: इंडियन आइडल के ऋषि सिंह पहुंचे रामनगरी, संतों का लिया आशीर्वाद
Wed, Apr 5, 2023
हनुमानगढ़ी पर वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास की अगुवाई में गूंजा जय श्रीराम का नारा
वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ऋषि सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट करते
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व में संतों ने ऋषि को दिया आशीर्वाद
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या मंदिर और मूर्तियों की ही नहीं बल्कि कला व संगीतकार की भी नगरी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि राम नगरी का एक लाल इन दिनों इंडियन आइडल में अपनी आवाज से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध दिया। कहते हैं प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती अपनी आवाज का जादू पूरी दुनिया में फहराने वाले रामनगरी के लाल के अयोध्या आगमन को लेकर पूरी नगरी ने हाथ पसार दिए।
जैसे ही ऋषि सिंह रामनगरी हनुमानगढ़ी पहुंचे वैसे ही वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास की अगुवाई में गगनभेदी जय श्री राम के नारे लगने लगे पूरा हनुमानगढ़ी परिसर खुशियों से झूम उठा। पुजारी हेमंत दास ने ऋषि को हनुमानजी महाराज का दर्शन पूजन कराया इसके बाद संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास का आशीर्वाद ऋषि सिंह ने लिया। महंत संजय दास ने कहा कि भगवान राम की जन्म स्थली के लाल ने रामनगरी का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। महंत संजय दास ने कहा कि अयोध्या के लाल ऋषि सिंह की अटूट संगीत साधना को समर्पित इस उपलब्धि पर अयोध्या ही नही पूरे देश बल्कि पूरे विश्व के संगीत जगत को गर्व है। माँ सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहे, आपकी स्वर्णिम सफलताओं का क्रम अनवरत चलता रहे, यही कामना है। इस मौके पर वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, अभिषेक दास, विराट दास, शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत व आमजन मौजूद रहें।
ऋषि सिंह का जन्म से लेकर शिक्षा-दीक्षा और संगीत के क्षेत्र में अयोध्या में ही अपनी पहचान बनाई। साथ पढ़ने वाले युवा, रहने वाले बुजुर्ग का प्रेम और आशीर्वाद मिला और आज एक ऐसी दिशा जहां से लंबी उड़ान तय करने के लिए राम नगरी का लाल बेताब हैं।
संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ऋषि सिंह का सम्मान करते
: सद्गुरूदेव पुण्यतिथि रजत जयंती महा महाेत्सव मनाया जा रहा: डा महंत रामानंद दास
Wed, Apr 5, 2023
पंडित अखिलेश्वर दास महाराज की 25वीं पुण्यतिथि पर मंदिर में छाया उल्लास
व्यासपीठ का पूजन करते महंत डा रामानंद दास महाराज
सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में बह रही अमृत वर्षा
अयोध्या। रामनगरी के श्री राम कुंज कथा मंडप में पंडित अखिलेश्वर दास महाराज के 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित महा महोत्सव में मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास महाराज ने कहा कि श्री महाराज जी कि वाणी सुनने और दर्शन प्राप्ति का माैका मुझे भी मिला है।उन्होंने कहा वर्तमान में महापुरूषों की वाणी बहुत कम सुनने को मिल रही है। हम सब महापुरूषों के चरण का आशय लेते रहें। सेवा ही परम धर्म है। हम लोगों ने सेवा व्रत का संकल्प लिया है। राष्ट्र है। ताे हम हैं, हमारा धर्म है। राष्ट्र के ऊपर बहुत बड़ा संकट चल रहा है। महापुरूषों की कृपा से सब संकट दूर हाेगा।
महा महाेत्सव में लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण,हनुमत निवास महंत डॉ. मिथिलेश नंदिनी शरण, मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत रामभूषण दास कृपालु ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्रीरामकुंज कथा मंडप के वर्तमान पीठाधीश्वर व पं. अखिलेश्वर दास सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष आचार्य महंत रामानंद दास ने बताया कि सद्गुरुदेव साकेतवासी पं. अखिलेश्वर दास महाराज की यह 25वीं पुण्यतिथि है। सन् 1999 में उनका साकेतवास हुआ था। यह उनके साकेतवास का 25वां वर्ष है। उन्होंने बताया कि इस उपलक्ष्य में सद्गुरूदेव पुण्यतिथि रजत जयंती महा महाेत्सव मनाया जा रहा है, जिसके क्रम में मंदिर परिसर में 2 मार्च से सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। श्रीधाम वृंदावन से पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कथाव्यास डॉ. रामकृपाल त्रिपाठी अपने मुखारविंद से भक्तगणाें काे अमृतमयी श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस महा महाेत्सव रामनगरी के जितने विशिष्ट संत-महंत व विभूतियां हैं। वह सब पधार रहे हैं। मणिरामदास छावनी के बड़े महाराजश्री भी कार्यक्रम में पधार चुके हैं। श्रीमद् भागवत कथा 8 मार्च तक चलेगी। उसके बाद 9 मार्च काे सद्गुरूदेव के वार्षिक विशाल भंडारा से महा महाेत्सव का समापन हाे जायेगा। इससे पहले महंत डॉ. रामानंद दास महाराज ने कार्यक्रम में पधारे हुए संत-महंत व धर्माचार्यों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत-सम्मान किया। इस माैके पर अशाेक दास, विष्णु दास समेत अन्य संत-महंत एवं भक्तगण उपस्थित रहे।
: भक्त की श्वास-प्रश्वास आराध्य विग्रह के साथ धड़कती है: महंत रामेश्वरी शरण
Wed, Apr 5, 2023
श्रावण कुंज में महंत रामेश्वरी शरण जी के संयोजन में छठ्योत्सव की बिखरी रही छटा
भगवान को कढ़ी-चावल, दही बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का लगा भोग
अयोध्या। चैत्र शुक्ल नवमी यानी 30 मार्च को राम जन्मोत्सव मनाए जाने के बाद बुधवार को उल्लास के साथ रामनगरी के मंदिरों में छठ्योत्सव मनाया गया। इस अवसर पर न सिर्फ रीति रिवाज के अनुरूप भगवान को कढ़ी-चावल, दही बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया गया, बल्कि भोज- भंडारा व प्रसाद वितरण हुआ। विशेष आयोजन प्रसिद्ध पीठ श्रावण कुंज में हुआ। श्रावण कुंज में महंत रामेश्वरी शरण जी के संयोजन में छठ्योत्सव की छटा बिखरी रही। मंदिर में स्थापित आराध्य विग्रह के पूजन-अनुष्ठान का क्रम सुबह से ही शुरू हुआ। पूर्वाह्न की दस्तक के साथ आराध्य से आत्मीयता ज्ञापित करते गीतों ने संतों एवं श्रद्धालुओं को विभोर किया। महोत्सव की अध्यक्षता महंत रामरुप शरण जी ने किया।
श्रावण कुंज की महंत रामेश्वरी शरण जी ने कहा कि उत्सव को शिखर का स्पर्श दिया। कहा, यही भक्ति का वैशिष्ट्य है। किसी समीक्षक के लिए भगवान पत्थर के हों तो हों, भक्त के लिए वे चिन्मय - चैतन्य विग्रह हैं। भक्त की श्वास-प्रश्वास आराध्य विग्रह के साथ धड़कती है। वह समर्पित प्रेमी की तरह प्रेमास्पद की चिंता करता है और उनके जीवन के दिव्य दैवी प्रवाह में अपने जीवन की तलाश करता है। श्रीराम का छठ्योत्सव भक्ति की इसी लीनता का परिचायक है। और यही लीनता भक्त को भगवान से अभिन्न बनाती है। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।