: गुरु हमें सिखाता है सही आदर्शों का पालन करना : अर्जुनद्वाराचार्य
Wed, Jul 9, 2025
गुरु हमें सिखाता है सही आदर्शों का पालन करना : अर्जुनद्वाराचार्य
चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान सहित नगरी के हजारों मंदिरों में मनेगा गुरु पूर्णिमा महोत्सवश्रीराम सुंदर तुलसी मानस सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगल भवन में गुरु पूर्णिमा पर होगा विविध कार्यक्रमअयोध्या। पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा, जिसे हम व्यास पूर्णिमा के भी नाम से जानते हैं। इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। गुरु पूर्णिमा महोत्सव 10 जुलाई दिन गुरुवार को अयोध्या समेत पूरे देश दुनिया में धूमधाम से मनाया जायेगा। इस दिन सभी शिष्यगण अपने-अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन, वंदन करेंगे। गुरु पूर्णिमा एवं उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रीराम सुंदर तुलसी मानस सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव के शुभ अवसर पर गुरुजनों का वन्दन अर्चन करना चाहिए। इससे बहुत ही पुण्य की प्राप्ति होती है और शिवादि देवो का अनुग्रह प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि गुरु हमें अज्ञान के अंधकार से बाहर निकालकर ज्ञान का प्रकाश देते हैं। जीवन में गुरु का महत्व इसलिए भी अधिक है। क्योंकि वे हमें सही आदर्शों का पालन करना सिखाते हैं। उनके मार्गदर्शन से हम अपने जीवन में बड़े-बड़े लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। गुरु का सम्मान करना और उनकी बातों का पालन करना हर शिष्य का कर्तव्य है। गुरु नाम में ही सम्मान और शिक्षा का भाव होता हैं। इंसान अपने जीवन में सब कुछ कर सकता है। परंतु वो जो कर रहा है, वो काम सही है या नहीं ये जानने की सीख उसे गुरु से मिलती है। एक दूसरे का सम्मान करना और अपने देश से प्रेम करना गुरु से ही सीखने को मिलता है। हर व्यक्ति के जीवन में एक अच्छे गुरु की आवश्यकता होती है। जो हमें अंधकार से निकाल कर उजाले की ओर ले जाता। अर्थात अज्ञान से ज्ञान की ओर बढ़ाता है। गुरु एक सच्चा मार्गदर्शक एवं पथ प्रदर्शक होता है। बिना गुरु के कुछ भी संभव नही है। वही हमें भवसागर पार कराता है।
: गुरुदेव महाराज विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे: महंत कुलदीप दास
Tue, Jul 8, 2025
गुरुदेव महाराज विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे: महंत कुलदीप दासश्रद्धा से याद किए गए श्रीमहंत सरयू दास जी महाराज, मंदिर में 9वीं पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गईअयोध्या। रामनगरी के सुप्रसिद्ध पीठ राघव मंदिर रामघाट के पूर्वाचार्य श्रीमहंत सरयू दास महाराज की 9वीं पुण्यतिथि निष्ठापूर्वक मनाई गई। रामनगरी के संत-महंत एवं धर्माचार्यों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। पुण्यतिथि पर सोमवार को मठ प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। श्रद्धांजलि सभा में अयोध्यानगरी के संत-महंत, धर्माचार्यों ने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संतों ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। पूर्वाचार्य के पुण्यतिथि महोत्सव पर संत-महंत, भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर राधव मंदिर के वर्तमान पीठाधीश्वर युवा महंत कुलदीप दास जी महाराज ने बताया कि आश्रम में गुरुदेव श्रीमहंत सरयू दास महाराज की 9वीं पुण्यतिथि मनाई गई। पुण्यतिथि महोत्सव पर अयोध्याधाम के सभी संत-महंत, धर्माचार्य सम्मिलित हुए। जिन्होंने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संतों ने फिर अपनी वाक् पुष्पांजलि अर्पित की। गुरुदेव महाराज विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे। जिन्होंने अयोध्यानगरी में एक विशाल आश्रम का कार्यभार संभाला और उसका सर्वांगीण विकास किया। जहां ठाकुरजी की सेवा संग गौ, संत, विद्यार्थी व आगंतुक सेवा सुचार रूप से चल रही है। सभी उत्सव, समैया, त्योहार आदि परंपरानुसार मनाया जा रहा है, जिसमें मंदिर से जुड़े शिष्य-अनुयायी, परिकर सम्मिलित होकर पुण्य के भागीदार बनते हैं एवं अपना जीवन कृतार्थ करते हैं। मठ अपने उत्तरोत्तर समृद्धि की ओर अग्रसर है। महाराज श्री गौ व संत सेवी थे। जिनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उनका अनुसरण कर मैं आगे बढ़ रहा हूं। जिन्होंने सेवा को ही अपना धर्म माना। सेवा धर्म को अंगीकार किया। अपने शिष्य-अनुयायियों को सेवा का पाठ पढ़ाया। साथ ही धर्म के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि सेवा से बढ़कर और कोई धर्म नही है। सेवा ही परमोधर्मा अर्थात सेवा ही परम धर्म है। उनके मार्गदर्शन में कई सेवा प्रकल्प के कार्य संचालित हुए। जिनमें बहुत से सेवा प्रकल्प के कार्य आज भी चल रहे हैं। उनके अंदर संतत्व के सारे गुण रहे। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। महंत कुलदीप दास महाराज ने आए हुए संत-महंत, धर्माचार्य, विशिष्टजनों का स्वागत-सम्मान किया। इस अवसर पर महंत रामकृष्ण दास, महंत रामनरेश शरण, महंत उत्तम दास, महंत राममिलन दास, महंत शैलेश दास, पुनीत दास, संत दास आदि संत-महंत, भक्तजन मौजूद रहे।
: परमा अकादमी इंटर कॉलेज को रक्षा मंत्रालय से मिली एनसीसी प्रशिक्षण की मान्यता
Sat, Jul 5, 2025
परमा अकादमी इंटर कॉलेज को रक्षा मंत्रालय से मिली एनसीसी प्रशिक्षण की मान्यताहमारा लक्ष्य अकादमी के कैडेट्स स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजनों में अयोध्या का प्रतिनिधित्व करें: सुनीताएनसीसी प्रशिक्षण में भाग लेकर देश सेवा का संकल्प ले: डा सुधीर रायअयोध्या। परिक्रमा मार्ग स्थित परमा अकादमी इंटर कॉलेज को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल कैडेट कोर (NCC) के तहत सैन्य प्रशिक्षण की मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि पर समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने हर्ष व्यक्त किया है। रक्षा मंत्रालय के इस निर्णय से अब विद्यालय के छात्र-छात्राएं अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और सामाजिक भावना जैसे गुणों के साथ राष्ट्र सेवा के लिए प्रशिक्षित हो सकेंगे।
विद्यालय की प्राचार्या सुनीता राय ने बताया कि इस मान्यता के माध्यम से छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर अपने विद्यालय और अयोध्या का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि परमा अकादमी के कैडेट्स स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजनों में अयोध्या का प्रतिनिधित्व करें और राष्ट्रीय क्षितिज पर विद्यालय की उपस्थिति दर्ज कराएं।
परमा अकादमी के महाप्रबंधक पंडित श्रीनारायण वैद्य ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया और राष्ट्र सेवा की भावना से ओतप्रोत होने का संदेश दिया। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार राय ने भी बच्चों को बधाई देते हुए उन्हें मनोयोग से एनसीसी प्रशिक्षण में भाग लेकर देश सेवा का संकल्प लेने को कहा। विद्यालय में इस मान्यता के बाद छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।