: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: वशिष्ठ पीठाधीश्वर
Sat, Feb 25, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हिंदूधाम में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग नया घाट पर स्थित हिंदू धाम में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि राम विलास वेदांती महाराज कर रहें है।
कथा के प्रथम दिवस वशिष्ठ पीठाधीश्वर राम विलास वेदांती जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना। उन्होंने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है।
वशिष्ठ पीठाधीश्वर जी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है। कार्यक्रम का संयोजन श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती महाराज कर रहे है।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान राम किशोर पाण्डेय गिरिडीह धनबाद ने किया है। इस मौके पर हिंदू धाम के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: विश्व विराट भगवान का 15 वां प्राकट्याेत्सव धूमधाम से मनाया गया
Sat, Feb 25, 2023
महामण्डलेश्वर महावीर दास ने आए हुए सन्त-महन्त और विशिष्टजनाें का किया स्वागत-सत्कार
अयोध्या। रामनगरी के नयाघाट स्थित विश्वविराट विजय राघव मन्दिर में स्थापित विश्व विराट भगवान का 15 वां प्राकट्याेत्सव मंगलवार काे धूमधाम से मनाया गया। इस माैके पर भगवान के विग्रह काे अनेकों सुगंधित पुष्पाें से सजाया गया, जिसकी मनाेरमता देखते हुए बन रही थी। प्राकट्याेत्सव के अवसर मन्दिर परिसर में अनेकों धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। मंगलवार की सुबह विश्व विराट भगवान का भव्य श्रृंगार कर आरती उतारी गई। तदुपरांत संत-महंताें व भक्तगणों का विशाल भण्डारा सम्पन्न हुआ। भण्डारे में हजाराें की संख्या में लाेगाें ने भगवान के प्राकट्य महाेत्सव का प्रसाद ग्रहण किया। महाेत्सव काे विश्वविराट विजय राघव मन्दिर के संस्थापक महन्त सिद्धबाबा नरसिंह दास महाराज ने अपनी सानिध्यता प्रदान की। इस माैके पर सिद्धबाबा ने कहाकि यह बहुत ही सुखद पल है कि हम सब रामनगरी में विश्व विराट भगवान का प्राकट्याेत्सव मना रहे हैं। भगवान अपने भक्ताें पर महती कृपा रखते हैं। सिर्फ सच्चे मन से भगवान की आराधना की जाए। ताे जीव का कल्याण सम्भव है। अन्त में सिद्धबाबा नरसिंह दास महाराज के उत्तराधिकारी महामण्डलेश्वर महावीर दास ने आए हुए सन्त-महन्त और विशिष्टजनाें का स्वागत-सत्कार किया। प्राकट्याेत्सव के अवसर पर मुख्य रूप से मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महन्त कमलनयन शास्त्री, माैनी माझा महन्त रामप्रिया दास, वैद्य मन्दिर के महन्त राजेन्द्र दास, खड़ेश्वरी मन्दिर महन्त रामप्रकाश दास, महन्त अर्जुन दास, महन्त रामप्रसाद दास व महन्त बलराम दास हनुमानगढ़ी, गद्दी नशीन के शिष्य युवा नागा संत मामा दास,महंत पवन कुमार शास्त्री, महन्त मनमाेहन दास, महन्त रामकुमार दास, स्वामी छविराम दास, नीरज शास्त्री, पार्षद पुजारी रमेश दास, भरत दास, पुजारी जयमंगल दास आदि संत-महंत व भक्तगण उपस्थित रहे।
: भगवान मैथिलीरमण राम का 13वां प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया
Fri, Feb 24, 2023
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह वेद मंदिर पहुंच साकेतवासी महंत रामकुमार दास की मूर्ति पर माल्यार्पण कर संतो का किया अभिनन्दन
प्राकट्य महाेत्सव में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी सम्मिलित हुए, भगवान श्रीमैथिलीरमण राम का पूजन-अर्चन कर उनके प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा निवेदित की
अयाेध्या। प्रसिद्ध पीठ श्रीरामाश्रम, रामकाेट में विराजमान भगवान मैथिलीरमण राम का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह भगवान का 13वां प्राकट्य महाेत्सव था। महाेत्सव काे पीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत जयराम दास वेदांती महाराज ने सानिध्यता प्रदान किया। प्राकट्य महाेत्सव में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी सम्मिलित हुए। जिन्हाेंने भगवान श्रीमैथिलीरमण राम का पूजन-अर्चन कर उनके प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा निवेदित किया। उत्सव से मंदिर प्रांगण आहलादित व उल्लासित नजर आया। पूरा माहाैल भक्तिमय वातावरण रंगा रहा, जिसमें भक्तगण सराबाेर हाेकर गाेता लगा रहे थे। भक्तों ने ठाकुरजी के प्राकट्योत्सव में शामिल होकर अपना जीवन धन्य बनाया। सर्वप्रथम शुक्रवार प्रात:काल मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान श्रीमैथिलीरमण राम का वैदिक मंत्राेच्चार संग पंचामृत और सुगंधित औषधियों से अभिषेक-पूजन हुआ। उसके बाद ठाकुरजी काे नवीन वस्त्र धारण कराकर दिव्य श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात विविध व्यंजनों का भाेग लगाकर महाआरती उतारी। फिर संत-महंत और भक्तगणों काे भगवान के पाटाेत्सव का प्रसाद ग्रहण कराया गया। इस माैके पर काफी संख्या में संत-महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले आचार्य शेषनारायण के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों ने स्वस्ति वाचन कर कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह स्वागत किया। इस अवसर पर श्रीरामाश्रम पीठाधीश्वर महंत जयराम दास वेदांती महाराज ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान श्रीमैथिलीरमण राम का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया गया। यह भगवान का 13वां पाटाेत्सव रहा। राजाेपचार विधि से ठाकुरजी का पूजन हुआ। सुबह वैदिक विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्राेच्चार संग पंचामृत और सुगंधित औषधियों से भगवान का अभिषेक-पूजन किया गया। तत्पश्चात नवीन वस्त्र धारण कराकर भव्य श्रृंगार किया। उसके बाद भाेग लगा ठाकुरजी की दिव्य आरती उतारी। महाेत्सव में मंदिर से जुड़े हुए संत-महंत व भक्तगण सम्मिलित हुए। जिन्हाेंने अपना जीवन कृतार्थ किया। प्राकट्योत्सव पर महंत बलराम दास हनुमानगढ़ी, चित्रकुटी मंदिर महंत उत्तम दास महात्यागी, स्वामी गयाशरण, पहलवान घनश्याम दास, स्वामीनाथ सिंह, अमरजीत सिंह काका, साेनू सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, प्रियेश दास, लालू सिंह, श्रीनाथ मिश्र, अखिलेश पांडेय समेत अन्य माैजूद रहे।