: श्रीराम का चरित्रबल सृष्टि-जीवन में विशिष्ट बनाता है: साक्षी गोपाल
Wed, Feb 22, 2023
हनुमान बाग महंत जगदीश दास के सानिध्य में चल रहा महोत्सव
अयोध्या। महर्षि वाल्मीकि तब तक रामायण की रचना नहीं कर पाये जब तक श्रीजानकी वाल्मीकि के आश्रम पर नहीं गयी।काव्य विना पीड़ा के प्रकट नहीं होता।महर्षि वाल्मीकि के हृदय में इतनी करुणा का उदय हुआ कि एक बहेलिये के बाण से मरे क्रौंच पक्षी को देखकर उनका हृदय रो उठा और सहसा एक शोक प्रकट हुआ जो श्लोक बन गया।दुनिया की पहली कविता वाल्मीकि की पीड़ा से प्रकट हुयी।पर इतनी पीड़ा करूणामयी जानकी के चरित्र को लिखने में समर्थ नहीं हो पायी।अत: श्रीराम ने जानकी को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम पर भेजा।जब महर्षि वाल्मीकि ने श्रीसीता की पीड़ा देखी तो हृदय में इतनी करूणा आयी कि वो रामायण लिखने में समर्थ हो गये। उक्त बातें श्रीमन् साक्षी गोपाल दास अध्यक्ष इस्कॉन कुरुक्षेत्र ने हनुमान बाग में श्रीमद्वावाल्मीकीय रामायण कथा महोत्सव के द्धितीय दिवस में कही। साक्षी गोपाल दास जी श्रीमद्वावाल्मीकीय रामायण की कथा को समझाते हुए कहा कि प्रश्न है कि श्रेष्ठ चरित्र किसका है?या श्रेष्ठजन किसके चरित्र का गान करते हैं?यह हमारे और आपके मन में उठने वाला ही प्रश्न नहीं है महर्षि वाल्मीकि से लेकर गोस्वामी श्रीतुलसीदास जी तक सबके मन में यही प्रश्न था।इसका उत्तर आप ढूँढने चलेंगे तो सबसे पहले जो बात आपके मन में आयेगी वो ये कि किसी के चरित्र को श्रेष्ठ माना जाय इसकी कसौटी क्या है?श्रीराम के अवतार से पहले शास्त्रों ने श्रेष्ठ चरित्र किसका माना जाय इसकी बहुत सी कसौटियाँ रखी हैं। उन्होंने कहा कि चरित्र का बल व्यक्ति को प्रभावी बनाता है। उन्होंने कहा कि संसार में बहुत सारे लोग शरीर और स्वभाव से सौन्दर्यवान् होते हैं लेकिन चरित्र से दुर्बल होते हैं।चरित्र की कमज़ोरी सौन्दर्य के सारे गौरव को नष्ट कर देती है।श्रीराम का चरित्रबल ही उन्हें समस्त सृष्टि-जीवन में विशिष्ट बनाता है। यह महोत्सव अन्तर्राष्ट्रीय श्री कृष्ण भावनामृत संघ के तत्वावधान में इस्कॉन कुरुक्षेत्र द्धारा हो रहा है। इस महोत्सव को भक्ति मय से परिपूर्ण बनाने में इस्कॉन के वर्तमान आचार्य श्रील् गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज एवं श्रीमन् महामन दास अपना आशीर्वाद देगें। महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग मंदिर के भजनानंदी संत महंत जगदीश दास महाराज कर रहें। कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें।आयोजन के यजमान अतुल कृष्ण दास, गोविंद कृष्ण दास, भावना गोयल,नीरज गोयल, मीनू नरुला,अशोक नरुला, दीक्षा अरोड़ा, साधना सचदेवा, संतोष शर्मा, कृष्ण शर्मा, राज रानी, चरण दास सैनी, ममता अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, गीता शर्मा, राजीव मोहन, वीना ग्रोवर, अशोक ग्रोवर, कमलाप्रिय देवी दासी, मनु कृष्ण दास, अर्चना मित्तल, पवन मित्तल, नीता गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, मधु सिंगला, हरबंस लाल सिंगला, स्नेह गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता, सुभद्रा लीली देवी दासी,कृष्ण सेवक दास, रामेश्वरी दया देवी दासी, नीलम मग्गु, अशोक मग्नु, जमना देवी, सुदेश सचदेवा, मोहिनी देवी दासी, अनुराधा लक्ष्मी देवी दासी, डा राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: वाल्मीकीय रामायण सृष्टि का प्रथम महाकाव्य: साक्षी गोपाल दास
Mon, Feb 20, 2023
हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद्वावाल्मीकीय रामायण महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
अन्तर्राष्ट्रीय श्री कृष्ण भावनामृत संघ के तत्वावधान में इस्कॉन कुरुक्षेत्र द्धारा हो रहा महोत्सव
