: समारोह पूर्वक हुआ श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी महोत्सव का समापन
Sun, Nov 5, 2023
रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया
डॉक्टर विश्वनाथ कराड, नृपेन्द्र मिश्र राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष,ओपी श्रीवास्तव आईएएस अधिकारी को मिला रामकिंकर सम्मान
अयोध्या। श्रीरामायण आश्रम अयोध्या में श्री रामकिंकर शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 1 नवंबर से पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पांचों दिन अलग अलग प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। आज रामकिंकर सम्मान समारोह 2023 का आयोजन किया गया है। इस वर्ष का रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया है। यह विद्वान हैं, प्रथम डॉक्टर विश्वनाथ कराड पूना। डॉक्टर कराड के द्वारा विश्व शांति गुंबद की स्थापना की गई है। भारतवर्ष में निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा विशेष का इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत करने का श्रेय डॉक्टर कराड को है। लगभग 70 शैक्षणिक संस्थानों के साथ साथ चार विश्वविद्यालयों की डा कराड़ द्वारा स्थापना की गई है। अनेक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉक्टर कराड को विश्व धर्मी उपाधि से भी विभूषित किया गया है। डा कराड़ द्वारा स्थापित विश्वविद्यालयों में एमआईटी विश्वविद्यालय की गणना विश्व के अग्रतम शैक्षणिक संस्थानों में होती है। डॉक्टर कराड के साथ उनके संस्थान के कुलपति मिलिंद पांडे भी उनके साथ अयोध्या पधारे हैं।
इसी प्रकार इस वर्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र जी मिश्र को यह सम्मान दिया गया है। ज्ञातव्य हो की श्री नृपेन्द्र मिश्र जी वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी देखरेख में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। श्री नरेंद्र मिश्रा सपत्नीक आश्रम में आज उपस्थित होकर सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री मिश्रा ने युगतुलसी महाराज श्री रामकिंकर की शोधपरक कथा और उनकी अनूठी प्रस्तुति का भावपूर्ण स्मरण किया।
इस कड़ी में तीसरे विद्वान मध्य प्रदेश शासन में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओपी श्रीवास्तव दंपति को रामकिंकर सम्मान दिया गया है। ओ पी श्रीवास्तव ने मानस शब्द नाम का एक वृहद ग्रंथ तैयार किया है जिसमें श्री रामचरितमानस में उपयोग किए गए प्रत्येक शब्द का अर्थ और उसका संदर्भ समझाया गया है। यह पुस्तक पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में आश्रम की अध्यक्ष परम विदुषी दीदी मंदाकिनी श्रीरामकिंकर जी ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए श्री रामायण आश्रम की विभिन्न आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया एवं इस कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। इस प्रकार इस पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव की आज पूर्णाहुति हो हो गई। श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत वर्ष पर्यंत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम श्री रामायण आश्रम द्वारा देश के विभिन्न शहरों में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है जिनकी जानकारी समय-समय पर भक्तों को दी जायेगी।
: पूजित अक्षत भगवान श्रीराम का प्रसाद व उनकी ओर से निमंत्रण पत्र : चम्पत राय
Sun, Nov 5, 2023
45 प्रांतो के 100 प्रतिनिधियों को पीतल के कलश में दिया गया है पूजित अक्षत
विहिप कार्यकर्ता एक से 15 जनवरी तक घर-घर देगें पूजित अक्षत
अयोध्या। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्व विहिप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पूजित अक्षत देंगे। पीतल के कलश में हल्दी व घी से रंगे हुए पांच किलों पूजित अक्षत 45 प्रांतों के 100 प्रतिनिधियों को सौपा गया। इसके बाद अक्षत को गांवों तक भेजवाया जाएगा। जिसे विहिप कार्यकर्ता घर-घर जाकर देंगे। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि पूजित अक्षत भगवान श्रीराम का प्रसाद है। भगवान की ओर से निमंत्रण पत्र है। 22 जनवरी दिन सोमवार को 11 बजे से पूर्व अपने आस-पास के मंदिरों में एकत्र हों। भजन कीर्तन करें। एलईडी स्कीन लगाकर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन आनंदपूर्वक देखें। घंटा घडियाल बजाएं। प्रसाद का वितरण करें। चंपत राय ने बताया कि पांच किलो पीले अक्षत घी व हल्दी में रंगे हुए पीतल के कलश में दिए गए है। ये देश के 100 स्थानों पर जाएंगे। सौ स्थानों के कार्यकर्ता आज पास के जिलों का हिसाब लगाकर उसमें अक्षत मिला करे तैयार करेंगें। दिसम्बर के तीसरे सप्ताह में ये पूजित अक्षत गांव गांव तक पहुंच जाएंगे। 1 जनवरी से 15 जनवरी तक गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले व घर-घर जाकर श्रृद्धापूर्वक भेंट करेंगे। उन्होने कहा कि देश के पांच लाख धार्मिक स्थानों के आस-पास धर्मिक व सात्विक वातावरण बनाएं। 22 जनवरी को सूर्यास्त के पश्चात् 5 दीपक अवश्य प्रज्जवलित करें। देश के करोड़ो चौखट, आंगन प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर दीप प्रज्जवलित करके दीपोत्सव मनाएं। इसके बाद आकर श्री राम लला का दर्शन पूजन करें। कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टीगण महंत दिनेंद्र दास, डॉ. अनिल मिश्रा जगदगुरु मधवाचार्य, महंत रामकुमार दास, पुजारी रमेश दास, महंत जयराम दास, विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर राव, केंद्रीय उपाध्यक्ष मीनाक्षी पिसवे, बजरंग दल के पूर्व संयोजक क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा, सोहन सोलंकी, गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय धर्म प्रसार प्रमुख प्रदीप पांडे, प्रांत संयोजक राकेश वर्मा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज, प्रांत प्राधिकारी पुणनेंद्र, राजेश सिंह 84 कोसी परिक्रमा के प्रमुख सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
: श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा का आयोजन आज से
Sun, Nov 5, 2023
राष्ट्रीय संत कृष्णगिरि पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज के सानिध्य मे होगा आयोजन
5 लाख मा लक्ष्मी मंत्र कुमकुम अर्चना पूजा एवं 50 हजार यज्ञ आहुति दी जाएगी
माँ पद्मावती विश्व के हर कोने के लोगों की आस्था एवं श्रद्धा का समृद्धतम केन्द्र: कृष्णगिरि पीठाधीश्वर वसंत विजय
अयोध्या। अयोध्या धाम के वासुदेव घाट मोहल्ले में स्थित श्री हनुमान बाग सेवा संस्थान में दीपावली महापर्व के उपलक्ष्य में श्री राम राज्याभिषेक महा कथा का आयोजन 6 नवंबर से 15 नवंबर तक राष्ट्रीय संत कृष्णगिरि पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज के सानिध्य में होगा जिसमें 5 लाख मा लक्ष्मी मंत्र कुमकुम अर्चना पूजा एवं 50000 यज्ञ आहुति दी जाएगी।दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से 90 किलोमीटर की दूरी पर एवं तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से 265 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसी चेन्नई-बेंगलुरु राजमार्ग पर स्थित विश्वविख्यात श्री पार्श्व - पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के कारण आज यह नगर सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध हैं।देश के कोने-कोने से और विदेश से अनेकों भक्तगण यहाँ पर दर्शन करने प्रतिदिन हजारों की संख्या में उमड़ते है।, इस तीर्थ में विराजित माँ पद्मावती विश्व के हर कोने के लोगों की आस्था एवं श्रद्धा का समृद्धतम केन्द्र है। जिनके दर्शन करने लोग हर पल लालायित रहते हैं। स्वर्ग से सुंदर इस पावन तीर्थ की स्थापना की कथा अति चमत्कारी एवं विस्मयकारी हैं। इसी कृष्णगिरी नगर में एक राजस्थानी परिवार में जन्म लिए बालक ’वसंत कुमार’ ने आचार्य प्रेमसूरीश्वरजी महाराजा से संन्यास दीक्षा प्राप्तकर वसंत गुरुजी अब परम पूज्य कृष्णगिरी पीठाधीश्वर राष्ट्रीय संत वसंत विजय महाराज बन गये। श्री महाराज दीपावली के अवसर पर अयोध्या धाम में प्रेस से मुखातिब हुए और बताया कि अवध धाम सप्तपूरियों में प्रथम पुरी हैं और भव्य मंदिर बन रहा है मन में इच्छा जगी कि यहां मां लक्ष्मी का यज्ञ किया जाए जो 6 नवंबर से प्रारंभ होकर के 15 नवंबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ में 5 लाख महालक्ष्मी मंत्र कुमकुम अर्चन पूजन एवं 50000 यज्ञ आहुति प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 1 बजे तक दी जाएगी। शाम को 4 से 7 तक श्री राम राजा अभिषेक संगीत में कथा होगी और प्रभु श्री राम एवं प्रभु कृष्ण के जीवन की विराट चलचित्र प्रदर्शनी भी होगी। शाम 7 से रात्रि 10 बजे तक आती विशेष महायज्ञ होगा इसके साथ प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 तक विशाल भंडारी का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि 300 लोग भारत के विभिन्न प्रांतो से यहां पहुंच चुके हैं हजारों लोग इस महायज्ञ में सम्मिलित होंगे।