलहाल अफसरशाही व महापौर की उदासीनता का भेंट चढ़ रही आम जनता का जनजीवन। जब भाजपा के पार्षद दर ब दर भटक रहें है उनकी सुनने वाला कोई नही है तो विपक्षी पार्षद व आमजन का क्या हाल होगा आप स्वयं अंदाजा लगा सकते है।