: रामोत्सव व अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ आज
Sat, Nov 5, 2022
आजादी के अमृत महोत्सव पर इनक्रेडिबल इंडिया व अखिल भारतीय जय गुरु संप्रदाय सयुक्त तत्वावधान में हो रहा तीन दिवसीय ऐतिहासिक कार्यक्रम
350 विधवा महिलाओं जलायेगी 1 लाख दीप, लेजर शो के साथ श्यामसुंदर बंदो बैंड होगा आकर्षक का केंद्र
रामोत्सव में अयोध्या के साथ-साथ पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से आ रहे हजारों लोग देखेंगे दीपोत्सव जैसा नजारा: प्रियनाथ
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या के सुरसर मंदिर में देव दीपावली आयोजित भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव पर इनक्रेडिबल इंडिया व अखिल भारतीय जय गुरु संप्रदाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री रामोत्सव व अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल की तैयारी हुई पुरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व जय गुरु संप्रदाय के आचार्य किंकर विट्ठल रामानुज महाराज के साथ रामनगरी अयोध्या के विशिष्ट संत धर्माचार्य के सानिध्य में शनिवार 5 नवंबर को शाम 5:30 बजे 350 विधवा महिलाओं द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का होगा शुभारंभ तैयारियां हुई पुरी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दिनेश चंद्र शर्मा आरएसएस, राजकुमार संपादक कमल ज्योति पत्रिका, लल्लू सिंह सांसद, वेदप्रकाश गुप्ता विधायक अयोध्या, ऋषिकेश उपाध्याय मेयर अयोध्या होंगे शामिल।
दीपोत्सव के बाद एक बार फिर श्री रामोत्सव कार्यक्रम में अयोध्या के साथ-साथ पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से आ रहे हजारों लोग देखेंगे दीपोत्सव जैसा नजारा।कार्यक्रम के संयोजक प्रियानाथ चट्टोपाध्याय ने बताया की 5 बजकर 30 मिनट पर उद्घाटन के बाद शाम 6:30 बजे लेजर सो और उसके तुरंत बाद शाम 6.40 श्यामसुंदर बंदो बैंड के बाद , पहले साहित्यिक सत्र में शाम 7 बजे महंत पवन शास्त्री व महंत दिलीप दास के मध्य श्री राम और भारत मिलन पर होगी मार्मिक चर्चा।शाम 7:45 पर मीता पंडित के साथ श्री राम भजन और रात्रि 8:45 पर आई ए एस श्रीमती के वी. ललितालक्ष्म निर्देशक निफ्ट और अर्जुन चक्रवर्ती के साथ श्री रामायण और प्रशासन में इसका प्रभाव पर चर्चा की जाएगी और पहले दिन की समापन बेला का अंतिम कार्यक्रम 9.20 संजय हरेन द्वारा श्री राम के भजन से होगा। रात्रि 10 बजे सभी को प्रसादम वितरण के साथ होगा समापन द्वितीया दिवस 6 नवंबर को फिर शाम 5:30 बजे से कार्यक्रम का होगा शुभारंभ।
: विधि विधान के साथ भरतकुंड महोत्सव का शुभारंभ
Tue, Nov 1, 2022
चरण पादुका यात्रा का हुआ स्वागत, उतारी गई आरती
अयोध्या। महात्मा भरत जी की तपोस्थली भरतकुंड में मंगलवार से विधि विधान के साथ 24 वें भरतकुंड महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पहले दिन भव्य स्वरूप के साथ चरण पादुका यात्रा निकाली गई। यात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ और आरती उतारी गई। सात दिवसीय भरतकुंड महोत्सव के पहले दिन प्रतियोगिताएं भी हुईं।महोत्सव शुभारंभ पर अयोध्या शोध संस्थान अयोध्या से निकाली गई चरण पादुका यात्रा विद्याकुंड, दर्शननगर, आचारी का सगरा, इतौरा, हनुमंत नगर, मधुपुर होते हुए नंदीग्राम में पहुंची। पूरे यात्रा मार्ग पर जगह दृ जगह स्वागत हुआ और आरती उतारी गई। आयोजन समिति ने बताया कि यह चरण पादुका अगले दीपोत्सव में पुनः राम राज्याभिषेक के समय अयोध्या ले जाई जायेगी। यात्रा न्यास अध्यक्ष अंजनी कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में निकली।यात्रा में चरण पादुका सिर पर रखे भरत, शत्रुघ्न, वशिष्ठ और सुमंत्र के वेश में कलाकार रहे। यात्रा में महंत गिरीशपति त्रिपाठी, मंगल पीठाधीश्वर महंत कृपालु भूषण दास महाराज, महंत बृज मोहन दास, सतीश पाण्डेय, योगेश मिश्रा, सचिन तिवारी, सुमित तिवारी, काजल पाठक, संदीप चतुर्वेदी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
: गोपूजन कर धूमधाम से मनाई गई गोपाष्टमी
Tue, Nov 1, 2022
गाय हमारी वैदिक संस्कृति की पोषक हैं: महंत माधव दास
गौ वंश का संरक्षण संवर्धन अति आवश्यक है: महंत जनार्दन दास
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के हनुमानगढ़ी के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास जी गौ सेवा के लिए जाने पहचाने जाते है। माधव बाबा के आश्रम में आधुनिक गौशाला बना हुआ है जहां पर गायों के लिए एसी हाल तक बनवाया है। आज गोपाष्टमी पर महंत माधव दास ने विधिवत गौ पूजन किया।उन्होंने कहा कि गाय का लुप्त होना वैदिक संस्कृति के लिये अशुभ संकेत हैं। सभी पालतू पशुओ में गौवंश कलयुग में सबसे ज्यादा संकट में हैं। यदि सरकार ने इसके लिये सकारात्मक प्रयास न किए तो गाय पूरी तरह विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाये गए। लेकिन सुधार के नाम पर देशी की जगह विदेशी नस्ल हावी हो गई हैं। महंत माधव बाबा ने कहा कि गाय हमारी वैदिक संस्कृति की पोषक हैं। भगवान कृष्ण न ही असीम सेवा करके वैदिक संस्कृति की रक्षा करने का काम किया था इसलिये हम सभी का दायित्व बनता है कि गाय की पूजा-अर्चना के साथ उसको बचाने का भी प्रयास करें।
तो वही तुलसी दास जी की छावनी में समाजसेवी महंत जनार्दन दास मलखान बाबा ने दर्जनों गौवंशो का वैदिक रीति से पूजन कर आरती की। महंत जनार्दन दास महाराज ने कहा गौवंशो को सुरक्षित रखने के लिये सरकारों को दृढइच्छा शक्ति का प्रदर्शन करना होगा।गौ वंश का संरक्षण संवर्धन अति आवश्यक है। समाज को चाहिए कि वह गौ पालन को बल प्रदान करे। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही यह मान्यता चली आर ही है कि गाय ही विश्व की माता है,भारत की तो यह आत्मा ही है। उन्होंने कहा गऊ पालन से परिवारों पर बोझ नही बल्कि परिवार सुखी सम्पन्न होगा।गोसेवा करने वाला मनुष्य हर संकटों से मुक्त रहता है। गौ पूजन कार्यक्रम में महंत रामकरन दास, महंत सत्यदेव दास, प्रधान श्यामजी दूबे आदि लोग मौजूद रहें।