: पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का ध्वजारोहण के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
Sun, Apr 30, 2023
गाजे-बाजे के साथ जैन मंदिर से निकला जुलूस
जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माता के सान्निध्य में हो रहा महोत्सव
अध्योध्या। रायगंज स्थित श्री ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माता के सान्निध्य में आयोजित तीस चैबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा का रविवार को ध्वजारोहण एवं घटयात्रा जुलूस के साथ शुभारंभ हुआ। अयोध्या में गर्भकल्याणक के साथ पंचकल्याणक महोत्सव के पहले दिन घटयात्रा जुलूस निकाला गया, जिसमें पहले मंदिर परिसर में राजकुमार जैन, आशा जैन के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर गाजे-बाजे के साथ जैन मंदिर से निकला जुलूस दंतधावन कुंड, हनुमान गढ़ी चौराहा, श्रृंगार हाट, रानी बाजार के साथ मंदिर पर ही समाप्त हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण किये हुए मंगल कलश लेकर यात्रा में शामिल रहीं। जैन मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में अहमदाबाद के विजय जैन ने लुहाड़िया मुख्य बेदी पर दीप प्रज्वलन किया और जैन सर्राफ लखनऊ कैलाशचंद आदीश कुमार ने मंडप उद्घाटन कर शुभारंभ किया। मध्यान्ह काल में माता की गोद भराई एवं रात्रि में गर्भकल्याणक महोत्सव मनाया गया, जिसके बाद भगवान की माता के सोलह स्वप्न दर्शन का बहुत ही सजीव प्रदर्शन किया गया। वहीं मध्यान्ह में यागमंडल विधान एवं गर्भकल्याणक की क्रियाएं को प्रतिष्ठाचार्य पंडित विजय कुमार जैन ने विधिविधान से सम्पन्न कराया। आयोजक मंडल द्वारा जानकारी दी गई कि जगतगुरु स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के कुशल निर्देशन में आयोजित हो रहे इस महापंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। इस अवसर पर अमर चन्द्र जैन, ऋषभ जैन, सिद्धार्थ जैन, लल्ला जैन, संजीव जैन, योगेश जैन, शैनकी जैन, विजय जैन, पंकज जैन सहित महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली, अवध प्रान्त, बिहार, झारखंड, असम, हैदराबाद, छत्तीसगढ़, कर्नाटक आदि प्रांतों के हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हैं।
: सांसद जी ने कुश्ती को भारत के गांव-गांव तक फैलाया है: महंत संजय दास
Sat, Apr 29, 2023
सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में उतरे हनुमानगढ़ी के नागा साधु संत
कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है तो पहलवानों को धरना खत्म करके न्यायालय पर विश्वास करके जांच कार्यों में सहयोग देना चाहिए
अयोध्या। अयोध्या हनुमानगढ़ी पहलवानी के प्रतिनिधि श्री महंत ज्ञान दास जी महाराज के शिष्य संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास प्रेस से मुखातिब हुए और कहते है कि कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह बचपन से ही अयोध्या से जुड़े रहे और उनमें चारित्रिक दोष अयोध्या के संतो ने कभी नहीं देखा।उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर लिया है तो पहलवानों को धरना खत्म करके न्यायालय पर विश्वास करके जांच कार्यों में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने कार्यकाल में कुश्ती को भारत के गांव-गव तक फैलाया है इसके पूर्व कुश्ती एक क्षेत्र तक सीमित थी।
उन्होंने कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए सभी उम्र की वेट कैटगरी में ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन करवाया प्रो कुश्ती लीग शुरू करवाई पहलवानों को स्पॉन्सरशिप दिलवाई पहलवानों को दिलवाई और सबसे बड़ी बात सभी राज्यों के पहलवानों को समान अवसर दिलाने का कार्य किया यही कारण है कि आज उनका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भारत की कुश्ती विश्व स्तर पर पहुंची सबसे ज्यादा मेडल आए। अंत में उन्होंने कहा कि न्यायालय और पुलिस मामले की जांच कर रही है सभी पहलवानों को अपने घर जा करके अपनी ट्रेनिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कुश्ती को बढ़ाने के लिए जितना काम बृजभूषण शरण सिंह ने अपने कार्यकाल में किया अभी तक किसी ने नहीं किया था उन्होंने ओलंपिक लेवल के फ्री तैयार किए और कुश्ती फेडरेशन को आर्थिक रूप से मजबूत भी किया पुष्टि को बेसिक लेवल से बढ़ाकर उच्च स्तर तक पहुंचाया जिससे कम उम्र के बच्चे भी कंपटीशन में भाग ले सकें।इस मौके पर वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,शिवम श्रीवास्तव मौजूद रहें।
: जैन मंदिर रायगंज में महापंचकल्याणक महोत्सव आज से
Sat, Apr 29, 2023
झण्डारोहण के साथ महापंचकल्याणक का होगा भव्य शुभारंभ
चौबीसी की 720 प्रतिमाएं एवं भगवान ऋषभदेव के मोक्षगामी 101 पुत्रों के साथ भगवान भरत स्वामी की 31 फुट उत्तुंग प्रतिमा का होगा महापंचकल्याणक
अयोध्या। रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव की जन्मभूमि दिगम्बर जैन बड़ी मूर्ति स्थल पर अनेक उत्सव महोत्सव के साथ 30 अप्रैल से 7 मई तक सम्पन्न होगा महापंचकल्याणक। भगवान ऋषभदेव बड़ी मूर्ति स्थित प्रांगण में अनेक संत महापंचकल्याणक में सम्मिलित होने के लिए ससंघ पहुँच चुके हैं। महोत्सव की सम्प्रेरिका भारतगौरव गणिनीप्रमुख आर्थिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ससंघ विराजमान हैं। इसी श्रृंखला में आचार्य श्री विपुलसागर जी महाराज, आचार्य श्री विशदसागर जी महाराज ससंघ, मुनि श्री अनुसरणसागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य देने के लिए तीर्थ परिसर में पहुँच चुके हैं। 30 अप्रैल को प्रातः महोत्सव झण्डारोहण के साथ प्रारंभ हो जायेगा। समारोह का झण्डारोहण करेंगे श्रावक श्रेष्ठी श्री राजकुमार जैन, ध.प. श्रीमती आशा जैन, वीरा बिल्डर्स, दिल्ली। झण्डारोहण से पूर्व सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा घटयात्रा मंगल कलश लेकर निकाली जायेगी, जिसमें सौभागयवती
महिलाओं के द्वारा घटयात्रा मंगल कलश लेकर निकाली जायेगी, जिसमें सौभागयवती महिलाएं एवं कुंवारी कन्याएं मंगल कलश मस्तक पर लेकर चलेंगी। संस्था के अध्यक्ष एवं पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामीजी के निद्रेशन में सम्पूर्ण कार्यक्रम को सम्पन्न किया जायेगा। महोत्सव को विधिविध नपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए संहितासूरि प्रतिष्ठाचार्य श्री विजय कुमार जैन- जम्बूद्वीप, मालगांव निवासी पं. वृषभसेन उपाध्ये, लखनऊ नि. अकलंक जैन, तिवरी नि. सतेन्द्र जैन एवं श्री अजीत जैन, आदि विद्वान् अयोध्या पहुंच चुके हैं।
गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने बताया कि वर्तमान चौबीसी के 5 तीर्थकरों की जन्मभूमि है अयोध्या, जिसमें वर्तमान चौबीसी के ऋषभदेव अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ एवं अनंतनाथ भगवान का जन्मभूमि है। जन्मस्थान टोंक पर विशाल जिनमंदिर बने हुए हैं एवं प्राचीन चरण विराजमान हैं। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एक महापूजा है, जिसमें पाषाण को भगवान बनाने की किया सम्पन्न की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा जिनबिम्बों की जाती है। अनेक मंत्रों के द्वारा कुछ पाषाण के अंदर भगवान का स्वरूप प्रगट हो जाता है। 30 अप्रैल को झण्डारोहण, यागमण्डल विधान एवं गर्भकल्याणक की क्रियाएं की जायेंगी। 1 मई को भगवान का जन्मकल्याणक 2 मई को तपकल्याणक 3 मई एवं 4 मई को केवलज्ञानकल्याणक, 5 मई को मोक्षकल्याणक, 6 एवं 7 मई को रत्न की तीस चौबीसी का महामस्तकाभिषेक सम्पन्न किया जायेगा। 30 चौबीसी की 720 प्रतिमाएं एवं भगवान ऋषभदेव के मोक्षगामी 101 पुत्रों की एवं भगवान भरत स्वामी की 31 फुट उत्तुंग प्रतिमा का महापंचकल्याणक संतों के सान्निध्य में सम्पन्न किया जाना है। जिसमें मुख्यरूप से देश के विभिन्न अंचलों से श्रद्धालुगण पधार चुके हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, बिहार, झारखंड, गुजरात आदि प्रान्तों से भक्तगण बड़ी संख्या में पधार चुके हैं। कार्यक्रम का आकर्षण विशाल ए.सी. पंडाल निर्मित किया गया है, जिसमें विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति सुप्रसिद्ध गायक विक्की डी. पारिख पधार रहे हैं। कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल को समिति के द्वारा आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के सौ धर्म इन्द्र श्री अध्यात्म घ.प. श्रीमती अर्पिता जैन, लखनऊ, भगवान के माता-पिता श्री अनिल-अनीता जैन- दिल्ली आने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था श्री जम्बू प्रसाद जैन - गाजियाबाद की तरफ से रहेगी।