अयोध्या। वाल्मीकीय रामायण सृष्टि का प्रथम महाकाव्य है। राम केवल व्यक्ति की संज्ञा नही अपितु एक जीवन-पद्धति की संज्ञा है।महर्षि वाल्मीकि ने राम के चरित्र को मानवीयता के धरातल पर चित्रित किया है।वाल्मीकीय रामायण का प्राण जानकी का चरित्र है। उक्त बातें श्रीमन् साक्षी गोपाल दास अध्यक्ष इस्कॉन कुरुक्षेत्र ने हनुमान बाग में श्रीमद्वावाल्मीकीय रामायण कथा महोत्सव के प्रथम दिवस में कथा शुभारंभ के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जानकी जी की वेदना को महर्षि वाल्मीकि ने अभिव्यक्ति दी है।वेदना के विना हम मानव कहलाने के अधिकारी नहीं हैं।श्रीजानकी का चरित्र करूणा का चरित्र है।श्रीजानकी चरित्र श्रवण का फल यह है कि हृदय में करूणा का अवतरण हो जाये।
यह महोत्सव अन्तर्राष्ट्रीय श्री कृष्ण भावनामृत संघ के तत्वावधान में इस्कॉन कुरुक्षेत्र द्धारा हो रहा है। इस महोत्सव को भक्ति मय से परिपूर्ण बनाने में इस्कॉन के वर्तमान आचार्य श्रील् गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज एवं श्रीमन् महामन दास अपना आशीर्वाद देगें। महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग मंदिर के भजनानंदी संत महंत जगदीश दास महाराज कर रहें। कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें। कथा से पूर्व मंदिर से कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ निकली। आयोजन के यजमान अतुल कृष्ण दास, गोविंद कृष्ण दास, भावना गोयल,नीरज गोयल, मीनू नरुला,अशोक नरुला, दीक्षा अरोड़ा, साधना सचदेवा, संतोष शर्मा, कृष्ण शर्मा, राज रानी, चरण दास सैनी, ममता अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, गीता शर्मा, राजीव मोहन, वीना ग्रोवर, अशोक ग्रोवर, कमलाप्रिय देवी दासी, मनु कृष्ण दास, अर्चना मित्तल, पवन मित्तल, नीता गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, मधु सिंगला, हरबंस लाल सिंगला, स्नेह गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता, सुभद्रा लीली देवी दासी,कृष्ण सेवक दास, रामेश्वरी दया देवी दासी, नीलम मग्गु, अशोक मग्नु, जमना देवी, सुदेश सचदेवा, मोहिनी देवी दासी, अनुराधा लक्ष्मी देवी दासी, डा राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: महंत रामशरण दास को संतों ने किया नमन
Sun, Feb 19, 2023
गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के सानिध्य में मनाया गया त्रयोदशी संस्कार, हुआ विशाल भंडारा
हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व युवा नागा साधु मामा दास ने संतों का किया परम्परागत तरीके से स्वागत
अयोध्या। रामनगरी के प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के काका गुरु श्री खाकी बाबा संस्थान राम जानकी मंदिर अचलपुर अमरावती के महंत रामशरण दास का त्रयोदशी संस्कार आज हनुमानगढ़ी के इमली बगिया में बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें रामनगरी के सभी संतो महंतों ने महंत रामशरण दास महाराज को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन वृहद भंडारे के साथ हुआ। आये हुए अतिथियों का स्वागत गद्दी नशीन जी के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास व युवा नागा साधु मामा दास ने परम्परागत तरीके से किया।
महंत डा महेश दास महाराज ने बताया कि महंत रामशरण दास जी महाराज गद्दी नशीन जी महाराज के काका गुरु थे, उनका 110 वर्ष की आयु में 7 फरवरी को साकेतवास हो गया था। इसी के उपलक्ष्य में आज इमली बगिया में श्रद्धांजलि सभा व बड़े पैमाने पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जिसमें रामनगरी के सभी संत महंत शामिल हुए। इस मौके पर निर्वाणी अनी अखाड़ा श्री महंत मुरली दास, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास,महंत रामचरन दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत रामशंकर दास, महंत सत्यदेव दास, महंत अवधकिशोर शरण, महंत राजेंद्र दास, महंत इन्द्र देव दास, संरपच महंत रामकुमार दास, महंत विमल दास, महंत राम करन दास, कृष्ण कुमार दास, पुजारी रमेश दास, संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास, आनंद दास, राजू दास, कल्लू दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें।