Sunday 6th of September 2026

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तोताद्रिमठ पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य अनंताचार्य महाराज के सानिध्य में धूमधाम से मना भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

पंचामृत अभिषेक व भव्य श्रृंगार के बाद हुई भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की आरती, हरिभक्तों को बांटा गया प्रसाद

धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, देशभर से पहुंचे वैष्णव समाज के प्रमुख पीठाधीश्वर

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: जन्मोत्सव पर हुआ रामलला का सूर्याभिषेक,50 क्विंटल फूलों से सजा राम मंदिर

बमबम यादव

Wed, Apr 17, 2024

रामलला सदन देवस्थानम् में जगत नियंता का हुआ प्राकट्योत्सव, डा राघवाचार्य ने लुटायें धन धान्य

हनुमान बाग में धूमधाम से मनाया गया महोत्सव, भगवान को सजाया गया मणि माणिक्य सोने चांदी से

भगवान राम का अवतार लोक कल्याण के लिए हुआ, दर्शन, पूजन और तपस्या का विशेष लाभ मिलता है: जगद्गुरु बल्लाभाचार्य

अयोध्या। रामनगरी में राम जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। घड़ी की सुई जैसे ही दोपहर 12 बजे पर गयी वैसे मठ मंदिरों में घंट घड़ियाल बजने शुरु हो गये। चहुंओर संत साधक आनंद में नृत्य करने लगे।देश-दुनिया के लाखों लोग अयोध्या पहुंचे। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच जन्मोत्सव मनाया गया। इसके पहले भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। उन्हें आभूषण पहनाए गए।  राम जन्मभूमि पर भगवान रामलला का सूर्याभिषेक हुआ। भगवान राम की नगरी अयोध्या में रामनवमी की धूम है। यहां पर देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। तड़के अधिकांश ने सरयू नदी में स्नान किया। इसके बाद सभी ने मंदिरों का रुख किया। मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या की गलियों में विचरण कर रहे हैं। पूरी राम नगरी आज तो श्रद्धालुओं से पटी है। यहां पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं।
रामकोट के प्रतिष्ठित पीठ रामलला सदन देवस्थानम् में प्रातःकाल भगवान का 108 कलशों से विशेष अभिषेक किया गया। जिसमें विभिन्न फलों का जूस,शहद, इत्र, जल, औषधियों सहित आदि चीजों से भगवान का अभिषेक हुआ। इसके बाद का जन्मोत्सव मनाया गया जिसमें रामलला सदन देवस्थानम् पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने भगवान की आरती उतारी। दशरथ की भूमिका में डा राघवाचार्य ने अबीर गुलाल धन्य धान्य व खिलौनों लुटायें।
तो वही प्रसिद्ध पीठ चारुशिला मंदिर में गीत संगीत की त्रिवेणी बह रही है। मंदिर में व्यासपीठ से रामकथा की मीमांसा कर रहे जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लाभाचार्य जी महाराज तो वही देर शाम मंदिर में बधाई गायन बहुत ही भव्य रुप में हो रहा। बधाई गायन में संत साधक नृत्य करते हुए आनंद की अनुभूति कर रहें। न्यौछावरी खुद रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लाभाचार्य जी महाराज लुटा रहें है। जगतगुरु रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लाभाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान राम का अवतार लोक कल्याण के लिए हुआ। यहां दर्शन, पूजन और तपस्या का विशेष लाभ मिलता है। राम की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
वासुदेव घाट स्थित प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में धूमधाम से भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें मणि माणिक्य व सोने चांदी के आभूषणों से भगवान का श्रृंगार किया गया। महंत जगदीश दास महाराज ने राजशी ठाठ बाट से न्यौछावरी लुटाई। व्यवस्था में पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लगे रहें।
बुधवार यानी 17 अप्रैल को रामनवमी पर दोपहर 12 बजे से रामलला का सूर्य तिलक हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह पहला सूर्य तिलक है। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया और मस्तक पर 3 मिनट तक नीली किरणें पड़ीं। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया। मंदिर में आरती की गई। सूर्य तिलक के बाद कुछ देर के लिए रामलला का पट बंद कर दिया गया। सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के 20 पाइप से 65 फीट लंबा सिस्टम बनाया गया। इसमें 4 लेंस और 4 मिरर के जरिए गर्भ गृह तक रामलला के मस्तक पर किरणें पहुंचाई गईं।

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