: वेदांती जी का पूरा जीवन रामलला और हिंदू जनमानस के लिए समर्पित रहा: डिप्टी सीएम
Sat, Aug 6, 2022
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने चांदी का मुकुट पहना कर नवनियुक्त महंत डा राघवेश दास का किया राजतिलक
अयोध्या। हिंदूधाम वशिष्ठपीठाधीश्वर पद पर विराजमान हुए वशिष्ठपीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि रामविलास वेदांती के शिष्य डॉ राघवेश दास वेदांती। अयोध्या के संतो महंतों के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने राघवेश दास को कंठी चद्दर एवं तिलक दे कर के हिंदूधाम का महंत बनाया और उपमुख्यमंत्री ने चांदी का मुकुट पहना कर नवनियुक्त महंत डा राघवेश दास का किए राजतिलक और कहा कि मैं अयोध्या के सभी संतो के चरणों में दंडवत करते हुए यह आश्वासन देता हूं कि मैं अयोध्या के संतो महंतों और जनता के साथ हूं और उनका जो आदेश होगा उसका पालन होगा। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही हमें सरकार बनाने का मौका मिला है इसलिए संतो के आदेश का निरंतर पालन करत रहूंगा। उन्होंने कहा कि डॉ रामविलास वेदांती ने अपना पूरा जीवन रामलला और हिंदू जनमानस के लिए समर्पित कर दिया था जहां भी हिंदू जनमानस है। सभी लोग महाराज जी को आज भी जानते है। मैं आशा करता हूं की राघवेश दास भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए हिंदू जनमानस के लिए और सनातन धर्म के लिए निरंतर काम करते रहेंगे।
डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि यह वही हिंदूधाम है जिसका शिलान्यास अशोक सिंघल और गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने किया था। आज उपमुख्यमंत्री और संतों महंतों के बीच हिंदू धाम वशिष्ठ पीठाधीश्वर डा राघवेश दास को बनाया गया। महंत सत्येंद्र दास वेदांती ने सभी संतो महंतों का स्वागत सत्कार किया। महंताई समारोह में मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास रामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, श्री राम जन्मभूमि के पुजारी सत्येंद्र दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास, रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप दास त्यागी, महंत धर्मदास, परशुराम दास, देवीपाटन के महंत विमलेनन्द नाथ, महंत जनार्दन दास, जगतगुरु रामदिनेशाचार्य, जगतगुरु डॉ राघवाचार्य, मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास, महंत हरिभजन दास, महंत जयराम दास, महंत राम कुमार दास, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला, अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, डिप्टी सीम बृजेश पाठक के करीबी युवा भाजपा नेता विशाल मिश्रा,श्री महंत परमहंस रामचंद्र दास सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण मिश्रा, महंत धीरेंद्र दास ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा, आचार्य वरुण दास सहित सैकड़ों संतों महंतों ने हिंदूधाम पहुंचकर महंताई समारोह में सम्मिलित हुए।
: डा राघवाचार्य वाल्मिकी व्यास पुरस्कार से हुए सम्मानित
Thu, Aug 4, 2022
तुलसीदास जयंती पर मोरारी बापू ने रामलला सदन देवस्थान के पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य डा राघवाचार्य महाराज को वाल्मिकी व्यास पुरस्कार से किया सम्मानित
अयोध्या। रामचरित मानस सहित अनेक ग्रंथों के रचयिता संत तुलसीदास जी के जन्मोत्सव के अवसर पर 1 से 4 अगस्त भावनगर जिले के कैलास गुरुकुल में प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू की उपस्थिति में वाल्मिकी व्यास और तुलसी पुरस्कार समारोह का आयोजिन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तुलसी उत्सव में 1 से 3 अगस्त तक देश भर के विभिन्न प्रांतों के गायकों और कहानियों के पाठकों के व्याख्यान हुआ। हर वर्ष तुलसीदास जी की जन्म तिथि श्रावण शुक्ल सप्तमी पर वाल्मिकी रामायण, महाभारत, गीता, पुराण, रामचरित मानस के साथ-साथ तुलसीदास जी के साहित्य की कथाएँ, गीत, व्याख्यान-अध्ययन और जीवन भर सेवा के उपलक्ष्य में देश- विदेश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ व्यक्तियों के शोध-प्रकाशन के साथ इस पुरस्कार से शिक्षाविदों के अलावा अन्य संगठनों को भी सम्मानित किया गया।
गुरुवार को तीनों पुरस्कारों का प्रस्तुतिकरण समारोह हुआ। वरिष्ठ विद्वानों में वाल्मिकी पुरस्कार प्रख्यात कथावाचक रामलला सदन देवस्थान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज को दिया गया साथ ही ये पुरस्कार
विजय शंकर देवशंकर पंड्या अहमदाबाद, स्व.रामानन्द सागर मुंबई और व्यास पुरस्कार प्रा. शरदभाई व्यास, आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्णजी महाराज वृंदावन के साथ-साथ तुलसी पुरस्कार रामबेन हरियानी जयपुर, मुरलीधरजी महाराज ओंकारेश्वर और महंत राम हृदयदासजी चित्रकूट धाम को वंदनापात्र से सम्मानित किया गया। सूत्रमाला, शॉल मोरारी बापू जी नगद राशि मानदेय देकर सम्मानित किये।
: शिद्दत से शिरोधार्य हुए बाबा रामप्रसादाचार्य
Thu, Aug 4, 2022
विन्दुगद्यायाचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में संत धर्माचार्यों ने किया नमन
अयोध्या। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राज महल महल बड़ा स्थान के संस्थापक आचार्य पूज्य बाबा रामप्रसादाचार्य जी महाराज की जयंती पर रामनगरी के संत-महंतों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर आचार्य श्री की मूर्ति पर माल्यार्पण कर नमन किया। दशरथ महल के वर्तमान महंत विन्दुगद्यायाचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में संतों ने किया नमन।इस अवसर पर संतों-महंतों व श्रद्धालुओं को विन्दु सम्प्रदाय के संस्थापक बाबा रामप्रसादाचार्य की जीवनगाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि तीन सौ वर्ष पूर्व बाबा रामप्रसाद दास महाराज ने श्री जानकी की कठिन तपस्या कर उनकी कृपा प्राप्त की। श्री जानकी ने महाराज श्री को स्वयं अपने पैर के अंगूठे से तिलक लगाकर आशीर्वाद प्रदान किया था।
श्री महाराज जी की जयंती के अवसर पर दशरथ महल में अयोध्या के संतो महंतों ने महाराज जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और इस अवसर पर वर्तमान महंत विंदुगद्यायाचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य ने बताया कि एक बार महाराज जी संत परंपरा के अनुसार टीका लगाना भूल गए और मां जानकी प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होकर के उनको टीका लगाया। उन्होंने बताया कि श्री महाराज जी को गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के अवतार स्वरूप में माना जाता है। महाराज जी के जयंती के अवसर पर आए सभी संतो महंतों का स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगलभवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास जी स्वागत सत्कार किया। जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, रंगमहल पीठाधीश्वर रामशरण दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास ,महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत राम कुमार दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी पार्षद रमेश दास सहित सैकड़ों महंतों ने स्वामी जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किए।