: रोजा रखकर बच्चे भी कर रहे अल्लाह की इबादत
Mon, Apr 10, 2023
कहा, रोजा रखने से सवाब मिलता है, गरीबों की भूख-प्यास का भी एहसास होता है
अयोध्या। रमजान हर किसी को नेकी की तरफ बुलाता है। इतना ही नहीं रमजान के रोजे हर बालिग पर फर्ज हैं। चाहे वह महिला हो या पुरुष । रमजान के रोजे शरई मजबूरी के बिना छोड़ने पर गुनाह होता है। रमजान का पाक महीना शुरू होते ही जहां बड़ों में उत्सुकता देखी जाती है। वहीं बच्चे भी किसी से कम नहीं है। शहर के अलग-अलग स्थानों पर कई बच्चों ने पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। बच्चों के हौसलों की मुहल्लेवासियों समेत रिश्तेदारी में चर्चा रही और सभी ने बच्चों को तरह-तरह के उपहार देकर हौसला अफजाई की।रमजान माह का मकसद है कि रोजा रखकर जहां बुराईयों से बचा जा सके वहीं अल्लाह के करीब पहुंचा जा सके। रमजान के रोजे हर बालिग पर फर्ज किये गये हैं। मसलन वह बीमार न हो और रोजा रखने की हालत में न हो।
धर्म नगरी अयोध्या जो गंगा जमुनी तहजीब की नगरी भी है। हिंदू मुस्लिम एकता में जो हमेशा पुल का काम करते है। या हम यू कहें कि गंगा जमुनी तहजीब की जीवंत मिशाल मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया का दरवाजा दीन दुखियों के लिए हमेशा खुला रहता है। उनके पुत्र समाजसेवी मोहम्मद इमरान अंसारी व फिल्म प्रड्यूसर समाजसेवी सुल्तान अंसारी खुद तो रोजा रखते हुए लोगों की मदद के लिए अपने पिता के बतायें मार्ग का अनुसरण करते हुए दो कदम आगे रहते हैं और अल्लाह की इबादत पूरे नेक दिल से करते हैं। इमरान व सुल्तान के बेटे और बेटियां भी इस बार रोजा रखे हुए हैं।अरहन अंसारी, अलिशफा अंसारी,अलीजबा अंसारी व कश्फिया अंसारी अपने परिवार के सदस्यों को रोजा रखते हुए देखकर मन में भी रोजा रखकर अल्लाह की इबादत का ख्याल आया। सभी ने मां- बाप की इजाजत से अपना रोजा रखा। भीषण गर्मी और शिद्दत के दिनों में रखे गये इस रोजे की अहमियत ही कुछ और है। अल्लाह तआला को जहां गर्मी का रोजा अधिक पसंद हैं वहीं जवानी की इबादत बेहद प्यारी है। सभी बच्चों ने रोजा रखकर पूरा दिन अल्लाह की इबादत की। बच्चों के इस हौसले को देखकर मुहल्ले के साथ- साथ रिश्तेदारों ने उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। सभी बच्चों ने बताया कि उनकी मां व अन्य घर वाले भी रोजा रखते हैं। उनको देखकर ही उसके मन में भी रोजा रखने की नियत आयी। बताया कि रोजा रखने से सवाब मिलता है और गरीबों की भूख-प्यास का भी एहसास होता है।
: बैसाखी पर्व पर गाेविंदधाम गुरूद्वारा में विशाल रक्तदान शिविर
Mon, Apr 10, 2023
13 अप्रैल को ऐतिहासिक श्रीगुरूनानक गाेविंदधाम गुरूद्वारा, नजरबाग में लगेगा विशाल रक्तदान शिविर
अयाेध्या। बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर ऐतिहासिक श्रीगुरूनानक गाेविंदधाम गुरूद्वारा, नजरबाग में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। यह रक्तदान शिविर 13 अप्रैल दिन बृहस्पतिवार को सुबह 11बजे गुरूद्वारा में लगाया जायेगा। उक्त बातें गुरूद्वारा के सेवादार नवनीत सिंह निशु ने बताई। उन्होंने बताया कि विशाल रक्तदान शिविर पूर्णतया: समाज सेवा को समर्पित है। यह गुरूद्वारा नजरबाग के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह महाराज के कुशल सानिध्य और खालसा फाउंडेशन सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में लग रहा है। ज्यादा से ज्यादा लाेग इस रक्तदान शिविर में शामिल हाेकर रक्तदान करें। रक्तदान महादान और जीवन दान है। इसके माध्यम से काफी लाेगाें की जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। समाज को जीवनदायी संजीवनी के रुप में रक्तदान शिविर लगाकर खालसा फाउंडेशन जीवन मृत्यु से जूझ रहे मरीजों और सेवा भाव रखने वाले रक्तदाताओं के बीच सेतु का कार्य कर रहा है।
: श्रीरामकुंज कथा मंडप के उत्तराधिकारी महंत बने सत्यनारायण दास
Mon, Apr 10, 2023
दिलासीगंज स्थित श्रृंगीऋषि आश्रम श्रीसीताराम कुटी के महंत शिष्य रामप्यारे दास को नियुक्त किया महंत डॉ. रामानंद दास महाराज ने
रामनगरी के संतों ने सनातन परंपरा अनुसार कंठी चद्दर देकर दिया महंताई
अयाेध्या। श्रीरामकुंज कथा मंडप के उत्तराधिकारी महंत सत्यनारायण दास काे बनाया गया। साेमवार काे सनातन परंपरानुसार कंठी, चादर, तिलक देकर वर्तमान महंत डॉ. रामानंद दास महाराज ने महंथी प्रदान की।महंत डॉ. रामानंद दास ने कहा कि यह हमारे योग्य शिष्य हैं और निश्चित ही आश्रम का कुशलता पूर्वक संचालन करेंगे। नवनियुक्त उतराधिकारी महंत ने कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार आश्रम के नियमों का पालन करते हुए उसके विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहूंगा। वही दिलासीगंज स्थित श्रृंगीऋषि आश्रम श्रीसीताराम कुटी का महंत शिष्य रामप्यारे दास काे नियुक्त किया है और अंत में महंत डॉ. रामानंद दास महाराज ने पधारे हुए संत-महंतों काे अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सम्मान किया। महंताई समाराेह में दशरथ महल विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, रंगमहल महंत रामशरण दास, रामहर्षण कुंज महंत अयोध्या दास, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत सुरेश दास रामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, सियारामकिला महंत करूणानिधान शरण, मंगलभवन महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत रामनरेश दास, कनक महल महंत सीताराम दास महात्यागी, महंत परशुराम दास,श्रृंगार कुंज महंत हरिभजन दास, बड़ी कुटिया के महंत गणेश दास, महंत मनीष दास, डाड़िया मंदिर महंत गिरीश दास, रामकचेहरी महंत शशिकांत दास सहित सैकड़ों संतो महंतों ने कंठी चद्दर दे करके महंती प्रदान की।