: शिद्दत से शिरोधार्य हुए महंत बलराम शरण महाराज
Sun, Apr 13, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए महंत बलराम शरण महाराज18वीं पुण्यतिथि महाेत्सव पर संतों का हुआ समागमअयाेध्या। रामनगरी के माता कौशल्या के ऐतिहासिक महल रंग महल के पूर्वाचार्य महंत बलराम शरण को उनकी 18वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा पूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर अयोध्या के संतों-महंतों ने उनके चित्रपट पर पुष्प अर्पित कर उनके कृतित्व को याद किया। मंदिर के वर्तमान महंत राम शरण दास जी महाराज ने अतिथियों को परंपरागत स्वागत कर पीठ की परंपरा के विकास का संकल्प दोहराया।महंत राम शरण दास जी महाराज ने कहा कि रंग महल का श्रीराम और रामायण काल से अभिन्न संबंध है। माता कौशल्या ने यह महल श्रीसीता सहित चारो महारानी को मुंह दिखाई में दिया था। मंदिर के वर्तमान भवन की स्थापना पूज्य स्वामी सरयू शरण जी महाराज ने करीब 350 साल पहले की थी। आज भी उनके पद अयोध्या के मंदिरों की उत्सव की शान है। दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के महंत विंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने कहा कि महंत बलराम शरण जी श्रीहनुमान के परम भक्त थे। उनकी श्री हनुमान की उपासना विशिष्ट थी। उन्होंने आजीवन साधु, गो और संत सेवा की। रंग महल और उसकी परपंराओं की रक्षा और विकास में उनका खास योगदान है। पीठ के वर्तमान महंत रामशरण दास इस परंपरा को और समृद्ध कर रहे हैं। रसिक पीठाधीश्वर जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण ने कहा कि रंग महल हमेशा से ही भगवान श्रीराम की रसिक भाव से उपासना का प्रमुख केंद्र रहा। आये हुए अतिथियों का स्वागत पुजारी साकेत दास, राहुल दास व छोटू भैया ने किया। पुण्यतिथि पर मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, दशरथ महल विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य,लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, बावन मंदिर महंत वैदेहीवल्लभ शरण, मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य,सरपंच रामकुमार दास, हिंद केसरी हरि शंकर दास के उत्तराधिकारी महंत बाबा बलराम दास, गहोई मंदिर के महंत रामलखन शरण,महंत अवधकिशाेर शरण, महंत रामलाेचन शरण, महंत मनीष दास, महंत शशिकांत दास, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत संदीप दास, महंत प्रियाशरण, महंत निर्मल शरण, महंत राजीवलाेचन शरण, महंत उत्तम दास, महंत भूषण दास, महंत उद्धव शरण, महंत गणेशानंद, पुजारी रमेश दास, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह, विधायक वेद गुप्ता, प्रियेश दास आदि माैजूद रहे।
: श्री सीतारामीय सेवा मंदिरम में हनुमानजी की हुई प्राण प्रतिष्ठा
Sun, Apr 13, 2025
श्री सीतारामीय सेवा मंदिरम में हनुमानजी की हुई प्राण प्रतिष्ठाश्री सीतारामीय सेवा मंदिरम नजरबाग में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का हुआ भव्य समापनअयोध्या। श्री सीतारामीय सेवा मंदिरम नजरबाग में शनिवार को विधि-विधान पूर्वक बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा की गई। हनुमानजी का प्राण प्रतिष्ठा महाेत्सव ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पांडेय, उपाध्यक्ष महामंडलेश्वर महंत जयराम दास खाकी बापू और प्रधानमंत्री वैद्यजी का मंदिर के महंत राजेंद्र दास वैद्य महाराज के संयोजन में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम, अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। अंतिम दिन मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्राेच्चारण संग