: रामनगरी में धू-धूकर जली रावण की लंका, सुग्रीव और बाली के युद्ध का हुआ मंचन
Sat, Oct 21, 2023
भगवताचार्य स्मारक सदन की रामलीला में राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में बन बन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या इन दोनों रामलीला की धूम मची हुई है। संतों की इस नगरी में अपनी ऐतिहासिकता पौराणिकता समेटे मर्यादित रामलीला भगवताचार्य स्मारक सदन की संत तुलसीदास रामलीला समिति की बात ही निराली है।रामलीला के 9वें शुक्रवार को रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, वाली वध व लंका दहन का मंचन किया गया। तीनों ही स्थानों पर राम और लक्ष्मण का सीता की खोज में बन बन भटक रहे श्री राम का माता शबरी के आश्रम में जाना और सुग्रीव मित्रता बाली वध सीता खोज और लंका दहन तक की लीला का मंचन किया।
रामलीला में भटकते भटकते माता शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं और वहां सबरी उनका स्वागत करती हैं और उन्हें फल बेर खिलाती हैं और वह राम को बताती हैं कि ऋषि मुख पर्वत पर कुछ बांदर रहते हैं वहां आप जाओ वह आपकी अवश्य सहायता करेंगे। वहां श्री राम की सुग्रीव से मित्रता होती है। हनुमान से परिचय होता है उसके बाद वाली वध किया गया। संत तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास ने रामलीला में पधारे जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य व हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास का स्वागत किया।इस अवसर पर समिति के मंत्री तुलसीदास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। रामलीला का देखरेख व व्यवस्था वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास कर रहे। इस मौके पर महंत सत्यदेव दास, रामलीला के संयोजक महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास,राजीव रंजन, शिवम श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहें।
: राम मंदिर के लिए अब विदेश से भी रामभक्त कर सकेंगे दान
Thu, Oct 19, 2023
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी किया एकाउंट नम्बर
अयोध्या। विदेश में बैठे श्रीराम भक्तों के लिए अच्छी खबर है। अब वो भी श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ-साथ रामलला को दान कर सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बीते सप्ताह एफसीआरए की स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। जिसको केंद्र सरकार ने सशर्त स्वीकृति दे दी है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को जारी संदेश में बताया कि विदेशी मुद्रा दान प्राप्त करने के लिए विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम 2010 के अंतर्गत एफसीआरए की मान्यता मिल गई है। इसके तहत लेकिन विदेशी स्रोतों से प्राप्त होने वाला कोई भी स्वैच्छिक योगदान केवल भारतीय स्टेट बैंक की 11 संसद मार्ग नई दिल्ली की मुख्य शाखा के खाता संख्या में ही स्वीकार होगा। अन्य किसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की अन्य किसी शाखा में भेजा गया धन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने के साथ ही देश भर के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की थी। जिसके बाद जनवरी 2021 में 45 दिवसीय निधि समर्पण अभियान पूरे देश भर में चलाया गया। जिससे 11 करोड़ लोग जुड़े और 3000 करोड़ से अधिक दान देशभर राम भक्तों ने दिया।बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने भी राम मंदिर में अपना सहयोग स्वरूप समर्पण करने की इच्छा जताई थी, लेकिन विदेशी दान अधिनियम के तहत ट्रस्ट की मान्यता पूरा न होने के कारण यह स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब भारत सरकार ने विदेशी मुद्रा दान प्राप्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दुनिया भर के रामभक्तों के लिए बड़ी सौगात दी है।
इस खाते में कर सकेंगे दान
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा 11, संसद मार्ग नई दिल्ली
खाता संख्या :-42162875158
आईएफएससी कोड : - एसबीआईएन0000691
खाताधारक का नाम :- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र
स्विफ्ट कोड : - एसबीआईएनआईएनबीबी104
: चौड़ीकरण को लेकर डीएम ने भवन स्वामियां से किया संवाद
Thu, Oct 19, 2023
श्रद्वालुओं के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा मार्गों का चौड़ीकरण
अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने अयोध्या धाम आने वाले श्रद्वालुओं/पर्यटकों को अयोध्या के विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक मठ-मंदिरों एवं ऐतिहासिक स्थलों तक आवागमन की सुचारू सुविधायें सुगमता से उपलब्ध कराये जाने हेतु विभिन्न मार्गो/गलियों के चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किये जाने के दृष्टिगत सम्बंधित मार्गो/गलियों का भ्रमण कर उससे प्रभावित भवन/भू-स्वामियों से वार्ता की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य मार्गो/गलियों के किनारे स्थित भू-भवन स्वामियों से संवाद एवं सामांजस्य स्थापित करके उनकी सहमति से अधिक से अधिक गलियों का चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कर श्रद्वालुओं को आवागमन की बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने बताया कि अयोध्या के 51 गलियों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा चुका है। नगर निगम क्षेत्र की 181 गलियों को भी बेहतर किये जाने संबंधी कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित सिंह व सम्बंधित संतों एवं भवन स्वामियों के साथ चौड़ीकरण से सम्बंधित गलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम चिकित्सालय से जन्मभूमि पथ को जोड़ने वाले मार्ग तथा भक्ति पथ पर राम गुलेला के पास से जन्मभूमि पथ को जोड़ने वाले को 12 मीटर किये जाने का कार्य स्वीकृति हो चुका है। इसके सम्बंध में सम्बंधित भवन स्वामियों/भू-स्वामियों से वार्ता की गयी। इसी के साथ ही हनुमानगढ़ी के निकास द्वार से जन्मभूमि पथ तक श्रद्वालुओं के सुचार आवागमन हेतु 12 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया जायेगा। इसके सम्बंध में भी सम्बंधित संतों एवं भू-स्वामियों से वार्ता की गयी। इस अवसर पर उपस्थित सभी संतों एवम् भू स्वामियों द्वारा सहमति व्यक्त किया तथा जिस पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड 4 को शीघ्र कार्य प्रारंभ है करने हेतु निर्देशित किया गया।