: शिद्दत से शिरोधार्य हुए श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महराज
Thu, Feb 23, 2023
चतुर्थ वैकुंठाेत्सव पर रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की
अयाेध्या। ऐतिहासिक सुग्रीवकिला आश्रम में भगवान राजराजेश्वर सरकार के ब्रहमाेत्सव व श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महराज का चतुर्थ वैकुंठाेत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रीमद जगद्गुरु महाराज जी के बैकुंठ उत्सव पर सप्त दिवसीय कथा का आयोजन हुआ और 23 फरवरी को श्रद्धांजलि सभा के साथ वृहद भंडारे का आयोजन किया गया।सुग्रीवकिला के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि गुरूदेव स्वामी पुरूषाेत्तमाचार्य महाराज रामजन्मभूमि आंदाेलन के अग्रणी पंक्ति के याेद्धाओं में से एक थे। उन्हाेंने राममंदिर के लिए अपना सर्वस्य न्याैछावर कर दिया। जीवन के अंतिम दिनाें तक रामजन्मभूमि मुक्ति आंदाेलन में लगे रहे। वह हम लाेगाें के बीच में नही हैं। लेकिन आज उनका सपना साकार हाे रहा है। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जल्द ही हमारे रामलला दिव्य भवन में विराजमान हाेंगे।
श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज चतुर्थ बैकुंठ उत्सव आए हुए संतो महंतों का स्वागत मंदिर के पुजारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य जी महाराज ने किया।इस अवसर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण, मंगल पीठाधीश्वर महंत राम भूषण दास कृपालु जी महाराज, महंत राम कुमार दास, श्रीमद जगद्गुरु सुरेश आचार्य महाराज, महंत उत्तम दास, महंत जयराम दास, महंत उद्धव शरण जी महाराज हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास, महंत गणेशानंद महराज सहित सैकड़ों संत महंत श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: दर्शन भवन में सहस्त्रार्चन से प्राकट्योत्सव का हुआ शुभारंभ
Thu, Feb 23, 2023
गुरुवार को मंदिर से निकलेगी भव्य शोभायात्रा, मां सरयू को चढ़ायी जायेगी चुनरी
अयोध्या। रामनगरी के जानकी घाट स्थित जगद्गुरू रामानन्दाचार्य भवन दर्शन भवन के ठाकुर श्रीजानकी जीवन के चौदहवे प्राकट्योत्सव व विश्वनाथ गौ सेवा दर्शन मंदिर का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह 8 बजे ठाकुर श्रीजानकी । जीवन सरकार की तुलसी और पुष्पा से सहस्त्रार्चन एवं 1008 बत्ती की आरती की गई। अपराहन 3 बजे भक्तों द्वारा भगवान के चरणों में समर्पण संकल्प किया गया और शाम 6 बजे से सांतिक संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की बेला में सबसे पहले गौ माता का दर्शन और पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, इसी के साथ मां सरयू को चुनरी चढ़ाया जाएगा। सायं काल की बेला में दर्शन भवन के बिहारी सरकार के फूल बंगले की झांकी में विराजमान होंगे और छप्पन भोग लगाया जाएगा। 24 फरवरी को नर्मदेश्वर भगवान शिव का अभिषेक श्रृंगार और दर्शन पूजन के साथ संतो के जेवनार के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। सिद्ध पीठ जगतगुरु स्वामी रामानंद का मंदिर दर्शन भवन की महंत डा० ममता शास्त्री ने बताया की दर्शन भवन के बिहारी सरकार का वही स्थान है जहां 13 वीं शताब्दी में जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज ने अपने धर्म जागरण दिग्विजय यात्रा क्रम में प्रवास किया था और कालांतर में अनंत विभूषित ब्रह्मलीन ब्रह्मचारी महंत विश्वनाथ प्रसाद शास्त्री गुरुदेव भगवान महाराज अपने व्रत तपस्या एवं त्याग से मंदिर को वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से ठाकुर जानकी जीवन का 15 वां प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में शुकदेव दास, विजय कुमार, अशोक कुमार मिश्र, राघवजी, अनन्या, वैदेही, शाश्वत के साथ मुख्य यजमान किरण मिश्रा सहित दर्शन भवन से जुड़े श्रद्धालु व भक्त मौजूद रहे।
: अयोध्या नगरी भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र के ऊपर विराजमान: साक्षी गोपाल
Thu, Feb 23, 2023
अयोध्या। भगवान नारायण भगवान राम जी का नाम स्मरण करने मात्र से ही करोड़ों करोड़ों जन्मों के पाप मुक्त हो जाता है इसलिए राम कथा सुननी चाहिए। स्कंद पुराण में श्रीमद् वाल्मीकि रामायण का महत्व दिया गया है। उक्त बातें श्रीमान साक्षी गोपाल दास जी अध्यक्ष इस्कॉन मंदिर धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र ने प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में चल रहें श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा कही। व्यास जी ने कहा कि श्री वाल्मीकि जी ने नारद जी से पूछा कि इस संसार में इस समय सबसे ज्यादा गुणवान, सबसे ज्यादा वीर्यवान, सबसे ज्यादा चरित्रवान, सबसे ज्यादा विद्यावान कौन है सदाचार से युक्त, सभी जीवो का प्रेमी, मन पर अधिकार रखने वाला, क्रोध पर कंट्रोल करने वाला कौन है मैं यह जानना चाहता हूं। साक्षी गोपाल दास ने कहा कि महाऋषि वाल्मीकि जी भगवान के 16 गुणों के बारे में बात कर रहे हैं महा ऋषि वाल्मीकि जी की ऐसी जिज्ञासा को सुनकर नारदजी बहुत प्रसन्न हुए।
नारद जी ने बताया कि जिन 16 गुणों के बारे में आप पूछ रहे हो इस समय इक्षवाकु कुल में श्री राम जी पूरे 16 गुणों से युक्त है और नारद जी ने पूरे 100 श्लोकों में भगवान श्री राम जी के बारे में उनके चरित्र के बारे में वर्णन किया और जो इस वर्णन को पड़ता है उसके जन्मो जन्मो के कष्ट दूर हो जाते हैं। ब्रह्मा जी वाल्मीकि जी को कह रहे हैं कि जब तक पृथ्वी पर नदी का प्रवाह रहेगा तब तक श्री राम कथा का प्रचार होता रहेगा। भगवान श्री राम जी का चरित्र तो मंगल करने वाला है इतने पवित्र चरित्र की रचना करने के लिए कोई मंगलाचरण की आवश्यकता नहीं है इसलिए श्री वाल्मीकि जी ने सीधा लिखना शुरू कर दिया। श्रीमद् वाल्मीकि रामायण जी में 24000 श्लोक, 500 शर्क, और 7 कांड है। प्रभु जी ने बताया कि जिस प्रकार काशी नगरी शिव के त्रिशूल पर बनी हुई है उस पर जो अयोध्या नगरी है वह भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र के ऊपर विराजमान है और अयोध्या नगरी को भगवान का मस्तिष्क भी कहा गया है।अयोध्या नगरी भगवान के धाम से आयी हुई नगरी है और यह चिन्मय है और यहां के वासी भी चिन्मय में है। यह महोत्सव हनुमान बाग के भजनानंदी संत महंत जगदीश दास के सानिध्य व सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री के देखरेख में हो रहा। इस मौके पर दीक्षा अरोड़ा,साधना सचदेवा, संतोष शर्मा, कृष्ण शर्मा , मीनू नरूला,अशोक नरूला ने दीप प्रज्वलित कर और प्रभु जी को माल्यार्पण करके आशीर्वाद प्राप्त किया।