: मां सरयू को समर्पित हुई 750 मीटर की चुनरी
Sat, Nov 5, 2022
बड़ा भक्तमाल जी की छावनी में श्री राम शरण दास महाराज का चल रहा है 47 वां वार्षिकोत्सव
आज सजेगी भव्य फूल बंगला की झांकी,भगवान को लगेगा छप्पन भोग
अयोध्या। श्री राम नगरी अयोध्या के सिद्ध पीठ श्री बड़ा भक्तमाल जी की छावनी के पूर्वाचार्य महंत रामशरण दास महाराज का 47 वां नौ दिवसीय वार्षिकोत्सव समारोह में आज शनिवार को मां सरयू को 750 मीटर की चुनरी श्री महंत कौशल किशोर दास महाराज के सानिध्य और आशीर्वाद के साथ मंदिर की उत्तराधिकारी महंत अवधेश कुमार दास महाराज के संयोजन में चढ़ाई गई। बड़ा भक्त मल मंदिर परिसर से बैण्ड बजे के साथ भव्य शोभायात्रा मां सरयू के तट तक निकली। जिसमें भगवान के स्वरूप के साथ अयोध्या के रामलला सदन पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य महाराज, रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण, नागा लखन दास सहित बड़ी संख्या संत महंत और भक्तगण मौजूद रहे।मां सरयू का दूध से अभिषेक व पूजन किया गया और वैदिक मंत्रोचर के साथ मां सरयू को चुनरी अर्पित की गई।
महंत अवधेश कुमार दास महाराज ने बताया कि पूज्य गुरुदेव जी के सानिध्य में प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मां सरयू को चुनरी अर्पित की जाती है और इसी अवसर पर मंदिर परिसर में कथा का भी आयोजन होता है।उन्होंने बताया कि मां सरयू सभी का कल्याण करें इस उद्देश्य से प्रतिवर्ष चुनरी चढ़ाया जाता है और माता का दुग्ध अभिषेक किया जाता है और इसी कार्यक्रम के तहत श्री ठाकुर जी का छप्पन भोग फूल बंगला झांकी व भगवान को छप्पन भोग के साथ भंडारा आयोजित किया गया है। मंदिर परिसर में कथा महायज्ञ भी चल रहा है। चुनरी महोत्सव में महंत जन्मेजय शरण, महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास, कृपालु राम भूषण दास, विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा सहित हजारों की संख्या में साधु संत धर्माचार्य एवं भक्तगण मौजूद रहे।
: कामधेनु आश्रम के पूर्वाचार्य महंत गोवर्धन दास को संतो ने किया नमन
Sat, Nov 5, 2022
अयोध्या। वैष्णो नगरी अयोध्या के बाईपास स्थित कामधेनु आश्रम में पूर्वाचार्य महंत गोवर्धन दास महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर महामंडलेश्वर रामलोचन दास के सानिध्य में वर्तमान महामंडलेश्वर महंत आशुतोष दास के संयोजन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें अयोध्या के मूर्धन्य विद्वान एवं संतों महंतों ने श्री महाराज जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया की महाराज जी सरल स्वभाव के संत थे और आश्रम में निरंतर संत सेवा गौ सेवा करते रहते थे। महामंडलेश्वर आशुतोष महाराज ने बताया की गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से आश्रम में संत सेवा गौ सेवा और ठाकुर जी की सेवा निरंतर चल रही है और चलती रहेगी।श्रद्धांजलि सभा में महंत बलराम दास, मंगल पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास महंत अर्जुन दास सतगुरु बधाई भवन के पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन शरण, बाल योगी महंत रामदास, विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, सांसद बृजभूषण सिंह, समाजसेवी सुदीप भूषण शरण सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, पूर्व राज्य मंत्री तेज नारायण पांडे पवन सहित हजारों की संख्या में संत महंती एवं भक्तगण श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: संतो के सानिध्य में दिव्य रामोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
Sat, Nov 5, 2022
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामोत्सव की सफलता के लिए शुभकामना संदेश किया प्रेषित
ठाकुर सीतारामदास ओंकारनाथ के रूप में संबोधित, जहां "ओंकार" सर्वोच्च ब्रह्मांडीय ज्ञान का प्रतीक: किंकर विठ्ठल
अयोध्या। अयोध्या में देव दीपावली पर चल रहे तीन दिवसीय श्री रामोत्सव और अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय धार्मिक संगठन अखिल भारत जयगुरू संप्रदाय के आचार्य किंकर विठ्ठल रामानुज महाराज के उपस्थिति व अयोध्या के प्रमुख धर्माचार्य सियाराम किला झुनकी घाट के महंत करुणानिधान शरण, श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास, संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास, महंत धर्मदास, महंत दामोदरदास, महंत पवन कुमार दास, महंत दिलीप दास के उपस्थित मे हुआ शुभारंभ। कार्यक्रम के संयोजक प्रियानाथ चट्टोपाध्याय ने बताया की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामना संदेश प्रेषित की है। श्री रामोत्सव के पहले दिन लेजर शो आकर्षण का केंद्र रहा दीपोत्सव के बाद अयोध्या में फिर एक बार सुरसर मंदिर में दीपोत्सव जैसा नजर दिखा। इस अवसर पर किंकर विट्ठल महाराज ने इस अवसर पर बताया की श्री श्री सीतारामदास ओंकारनाथ (17 फरवरी 1892 से 6 दिसंबर 1982) एक प्रमुख भारतीय वैष्णव संत थे।19 वीं शताब्दी के भक्ति पंथ आध्यात्मिक प्रकाशमान थे और भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के एक अद्वितीय मानवतावादी थे।
उन्होंने बताया कि श्री श्री ठाकुर सीतारामदास ओंकारनाथ के रूप में संबोधित, जहां "ओंकार" सर्वोच्च ब्रह्मांडीय ज्ञान का प्रतीक है और सर्वोच्च चेतना प्राप्त करता है। उन्हें कलियुग के दिव्य अवतार के रूप में घोषित किया गया था और सनातन धर्म और वैदिक आध्यात्मिक पथ के सिद्धांतों को अनगिनत भक्तों को दिया गया था। दुनिया भर में, केंद्रीय विषय और हरे कृष्ण हरे राम के दिव्य जप नाम के लाभ पर सर्वोपरि महत्व के साथ - सर्वशक्तिमान "तारक ब्रह्म नाम" के रूप में माना जाता है।कलियुग में आत्मा उद्धार का मंत्र और "मोक्ष" जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति। जैसे है। शत्रुघ्न निवास के महंत पवन कुमार शास्त्री और महंत दिलीप दास महाराज ने श्री राम और भरत मिलन पर मार्मिक चर्चा की उपस्थित लोग इस चर्चा को सुनकर मंत्र मुक्त हुए वहीं श्यामसुंदर बंदो बैण्ड की सु मधुर ताल ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम का समापन भगवान श्री राम के भजन से हुआ। संचालन महंत दिलीप दास त्यागी महाराज ने किया। इस मौके पर दिनेश चंद्र शर्मा आएसएस, राजकुमार, आशुतोष कुमार द्धिवेदी आईएएस ,वी ललिता लक्ष्मी जी आईएएस, मीता पंडित, राजू जी भजन गायक, इंद्राणी चट्टोपाध्याय सहित सैकड़ों लोग व्यवस्था लगे हुए है।