: तोताद्रिमठ में श्रीरामजन्मोत्सव का छाया उल्लास
Sat, Apr 1, 2023
श्रीलक्ष्मी वेंकटेश भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार संग पंचामृत, फलों का रस व सुगंधित औषधियों से किया गया अभिषेक पूजन
अयोध्या। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ श्रीउत्तर तोताद्रिमठ विभीषणकुंड समेत अन्य मठ-मंदिरों में श्रीरामजन्मोत्सव का उल्लास दूसरे दिन भी छाया रहा। महोत्सव को उत्तर तोताद्रिमठ पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य महाराज ने अपना संयोजकत्व प्रदान किया। रामनवमी पर मठ के गर्भगृह में विराजमान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार संग पंचामृत, फलों का रस व सुगंधित औषधियों से अभिषेक पूजन किया गया। तदुपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराया और दिव्य श्रृंगार किया। उसके बाद अभिजित मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का प्राकट्य हुआ। पूरा मंदिर प्रांगण जनम लिए रघुरैया अवध में बाजे बधइया... से गूंज उठा। साधु-संत एवं भक्तगण खुशी से आहलादित होकर झूमने लगे। भगवान को विविध पकवानों का भोग लगाकर भव्य आरती उतारी गई। उसके बाद साधु- संत व भक्तगणों को प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर जगदुरू स्वामी अनंताचार्य महाराज ने बताया कि अयोध्याधाम में रामनवमी का बड़ा ही महत्व है। क्योंकि इस दिन प्रभु श्रीराम ने श्रीअवध धाम में अवतार लिया। जेहि दिन रामजनम श्रुति गावहिं । तीरथ सकल जहां चली आवहिं ।। अर्थात जिस दिन भगवान श्रीराम का जन्म होता है। उस दिन सभी तीर्थ अयोध्या चले आते हैं। पतित पावनी सरयू सलिला में स्नान करते हैं और श्रीरामजन्मोत्सव में सम्मिलित होते हैं। खुद तीर्थों के तीर्थ प्रयागराज जो सभी के पाप धुलते हैं। वह अपना पाप धुलने के लिए स्वयं रामनवमी के दिन अयोध्या आते हैं। पावन सरयू सलिला में स्नान करते हैं और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होकर जीवन धन्य बनाते हैं। अयोध्या संतों की देवभूमि व नगरी है। जहां संत विराजते हैं एवं रामनाम का गुणगान गाते हैं। इस मौके पर बालदेशिक सोपान ट्रस्ट मैनेजर केशव नारायण दूबे समेत अन्य उपस्थित रहे।
: गुरुद्वारा ने रामनवमी पर श्रद्धालुओं का वितरित किया प्रसाद
Sat, Apr 1, 2023
ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्रीगुरुनानक गोविंदधाम नजरबाग ने श्रद्धालुओं की किया सेवा
अयोध्या। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्रीगुरुनानक गोविंदधाम नजरबाग में भगवान राम के जन्मोत्सव पर परंपरागत रूप से विगत कई वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। दोपहर 12 बजे घंटे, घड़यालों के अनहद नाद के साथ ही नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरि प्रीता की स्वर लहरी से जब पूरी अयोध्या गुंजायमान हुई। तो मानव सेवा का लक्ष्य लेकर चलने वाली संस्था खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा चेयरमैन व गुरुद्वारा नजरबाग के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह, सेवादार नवनीत सिंह, समूह सेवादारों, अयोध्या व आसपास की संगत के सहयोग से गुरुद्वारा नजरबाग प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के लिए हलुवा, चना, जल आदि का लंगर लगाकर सेवा किया गया। गुरुनानक देव महाराज द्वारा चलाई गई लंगर सेवा की परंपरा का निर्वहन करते हुए पिछले डेढ़ दशकों से गुरुद्वारा नजरबाग में प्रतिदिन अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और प्रत्येक जरूरतमंदों के लिए लंगर सेवा का प्रबंध रहता है। जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रभु राम का विलक्षण जीवन आज के मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा देता है। वहीं वनवासी बनके भी शबरी, अहिल्या, केवट, सुग्रीव जैसे तमाम लोगों का कल्याण किया। इससे ये साबित होता है कि परोपकार और समाज कल्याण के लिए वैभव या अभाव नहीं बल्कि सच्ची नीयत और आत्मबल आवश्यक होता है। सेवादार नवनीत सिंह ने इस कार्यक्रम में आए हुए सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताया।
: रसमोद कुंज में श्रीरामजन्मोत्सव पर युगल बधाई में संत साधक सराबोर
Sat, Apr 1, 2023
प्रसिद्ध पीठ रसमोद कुंज, गोलाघाट में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की बधाई गीत की रसधार
श्रीराम इस जगत के पालनहार हैं: महंत राम प्रिया शरण दास गिरधारी जी
अयोध्या। रामनगरी में प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव का उल्लास अभी भी जारी है क्योंकि प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के बाद भी बधाई गीत का सिलसिला जारी रहता है। चौत्र शुक्ल की एकादशी तिथि तक कई मंदिरों में बधाई गीत होते हैं और कई स्थानों में भगवान का छठोत्सव भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। श्री राम नगरी के प्रसिद्ध पीठ रसमोद कुंज, गोलाघाट में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की बधाई गीत की रसधार अभी भी बह रही है जिसका आनंद अयोध्या के संतो महंतों के साथ सिद्ध पीठ से जुड़े देश के कोने कोने से श्रद्धालु भक्त उठा रहे हैं। सिद्ध पीठ रसमोद मंदिर में युगल बधाई का आयोजन किया जा रहा है। अयोध्याधाम के अनेकानेक नामचीन कलाकारों ने जन्मोत्सव के विभिन्न पद्य गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया औऊ भक्तगण आनंद की रसगंगा स्नान कर रहे है।
यह महोत्सव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत राम प्रिया शरण दास गिरधारी जी महाराज के संयोजन में मनाया जा रहा था, अंत में उनके द्वारा लोगों को नेग-न्यौछावर भी भेंट किया गया। श्रद्धालु भक्तों को भगवान की युगल बधाई का प्रसाद वितरित हुआ। महाराज ने बताया कि प्रति वर्षों की भांति इस वर्ष भी मठ में श्रीरामजन्मोत्सव पर युगल बधाई का आयोजन किया गया। मंदिर में उत्सव मनाने की परंपरा है। जहां समय-समय पर उत्सव, समैया त्यौहार समेत अन्य धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। हम लोगों ने रामलला का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया है। प्रभु श्रीराम इस जगत के पालनहार हैं। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जगत का कल्याण किया है।