: भगवान श्रीराम ने पूरी दुनिया काे मानवता का पाठ पढ़ाया:प्रभंजनानन्द
Tue, Mar 28, 2023
भगवान की कथा मंगलकारी है,जाे अमंगल का नाश करती है:महंत करुणानिधान शरण
व्यासपीठ का पूजन करते महंत करुणानिधान शरण
प्रसिद्ध पीठ सियारामकिला झुनकी घाट पीठाधीश्वर महंत करुणानिधान शरण महाराज के सानिध्य में रामजन्मोत्सव का छाया उल्लास,रामकथा का हुआ शुभारंभ
अयाेध्या। रामजन्म महाेत्सव के पावन अवसर पर सियारामकिला झुनकी घाट दुल्हन की तरह सजी है। परे मंदिर को फूलों से सजाया गया है। मंदिर में 51 वैदिक आचार्य नवाह परायण पाठ कर रहे है। मंदिर में आज से भव्य रामकथा का शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा कर रहें है। महाेत्सव काे पीठ के महंत करुणानिधान शरण महाराज ने सानिध्यता प्रदान करते हुए कहा कि भगवान राम जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में श्रीरामकथा की शुरूवात हाे गई है। भक्तगण कथा का रसपान कर अपना जीवन कृतार्थ करें। महंतजी ने कि भगवान की कथा मंगलकारी है। जाे अमंगल का नाश करती है। कथा हमें परमात्मा तक पहुंचाने का सबसे सुगम मार्ग है। इसके द्वारा हमें भगवान का सानिध्य मिलता है। अवधधाम में रामकथा का श्रवण करने और कराने से अपार पुण्य की प्राप्ति हाेती है। वह भी जब रामजन्म महाेत्सव चल रहा हाे। ताे उसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अमृतमयी श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तों काे रसास्वादन कराते हुए प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ कथाव्यास व्यासपीठ से कथा कहते मंदिर के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पूरी दुनिया काे मानवता का पाठ पढ़ाया। हमें भगवान की मर्यादा का पालन करना चाहिए। आज हम सब राम जन्मोत्सव पर भगवान की अमृतमयी कथा का श्रवण कर रहे हैं। जीव प्रभु राम का अनुसरण करे। उनके बतलाए हुए सच्चाई के मार्ग पर चले। साथ ही उनकी मर्यादा को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करे।कथा के उद्घाटन सत्र में करुणानिधान भवन के महंत रामजी दास महाराज, भागवत विद्यापीठ के तुलसीदास जी, हनुमान किला के महंत रामभजन दास, संत राम नारायण सहित बड़ी संख्या में संताें ने अपने विचार व्यक्त किए।
व्यासपीठ से कथा कहते प्रख्यात कथावाचक पूज्य प्रभंजनानन्द शरण
: अम्माजी मंदिर में पंच दिवसीय ब्रह्मोत्सव का उल्लास चरम पर
Tue, Mar 28, 2023
कोशलेस सदन के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य "विद्याभाष्कर" का अम्मा जी मंदिर के ट्रस्टियों ने किया अभिनन्दन
अयोध्या। दक्षिण भारतीय परम्परा के अम्माजी मंदिर में पंच दिवसीय ब्रह्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को सांयकाल वाहन से भगवान की शोभायात्रा बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। इस रथयात्रा में तमिलनाडु से आए पारम्परिक वाद्ययंत्रों को भी शामिल किया गया। रथारूढ़ भगवान की सवारी को चेन्नई व अन्य क्षेत्रों से आए तमिल भाषी श्रद्धालु रस्से के सहारे खींच रहे थे।
परम्परागत रूप से निकाली जाने वाली यह रथयात्रा गोलाबाजार, तुलसी उद्यान होकर मुख्य मार्ग से सब्जी मंडी होकर तोताद्रि मठ, अशर्फी भवन होते हुए पुनः पहुंची।
इसके पहले अम्माजी मंदिर में दिव्य ग्रंथो का पारायण एवं विराजमान भगवान का अभिषेक कर विधिपूर्वक पूजन किया गया।
अम्माजी मंदिर दिव्य देश में
कोशलेस सदन के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य "विद्याभाष्कर" का दिव्य प्रवचन सत्र चला। इसके बाद अम्माजी मंदिर ट्रस्टियों ने विद्याभाष्कर का अभिनन्दन किया। मंदिर में रामजन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूरा कार्यक्रम दक्षिण परम्परा के अनुसार मनाया जा रहा है। प्रवचन सत्र में आज यानी मंगलवार को रामलला सदन देवस्थान् पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज का प्रवचन चलेगा तो बुधवार को अशर्फी भवन की महानता जगद्गुरू श्री धराचार्य महाराज का प्रवचन होगा।
: भगवान रामलला के उत्सव विग्रह का हुआ महामिलन महोत्सव
Mon, Mar 27, 2023
अम्माजी मंदिर से रथ पर विराजमान होकर रामलला सदन देवस्थान् पहुंचे भगवान रामलला, हुआ विशेष पूजन आरती
अष्टमी को रामलला सदन देवस्थान् से भगवान रामलला रथ पर सवार होकर पहुंचेगे अम्माजी मंदिर
अयोध्या। रामलला सदन देवस्थान् मंदिर में रामजन्म उत्सव का उल्लास अपने शिखर पर है। मंदिर में दक्षिण भारतीय परम्परा के अनुसार भगवान का विधिवत पूजन अभिषेक जा रहा है। दक्षिण भारत के प्रख्यात संत पार्थ स्वामी द्धारा स्थापित भगवान रामलला का मिलन महामहोत्सव रविवार को देर शाम मनाया गया।दक्षिण भारतीय परम्परा के अम्माजी मंदिर में शुरू हुए पंच दिवसीय ब्रह्मोत्सव के अवसर पर रविवार को सांयकाल मंगलगिरि वाहन से भगवान की शोभायात्रा बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। इस रथयात्रा में तमिलनाडु से आए पारम्परिक वाद्ययंत्रों को भी शामिल किया गया। रथारूढ़ भगवान की सवारी को चेन्नई व अन्य क्षेत्रों से आए तमिल भाषी श्रद्धालु रस्से के सहारे खींच रहे थे। यह यात्रा रामलला सदन देवस्थान् पहुंची जहां भगवान को मंदिर में विराजमान कराके दक्षिण परम्परा अनुसार आचार्यों द्धारा आरती पूजन किया गया इसके बाथ प्रसाद वितरण कर भगवान को पुनः रथ पर विराजमान कराके अम्मा जी मंदिर ले गये।
रामलला सदन देवस्थान् पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य महाराज के निर्देशन में भगवान रामलला के महा मिलन महोत्सव मनाया गया।
डा राघवाचार्य कहते है कि रामलला सदन देवस्थान् मंदिर में विराजमान भगवान रामलला का उत्सव विग्रह पूज्य पार्थ स्वामीजी द्धारा स्थापित अम्मा जी मंदिर से से यहा स्थापित हुई है। उन्हीं उत्सव विग्रह का मिलन महोत्सव मनाया गया जिसमें रामलला सदन देवस्थान् में अम्मा जी मंदिर से उत्सव विग्रह आयी जिसका यहां विशेष पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि अष्टमी तिथि को रामलला सदन का उत्सव विग्रह अम्मा जी मंदिर रथों पर विराजमान होकर जायेगी।