: जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: रामकृष्ण शास्त्री
Sun, Apr 20, 2025
जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: रामकृष्ण शास्त्रीश्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में रामकृष्ण महराज शास्त्री काकाजी ने कृष्णजन्मोत्सव के प्रसंग की व्याख्या कीतीर्थक्षेत्र सेवा समिति महराष्ट्र के तत्वावधान में हो रहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सोहला एवं गीता पारायण पाठकथा में रामनगरी के विशिष्ट संतो का हो रहा समागम, पूरे देश से सौकड़ो भक्त कथा में लगा रहा गोताअयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा रामकृष्ण महराज शास्त्री काकाजी कर रहे है। कथा के चतुर्थ दिवस काका जी ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चौथे दिन संत साधकों ने काका जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। काका जी महाराज ने कथा प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। इसके बाद भैया जी के सानिध्य में सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा में रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ, कथा श्रवण करने आए सभी संतो महंतों का अभिनन्दन के आयोजक तीर्थक्षेत्र सेवा समिति महराष्ट्र व संस्थापक श्री ज्ञानेश मिशन आलंदी, श्री अध्यात्म साधना आश्रम धरणी वालों ने किया।महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कर रहें। कार्यक्रम में 108 लोग सामूहिक गीता का पारायण पाठ कर रहे है। देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहें है।
: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा को खतरा
Mon, Apr 14, 2025
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा को खतराट्रस्ट को मिला धमकी भरा संदिग्ध ईमेल, जांच में जुटी पुलिस
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को एक संदिग्ध ईमेल मिला है जिसमें राम मंदिर की सुरक्षा को खतरा होने के संबंध में चेतावनी दी गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। अयोध्या जिले की पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर एक न्यूज एजेंसी को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने न्यास के साथ मिलकर संदिग्ध ईमेल की जांच शुरू कर दी है जो तमिलनाडु से आया था। सूत्रों ने बताया कि रविवार और सोमवार की रात को मिले ईमेल में न्यास को राम मंदिर की सुरक्षा को खतरा होने के संबंध में चेतावनी दी गई है। हालांकि, अभी तक न्यास या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
: राम मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश स्थापित
Mon, Apr 14, 2025
राम मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश स्थापित
भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण ने पार किया एक और पड़ाव
वैदिक ब्राह्मणों की उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम, अब ध्वज दंड की स्थापना ही बाकी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताई प्रसन्नता
अयोध्या। भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। वैदिक ब्राह्मणों की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ मुख्य शिखर पर कलश स्थापित किया गया। यह पवित्र कार्य सुबह 9ः15 बजे शुरू हुआ और 10ः30 बजे शिखर पर कलश की स्थापना पूरी हुई। इस अवसर पर अयोध्या में उत्सव का माहौल रहा और स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के कायाकल्प से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में रामभक्ति की लहर और मजबूत हो रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि वैशाखी और बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्य संपन्न हुआ। अब मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजदंड स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा की अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देशवासियों की आस्था और संकल्प का परिणाम है। यह भारत की सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर और सशक्त करेगा। योगी ने ट्रस्ट और निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की सराहना की और इसे ’नए भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अयोध्या को विश्वस्तरीय तीर्थस्थल बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। चंपत राय ने जानकारी दी कि मंदिर परिसर से अब निर्माण मशीनें हटाई जाएंगी। प्रथम तल पर राजा राम, परकोटे और सप्तऋषियों के मंदिरों में मूर्तियों की प्रतिष्ठा का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर आगे बढ़ रहा है, जिससे भक्तों में उत्साह है।