: राम महल वैदेही भवन में श्री राम विवाह पर झूमे श्रद्धालु
Wed, May 11, 2022
माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक: रामदिनेशाचार्य
अयोध्या। व्यक्ति के जीवन में नियम का होना अति आवश्यक है। जिनके जीवन का कोई नियम नही होता उनका जीवन उमर भर भटकता रहता है। जीवन के अच्छे कर्मों को यज्ञ कहा गया है। यह बात राम महल वैदेही भवन में श्रीराम कथा महोत्सव के पाचवें दिवस सीताराम विवाह महोत्सव की कथा के दौरान जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कही। रामकथा में संत साधक रसमयी आनंदमयी सागर में गोता लगा रहे है। कथा में श्री सीताराम विवाहोत्सव का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए महाराज जी ने यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि जब जीवन में यज्ञ समाप्त को जाता है तो जीव का तेज और बल दोनो की समाप्त हो जाते हैं। राम विवाह के प्रसंग में उन्होंने बताया कि माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक है। कथा में भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग पर व्यास पीठ से मंगल गीत गाए गए। भगवान श्री राम सीता लक्ष्मण के स्वरूप की आरती उतारी गई। रामानन्दाचार्य जी ने कथा के मर्म का संदेश दिया कि जीवन में बिना त्याग तपस्या संतोष के किसी भी प्रकार का सुख और आनंद प्राप्त नही किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि संसार में गुरु तत्व ही इन सभी साधनों के दाता है। व्यासपीठ का पूजन यजमान जय प्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश राठौर, सत्य प्रकाश ताम्रकार, उदित नारायण तिवारी, नानक चंद शर्मा, मुकेश शर्मा, आनंद प्रकाश शर्मा ने किया। महोत्सव का संचालन आचार्य रमेश दास शास्त्री व व्यवस्थापक में गौरव दास शास्त्री व शिवेंद्र दास शास्त्री रहे। इस मौके पर महंत रामजीशरण सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।
: राज्याभिषेक के साथ चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य महोत्सव का हुआ समापन
Wed, May 11, 2022
10 दिन चले महोत्सव ने दक्षिण परम्परा की छोड़ी अमिट छाप, लगातार भंडारे, यज्ञ हवन, नवाह्न पारायण की प्रशंसा चहुओर
राम देश की एकता के प्रतीक हैं: गोपालकृष्णमाचार्य
अयोध्या। श्री हनुमान बाग अयोध्या में चल रहे चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ व श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण कथा के समापन दिवस पर गोपालकृष्णमाचार्य जी महाराज ने कहा कि राम तो प्रत्येक प्राणी में रमा हुआ है, राम चेतना और सजीवता का प्रमाण है। भारतीय समाज में मर्यादा, आदर्श, विनय, विवेक, लोकतांत्रिक मूल्यों और संयम का नाम राम है। असीम ताकत अहंकार को जन्म देती है। लेकिन अपार शक्ति के बावजूद राम संयमित हैं। वे सामाजिक हैं, लोकतांत्रिक है। वे मानवीय करुणा जानते हैं। वे मानते हैं- ‘पर हित सरिस धरम नहीं भाई राम देश की एकता के प्रतीक हैं। गोपालकृष्णमाचार्य जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम समसामयिक है।भारतीय जनमानस के रोम-रोम में बसे श्रीराम की महिमा अपरंपार है। जीवन की धन्यता भौतिक पदार्थों के संग्रहण में नहीं अपितु सुविचारों एवं सद्गुणों के संचयन में निहित है। जिसके पास जितने श्रेष्ठ एवं पारमार्थिक विचार हैं वह उतना ही सम्पन्न प्राणी है। आज समाज में अशांति कोई पशु या जानवर नहीं फैला रहा, बल्कि अपने स्वरूप से अनभिज्ञ भौतिक पदार्थ की दौड़ में लगा मनुष्य ही फैला रहा है। दूसरों को शांत करने से पहले खुद शांत होना होगा। शांति व आनंद का स्रोत केवल ईश्वर है जो भक्ति द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। महोत्सव के समापन सत्र में कार्यक्रम की आयोजक लक्ष्मी जी सभी का आभार व्यक्त किया। कथा से पूर्व यजमान लक्ष्मी न्यायापति ने व्यासपीठ का पूजन किया। यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित रहा। इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त रहा। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री सहित दक्षिण से हजारों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए
: रामनगरी में शिद्दत के साथ मनाया गया जानकी नवमी
Wed, May 11, 2022
सेवा और उपासना का केंद्र जानकी महल में खास तौर पर आयोजन किया गया
जानकी नवमी पर मंदिरो में उमड़े श्रद्धालुओं गाए बधाई गान
माता सीता की कुल देवी की निकली शोभायात्रा, तो श्रवण कुंज में महंत रामेश्वरी शरण की अध्यक्षता में हुआ विशेष अनुष्ठान
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में मां जानकी का जन्म उत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
अयोध्या। वैशाख शुक्ल नवमी यानी 10 मई को मां सीता का जन्मोत्सव राम नगरी के मंदिरों में मनाया गया। नवमी को मध्यान्ह 12 बजते ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बजने लगे। बधाई गान पर श्रद्धालु खूब थिरके। इससे पहले भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। श्रद्धालु सरयू में स्नान कर मंदिरों में हो रहे पर्व और विशेष अनुष्ठान शामिल हुए। इस बार राममंदिर में विशेष तौर पर आम का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इसी के साथ कनक भवन ,जानकी महल, श्रवण कुंज, झुनकी घाट, श्री रामबल्लभाकुंज, वैदेही भवन, राम हर्षण कुंज सहित सैकड़ों मंदिरों में जन्मोत्सव पर उत्सव का माहौल चरम पर रहा।
माता सीता की कुल देवी माता गौरी का मंदिर प्रसिद्ध छोटी देवकाली है। मंदिर में 9 दिन पहले से विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं । यहां पर फूल -बंगले की झांकी सजा कर 1051 बत्ती की आरती की गई। गाजे- बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा भी निकाली। यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यह यात्रा पिछले दो साल बाद निकाली गई थी। कोविड संक्रमण को देखते हुए पिछले आयोजनों को सीमित किया गया था।।
बधाई गान से गुंजायमान होते रहे मंदिर
रामनगरी में जानकी नवमी पर्व पर हफ्ते भर से देवी मंदिरों सहित प्रमुख मठ मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं । मंदिरो में सुबह से ही विशेष पूजा अनुष्ठान के शुरू हो गए। संत व श्रद्धालु जनक सुता जग जननि जानकी, अति सय प्रिय कर करुणानिधान की आदि भजन गाकर भक्ति के समुद्र में गोते लगाते रहे। मंदिरों का समूचा परिसर जानकी माता और श्री राम की जय के नारों से गूंजता रहा।
रामनगरी की प्रसिद्ध पीठ श्रवण कुंज में माता सीता जी का जन्म दिवस बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में किशोरी जी का भव्य अभिषेक पूजन व श्रृंगार करके आरती की गई। यह आयोजन महंत रामरुप शरण के सानिध्य व मंदिर की वर्तमान महंत रामेश्वरी शरण की अध्यक्षता में हुआ।
तो वही सेवा और उपासना का केंद्र जानकी महल में खास तौर पर आयोजन किए गए थे। जानकी महल ट्रस्ट किशोरी जी का मायका है भगवान राम आज भी यहां दुल्हा रुप में पूजें जाते है। इसलिए किशोरी जी का जन्म दिवस बहुत ही दिव्य भव्य रुप में मनाया गया जिसमें प्रातःकाल भव्य अभिषेक किया गया इसके बाद रत्न जड़ित सोने चांदी हीरे के बने आभूषण भगवान को धारण कराया गया। इसके बाद भगवान की आरती उतारी गई।ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया ने कहा कि पूरे श्रद्धा भाव से आज किशोरी जी का जन्म महोत्सव मनाया गया। आज से ट्रस्ट ने निर्णय लिया है गरीब कन्या का पढ़ाई लिखाई का सारा खर्चा उठायेगी। उसके एजूकेशन में जो भी खर्च आयेगा उसे जानकी महल ट्रस्ट देगा। आदित्य कहते है कि हमारा ट्रस्ट प्रति वर्ष गरीब कन्या का विवाह भी कराता है।