: गुरु कृपा से ही भक्ति मार्ग की प्राप्ति होती है:रामानुजाचार्य
Sat, Aug 19, 2023
नवदिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ
सरयू पूजन करते रामानुजाचार्य जी महाराज
दिल्ली से आये 500 भक्त शोभायात्रा में हुए सम्मिलित, गणपति पूजन वरुण पूजन के साथ-साथ सभी ने किया मां सरयू जी का पूजन
श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित हुआ महोत्सव
अयोध्या । प्रतिष्ठित पीठ श्री अशर्फी भवन में श्रावण मास के पावन अवसर पर झूलन उत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। महोत्सव पर श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति के द्वारा आयोजित नवदिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। देश के विभिन्न प्रांतो से एवं देश की राजधानी दिल्ली से पधारे हुए 500 भक्त शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। गणपति पूजन वरुण पूजन के साथ-साथ मां सरयू जी का पूजन सभी भक्तों ने जगद्गुरु स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज के सानिध्य में किया। महाराज श्री ने मां सरयू का दुग्ध अभिषेक किया। श्री राम नाम की धुन का संकीर्तन करते हुए सभी भक्त शोभायात्रा में नृत्य करते हुए झुनकी घाट से कथा स्थल अशर्फी भवन तक पहुंचे। कथा में व्यास पीठ पर विराजित जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज ने कहां जन्म जन्मांतरों का पुण्य जब उदय होता है तब श्री अवध धाम में बैठकर भगवान श्री राम के पावन चरित्रों का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। सरयू जी की महिमा का बखान करते हुए महाराज श्री ने बताया सौ वर्षों तक गंगा में स्नान करने से जो पुण्य प्राप्त होता है वह पुण्य फल सरयू दर्शन मात्र से प्राप्त हो जाता है। श्रीमद् वाल्मीकि रामायण के रचयिता वाल्मीकि जी के जन्म की कथा का श्रवण कराते हुए महाराज श्री ने कहा सद्गुरु और संतों की कृपा पाकर वाल्मीकि जी ने श्रीमद् वाल्मीकि रामायण की रचना की।आदि काव्य श्रीमद् वाल्मीकि रामायण सभी पुराणों में अग्रगण्य हैं गुरु कृपा से ही भक्ति मार्ग की प्राप्ति होती है। जगतगुरु रामानुजाचार्य शंकराचार्य वल्लभाचार्य, इन्हीं के मार्गदर्शन से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। बंदउ गुरु पद पदुम परागा अज्ञान रुपी अंधकार से ज्ञान रुपी प्रकाश की ओर हमें अग्रसर करें वही सद्गुरु है गुरु की महिमा का वर्णन महाराज जी ने किया। गुरु कृपा से सबसे दुर्लभ बैकुंठ पद को भी प्राप्त किया जा सकता है। रघुवंश के राजाओं की कथाओं का श्रवण करते हुए महाराज श्री ने महाराज दिलीप के गो भक्ति की व्याख्यान सुनाते हुए कहा मां नंदिनी की सेवा रूप से किया गौ माता ने प्रसन्न होकर महाराज दिलीप को पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। भयंकर कलिकाल में गौ सेवा ही सर्वोत्तम भक्ति है हम सभी जीवो को गौ माता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। कथा का समय सायंकाल 3 बजे से शाम 7 बजे तक है।
: जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीराम कथा: महंत मिथलेश नन्दनी
Tue, Aug 1, 2023
गोप्रतार घाट स्थित प्रसिद्ध अनादि पंचमुखी महादेव मन्दिर में बह रही त्रिदिवसीय रामकथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। श्रावण पुरुषोत्तम माह के पावन अवसर पर गोप्रतार घाट स्थित प्रसिद्ध अनादि पंचमुखी महादेव मन्दिर के प्रांगण में त्रिदिवसीय रामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। व्यासपीठ से रामकथा की मीमांसा करते हुए प्रख्यात कथावाचक साहित्यकार हनुमत निवास पीठाधीश्वर महंत मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने द्धितीय दिवस में कहा कि श्रीराम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। उन्होंने कहा कि रामकथा का आनंद तभी है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर, लय, ताल मिलाकर कथा का रसपान करें। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा खुद प्रकट हो जाएंगे। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आचार्य मिथलेश नन्दनी शरण जी ने कहा रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान की लीला, चरित्र व गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है।भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है।
महोत्सव को आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथली रमण शरण महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा। कथा के आयोजक एकता आशीष अग्रवाल, श्वेता अनुराग अग्रवाल एवम उनकी माता ऊषा अग्रवाल ने सभी संतो का पूजन कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।
: अनादि पंचमुखी महादेव मंदिर पर रामकथा का हुआ भव्य शुभारंभ
Mon, Jul 31, 2023
व्यासपीठ से प्रख्यात साहित्यकार महंत मिथलेश नन्दनी शरण जी महाराज के श्री मुख से हो रही रामकथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। श्रावण पुरुषोत्तम माह के पावन अवसर पर गोप्रतार घाट स्थित प्रसिद्ध अनादि पंचमुखी महादेव मन्दिर के प्रांगण में रविवार से महंत मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने तीन दिवसीय राम कथा का प्रारंभ किया। यह कथा आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथली रमण शरण महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा। कथा के आयोजक एकता आशीष अग्रवाल, श्वेता अनुराग अग्रवाल एवम उनकी माता ऊषा अग्रवाल ने सभी संतो का पूजन कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।