विधि-विधान पूर्वक बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रृंगार, भाेग, आरती-पूजन किया। फिर हवन-पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। तदुपरांत संत-महंतों का विशाल भंडारा आयाेजित रहा। इस सीतारामीय सेवा मंदिरम ट्रस्ट के प्रधानमंत्री एवं वैद्यजी का मंदिर के महंत राजेंद्र दास वैद्य महाराज ने बताया कि सीतारामीय सेवा मंदिरम नजरबाग में तीन दिवसीय हनुमत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया था। जिसका शनिवार को पूर्णाहुति व संताें के वृहद भंडारे संग समापन हुआ। मंदिरम में बजरंगबली की विधि विधान पूर्वक प्राण प्रतिष्ठा हुई। महाेत्सव में देश के विभिन्न प्रांतो से भक्तगण सम्मिलित हुए और पुण्य के भागी बने। सीतारामीय सेवा मंदिरम के कार्यालय का भी उद्घाटन वैदिक मंत्राेच्चारण के साथ किया गया। अंत में सीतारामीय सेवा मंदिरम ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पांडेय, प्रधानमंत्री महंत राजेंद्र दास वैद्य महाराज और उपाध्यक्ष महंत जयराम दास खाकी बापू संत-महंताें का स्वागत-सम्मान कर भेंट-विदाई दी। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर महंत कमलनयन दास, महापाैर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत रामनरेश दास, महंत जन्मेजय शरण, महंत बालयाेगी रामदास, महंत राममिलन दास, महंत रामकुमार दास, महंत माधवदास, महंत राममंगल दास रामायणी, महंत उद्धव शरण, महंत नवल दास, महंत रामनारायण दास, महंत रामलाेचन शरण, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत राजन बाबा, महंत प्रियाशरण, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत रामशरण दास, महंत अवनीश दास, महंत रामभद्र शरण, महंत गिरीश दास, महंत बलराम दास, संतदास, अनुपम गुप्ता आदि माैजूद रहे।
: वेदपाठी बटुकों के त्रिपुंड तिलक लगाने पर भड़के बड़ा भक्त पाल पीठाधीश्वर
Fri, Apr 11, 2025
वेदपाठी बटुकों के त्रिपुंड तिलक लगाने पर भड़के बड़ा भक्त पाल पीठाधीश्वरकहा,अयोध्या धाम अयोध्या वैष्णव की नगरी है,हमारी पहचान है ऊर्ध्व पुंड्र तिलकअयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या वैष्णव नगरी है। हमारी पहचान है ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है। हमें अपनी पहचान बनायें रखने की जरूरत है। इससे खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं है। आज एक कार्यक्रम के दौरान सनकादिक आश्रम के वेदपाठी बटुक त्रिपुंड तिलक लगा के पहुंचे तो उन्हें इन तिलक में देखकर बड़ा भक्त माल आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश दास जी महाराज भड़क उठे।उन्होंने कहा कि वैष्णवों की पहचान ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है,त्रिपुंड तिलक शैव की पहचान है। श्रीमहंत अवधेश दास ने कहा कि मुझे शैव सम्प्रदाय से कोई समस्या नही है लेकिन वैष्णव नगरी में शैव तिलक कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा। हमारी पहचान ऊर्ध्व पुंड्र तिलक है। इसलिए सभी को यही तिलक लगानी चाहिए। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर ने सभी से अपील करते हुए कहते है अयोध्या धाम के सभी संत साधक व वेदपाठी बटुक ऊर्ध्व पुंड्र तिलक लगायें और तुलसी जी की माला धारण करें। इससे समझौता न करें। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर जी ने कहा कि उर्ध्व पुंड्र वैष्णव धर्म के अनुयायियों द्वारा पहना जाने वाला तिलक है, जो यह दर्शाता है कि वह हमारे आराध्य भगवान श्री सीताराम के भक्त हैं। उन्होंने कहा कि आजकल नये लोग मनमाना तिलक लगाकर घूमते है ये गलत है। इसको लेकर वह एक संतों के साथ बैठक करेगें।