: राम जन्मोत्सव का हुआ आगाज, दशरथ राजमहल में श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
Wed, Mar 22, 2023
चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान में राम जन्मोत्सव पर रामकथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ
विंदुगाद्याचार्य महान्त श्रीदेवेन्द्रप्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता व मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास के संयोजन में मनाया जा रहा उत्सव
अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक मेला चैत्र रामनवमी आज से शुरू हो गया। रामनगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का शुभारंभ हो गया।
श्रीराम लला के जन्मोत्सव पर चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राजमहल में बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के सानिध्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ। कथा के प्रथम दिवस की बेला में व्यासपीठ से श्री राम कथा के सरस प्रवक्ता श्री सत्यम पीठाधीश्वर नरसिंह दास भक्तमाली ने प्रभु श्री राम के नाम की महिमा और उनके चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम जी का चरित्र ,जीवन में संयम से प्रारंभ होता है और समाज में संयम धारण करने का संदेश देता है और प्रभु के श्री श्री राम जप से ही मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है और प्रभु के धाम में उनकी शरणागति प्राप्त होती है।
कथा के शुभारंभ में स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज ने आरती उतारी और कहां कि प्रभु श्री राम की लीला श्रवण से ही मनुष्य ही नहीं चराचर ब्रह्म में विराजमान सभी लोग मुक्त हो जाते हैं और कथा उनके चित्त को निर्मल कर देती है इसलिए भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सभी को कथा में सुननी चाहिए जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए। इस अवसर पर कथा श्रवण के लिए पधारे सभी संतो महंतों अतिथियों का श्री महाराज जी के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास ने स्वागत किया। श्री राम कथा के विश्राम बेला पर रामायण जी की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास,नव्य न्यायाचार्य तुलसी दास महाराज, रामायणी महंत रामशरण दास, करुणा निधान भवन के महंत राम जी दास सहित कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नंदकुमार मिश्र पेड़ा महाराज,संत दास सहित सैकड़ों संत महंत उपस्थित रहे।
: संकट मोचन हनुमान किला में नौ दिवसीय श्री सीताराम नाम महायज्ञ आज से
Wed, Mar 22, 2023
हनुमान किला पीठाधीश्वर श्री महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में विशाल भंडारे के साथ होगा विभिन्न अनुष्ठान
अयोध्या। राम नगरी के बाईपास स्थित सिद्ध पीठ श्री संकट मोचन हनुमान किला में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर नौ दिवसीय श्री सीताराम नाम महायज्ञ का आयोजन खाक चौक और संकट मोचन हनुमान किला के पीठाधीश्वर श्री महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में किया जा रहा है। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर 9 दिनों तक श्री सीताराम नाम महायज्ञ के साथ अखंड रामचरितमानस पाठ एवं दुर्गा सप्तशती सतचंडी पाठ का आयोजन किया जाएगा। जिसका शुभारंभ 22 मार्च को कलश यात्रा वेदी रचना और मंडप प्रवेश के साथ होगा। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को वेदी पूजन मंडप पूजन प्रातः 8 बजे से 12 बजे तक होगा इसी के साथ शाम 4 बजे अग्नि मंथन के साथ आहुतियां दी जाएगी। 30 मार्च को दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति होगी और 31 मार्च को संत ब्राह्मण भोजन के साथ बृहद भंडारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारे आराध्य का जन्मोत्सव है इसको लेकर के हम लोग विशेष तैयारी की गई है। इस 9 दिनों में वृहद भंडारे का आयोजन होगा जिसमें अयोध्या में आने वाले सभी अतिथि भोजन प्रसाद ग्रहण करें। वैसे तो इस स्थान पर लगभग 1 दशक से प्रतिदिन सायंकालीन बर्फानी दादा अन्य क्षेत्र का संचालन होता है। जिसमें अयोध्या में आने वाले श्रद्धालु बड़े ही प्रेम और श्रद्धा के साथ प्रसाद पाते है। कोरोना काल में जब लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे तब श्री महाराज जी हजारों लोगों को इसी आश्रम में प्रतिदिन भोजन कराते थे और अन्न का भंडार खोल दिए थे आश्रम में आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं जाता था।
: हिंदू धाम में बहेगी वाल्मीकि रामायण कथा की रसधार
Wed, Mar 22, 2023
ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई
यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है: महंत डॉक्टर राघवेशदास
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की सदियों पुरानी साध पूरी करने के लिए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक समय तक राम नगरी में श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई। इस अवधि में डॉ वेदांती ने बालकांड से लेकर किष्किंधा कांड तक की विस्तृत मीमांसा की। कोरोना संकट के चलते गत तीन सत्रों से चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाला उनका महनीय अनुष्ठान बाधित था, किंतु आज न केवल कोरोना संकट से मुक्ति मिल गई है बल्कि जिस स्वप्न के लिए डॉ वेदांती रामकथा की भावधारा प्रवाहित कर रहे थे, वह भी साकार हो रहा है । इस स्वर्णिम सुयोग के बीच डॉ वेदांती रामकथा के सर्वाधिक रमणीय प्रसंग के रूप में विवेचित सुंदरकांड को विषय बना कर रामकथा की रस वर्षा करेंगे । उनके नौ दिवसीय प्रवचन का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी बुधवार से हो रहा है । नया घाट स्थित हिंदू धाम के प्रांगण में 30 मार्च तक प्रस्तावित प्रवचन का समय शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक संयोजित है। डॉ वेदांती के शिष्य एवं उत्तराधिकारी महंत डॉक्टर राघवेशदास के अनुसार यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं है, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है और आज श्री राम की ही कृपा से मंदिर निर्माण के रूप में असंभव संभव हो रहा है। यद्यपि राम मंदिर के लिए चले व्यापक आंदोलन में डॉ रामविलास दास वेदांती की अग्रणी भूमिका रही है। राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष से लेकर दो दो बार लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने राम मंदिर का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक स्थापित किया और आज मंदिर निर्माण के दौर में उनकी कृतज्ञता रामकथा के रूप में अर्पित होते देखना रोचक होगा।