: यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीन
Mon, Apr 28, 2025
यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीनसिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में हो जायेगा दर्ज, गद्दीनशीन प्रेमदास महाराज बहुत ही हुए भावुक, कहा हनुमान जी ने मुझे किया प्रेरितगद्दीनशीन जी रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की प्रार्थना करेंगेअयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास महाराज 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया को श्रीराम जन्मभूमि पर नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन करेंगे। हनुमानगढ़ी के इतिहास में यह पहला अवसर है। जब हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन 52 बीघा के बाहर जाकर रामलला का दर्शन करने जा रहे हैं। इससे एक नई परंपरा की शुरूआत हो रही है। जो सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो जायेगा। वर्तमान गद्दीनशीन जी को रामलला का दर्शन करने की प्रेरणा बजरंगबली से मिली है। इसके लिए हनुमानजी महाराज ने उन्हें प्रेरित किया है। वह रामलला का दर्शन बजरंगबली के प्रतिनिधि तौर पर करेंगे। गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज बहुत ही भावुक हो गए। रविवार को उन्होंने अपने आश्रम पर भावुक होते हुए कहा कि यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय है। इससे मैं बहुत ही अभिभूत हूँ। खुद हनुमानजी ने मुझे प्रेरित किया है। हनुमानजी की प्रेरणा से 30 अप्रैल अक्षय तृतीया को मैं रामलला का दर्शन करने जा रहा हूं। इस दिन सबसे पहले सुबह 7 बजे हनुमानगढ़ी से सरयू तट के कच्चा घाट तक शाही जुलूस निकलेगा। जहां सर्वप्रथम वैदिक मंत्रोच्चार संग सरयू मैया का पूजन-अर्चन किया जायेगा। उसके बाद बजरंगबली के निशान को स्नान कराकर पूजन-अर्चन होगा। फिर मैं स्वयं सरयू स्नान करूंगा। तत्पश्चात सरयू तट से ऐतिहासिक शाही जुलूस निकाला जायेगा, जिसमें सबसे आगे बजरंगबली का निशान। शाही जुलूस में गाजा बाजा, हाथी-घोड़ा, ऊंट इत्यादि रहेगा। बीच में खिलाड़ी रहेंगे। जो अपना करतब दिखायेंगे। शाही जुलूस में मैं रथ पर सवार रहूंगा। इस शाही जुलूस में हनुमानगढ़ी चारों पट्टी के महंत, सरपंच, नागातीत, व्यापारी, श्रद्धालु समेत हजारों लोग शामिल रहेंगे। शोभायात्रा पर हेलीकॉप्टर समेत सैंकड़ो जगहों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जायेगा। शाही जुलूस रामनगरी के मुख्य मार्ग से होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के सामने गेट नंबर तीन रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेगा। श्रीराम जन्मभूमि मे श्रीरामलला को रामरक्षा स्तोत्र का पाठ सुनाते हुए उनके चरणों में 56 भोग समर्पित करूंगा। मेरे द्वारा रामलला के गर्भगृह की परिक्रमा का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर आंदोलन से मैं बहुत दिनों से जुड़ा रहा हूं। इस आंदोलन मैंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रामलला अपने नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। रामलला का दर्शन-पूजन कर मैं समस्त जनमानस व जीव मात्र के कल्याण की कामना करूंगा। उन्होंने याद दिलाया कि वह भी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और आठ वर्ष पूर्व गद्दीनशीन होने के बाद हनुमान जी के दरबार से ही रामलला के मंदिर की कामना-प्रार्थना करते रहे। उन्होंने बताया कि वह रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की सनातन प्रार्थना करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम की देखरेख खुद गद्दीनशीन जी के उत्तराधिकारी महंत डा महेश दास जी, मामा दास व अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव कर रहें।
: स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है: बृजभूषण शरण सिंह
Mon, Apr 28, 2025
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है: बृजभूषण शरण सिंहएस आईसी अमानीगंज फेस 3 पर संकट मोचन जिम का कैसरगंज के लोकप्रिय नेता बृजभूषण शरण सिंह ने किया उद्घाटनअयोध्या। आईटीआई स्थित अमानीगंज फेस 3 पर संकट मोचन जिम जोअत्याधुनिक जिम है उसका उद्घाटन कैसरगंज के लोकप्रिय नेता भारतीय कुश्ती संघ के शानदार पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य फीता काटकर शुभारंभ किया।इसके पूर्व हनुमानजी का दीप जलाकर पूजन भी किया। पूजन में हनुमानगढ़ी से जुड़े महंय बलराम दास व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी मौजूद रहें। इस मौके पर कैसरगंज के लोकप्रिय नेता भारतीय कुश्ती संघ के शानदार पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अनिल जी जो स्वयं एक कुशल जिम ट्रेनर हैं,की तरफ से एक प्रयास है।ये अपने जिम में आधुनिक मशीनों की अच्छा संकलन किये है। नेता जी ने कहा कि यहां आने वाले लोग व्यायाम करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं साथ ही वे खेल पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने जिम शुभारंभ के अवसर पर कहा कि 'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।' उन्होंने आश्वस्त किया कि ओपन जिम लोगों को शारीरिक और मानसिक दृढ़ता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ओपन जिम की आवश्यकता मानव जीवन में बहुत ही उपयोगी है।संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने बताया कि नेताजी ने अत्याधुनिक जिम का उद्घाटन किया है। जिस में प्रशिक्षित प्रशिक्षक द्वारा ट्रेनिग प्रदान की जाएगी। सभी को आशीर्वाद हनुमानजी महाराज की कृपा बनी रहें। इससे पूर्व नेताजी हरिधाम गोपाल पीठ में चल रहें श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर शामिल होकर जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद लिये।इसके बाथ नि शुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में पहुंच वैदिक बटुओं से मिले। उन्होंने सभी का अभिनन्दन भी किया। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि प्रियेश दास,अमरजीत सिंह काका, नेताजी के सहयोगी नीलेश सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी अयोध्या,अरुण निषाद, सर्वेश यादव,राका यादव, अभिषेक सिंह, जयप्रकाश रावत, अनिल, अमन, सुमित, विशाल सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
: गद्दीनशीन भगवान रामलला को सुनायेंगे रामरक्षा स्त्रोत
Sun, Apr 27, 2025
गद्दीनशीन भगवान रामलला को सुनायेंगे रामरक्षा स्त्रोत22वें गद्दीनशीन शाही जुलूस के साथ करेंगे शाही स्नान व भगवान रामलला का दर्शन पूजनहेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होगी शाही जुलूस पर, जुलूस के ऐतिहासिक स्वागत को लेकर अयोध्यावासी है उत्साहित, घर आंगन होगें रौशनअयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में पहली बार ऐसा कार्यक्रम होने जा रहा है, जो कई वर्षों में नहीं हुआ। अयोध्या के सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के श्रीगद्दीनशीन श्रीमहंत जी करीब 200 वर्षों की परंपरा में जब गद्दीनशीन रामलला का दर्शन करने जाएंगे। हनुमानगढ़ी की आचार संहिता में गद्दीनशीन के लिए इस पीठ के 52 बीघा परिसर से बाहर जाना निषिद्ध है और उसके मूल में यही ले भावना है कि वह हनुमानजी के मुख्य अनुचर एवं सेवक के रूप में सतत सन्नद्ध रहेंगे। श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज हनुमानगढ़ी के तीसरें गद्दीनशीन होंगे, जो 52 बीघा की परिधि का अतिक्रमण करेंगे। चार दशक पूर्व तत्कालीन गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधुदास को गंभीर रूप से घायल के होने पर चिकित्सालय ले जाना पड़ा था, तो वही श्रीमहंत रमेश दास जी को भी चिकित्सा हेतु चिकित्सालय ले जाना पड़ा था इस पर हनुमानगढ़ी की निर्णायक पंचायत को आपत्ति हुई थी और अंततः तत्कालीन गद्दीनशीन को अति आकस्मिकता एवं मानवीय आधार पर छूट मिल सकी थी। वर्तमान गद्दीनशीन जी का मामला अलग है। उन्हें तो हनुमानजी ने प्रेरित कर अपनी इच्छा से अवगत कराया। गत तीन माह से श्रीमहंत प्रेमदास जी हनुमानजी की इच्छापूर्ति का प्रयास करने लगे। पहले उन्होंने शिष्यों से विचार साझा किया। इसके बाद बात पंचायत तक पहुंची। पंचायत ने गत 21 तारीख को बैठक कर गद्दीनशीन को 52 बीघा परिसर से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की। पहली बार हनुमानगढ़ी परिसर, यानी 52 एकड़ परिसर के बाहर, राम मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। उनके साथ सभी चारों पट्टियों के महंत और हजारों साधु-संत भी शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगी और इस मौके को खास बनाने के लिए तमाम तरह की तैयारी चल रही हैं।इतना ही नहीं, जब हनुमानगढ़ी के श्रीगद्दीनशीन बाहर निकलेंगे, तो उनके साथ हनुमान जी का निशान, हाथी, घोड़ा, ऊंट भी होगा. यानी पूरी तरह से यह एक शाही यात्रा होगी. यह शाही जुलूस हनुमानगढ़ी से निकलकर सरयू घाट जाएगा, जहां सभी साधु-संत स्नान करेंगे. उसके बाद पैदल चलकर प्रभु राम का दर्शन और पूजन करेंगे. प्रभु राम को 56 व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया जाएगा। रामलला के दरबार में गद्दीनशीन जी करीब एक घंटे बितायेंगे। भगवान रामलला को रामरक्षास्तोत्र का पाठ सुनायेंगे। खास बात यह है कि हनुमान जी ने स्वयं गद्दीनशीन को प्रेरणा दी कि आप जाएं और प्रभु राम का दर्शन करें. ऐसे में हनुमानगढ़ी के सभी पंचायती अखाड़े ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर हनुमानगढ़ी से हनुमान जी के निशान के साथ शाही जुलूस निकाला जाएगा. सरयू में स्नान होगा, पूजन होगा और फिर गेट नंबर 3 से प्रभु राम का दर्शन किया जाएगा. प्रभु राम को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इस दौरान शाही जुलूस में जगह-जगह फूलों से स्वागत किया जाएगा और हेलीकॉप्टर से भी पुष्प वर्षा होगी. इतना ही नहीं, इस पूरी यात्रा में हाथी, ऊंट, घोड़ा, छड़ी और हनुमान जी का निशान भी नजर आएगा. जोरों-शोरों से इस यात्रा की तैयारी हो रही है। कार्यक्रम की व्यवस्था में अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव लगे है।प्रेसवार्ता में निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, गद्दीनशीन श्रीमहंत जी के उत्तराधिकारी महंत डा महेश दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, राजेश पहलवान, उपेंद्र दास, मनीराम दास, अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव,महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहें।