Friday 4th of September 2026

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धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, देशभर से पहुंचे वैष्णव समाज के प्रमुख पीठाधीश्वर

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जन्माष्टमी पर वसई में लड्डू गोपाल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, संत-महंतों : धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, देशभर से पहुंचे वैष्णव समाज के प्रमुख पीठाधीश्वर

बमबम यादव

Fri, Sep 4, 2026

जन्माष्टमी पर वसई में लड्डू गोपाल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, संत-महंतों ने दिया सनातन एकता का संदेश

धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, देशभर से पहुंचे वैष्णव समाज के प्रमुख पीठाधीश्वर व संत-महंत

वसई-मुंबई। जन्माष्टमी महापर्व के पावन अवसर पर वसई-मुंबई में नवनिर्मित लड्डू गोपाल मंदिर एवं उपपीठ का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज, दक्षिण पीठ नानीजधाम, रत्नागिरी (महाराष्ट्र) के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में श्री हनुमानगढ़ी अयोध्या के शीर्ष धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। देशभर से पहुंचे वैष्णव समाज के प्रमुख पीठाधीश्वर, संत-महंत और श्रद्धालुओं ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेकर भगवान लड्डू गोपाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्राण प्रतिष्ठा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में दर्शन-पूजन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नवनिर्मित उपपीठ को वैष्णव परंपरा के विस्तार और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

समारोह में यज्ञ सम्राट डाकोर पीठ मंगल पीठाधीश्वर श्रीमहंत माधवाचार्य महाराज, निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, निर्वाणी अनि अखाड़ा के महासचिव महंत नंदराम दास व महंत सत्यदेव दास, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत डा. महेश दास तथा श्रृंगी ऋषि आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास सहित अनेक संत-महंत मौजूद रहे।

श्रीमहंत मुरली दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों तक वैष्णव परंपरा की मजबूत आध्यात्मिक विरासत रही है। वसई में लड्डू गोपाल मंदिर की स्थापना इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संत समाज से सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मंगल पीठाधीश्वर श्रीमहंत माधवाचार्य महाराज ने कहा कि वसई-मुंबई में लड्डू गोपाल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सनातन परंपरा के विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर है।भगवान श्रीकृष्ण का संदेश आज के समाज में धर्म, कर्म और सदाचार की प्रेरणा देता है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके कर्म और धर्म के संदेश को आत्मसात करने का पर्व है। वसई में स्थापित यह उपपीठ वैष्णव समाज को एकजुट करने और धार्मिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि संत-महंतों की उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन सनातन समाज की एकता और शक्ति का प्रतीक है। यह मंदिर आने वाले समय में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और संस्कार देने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

महंत डा. महेश दास ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जा सकता है। वहीं अन्य संतों ने भी मंदिर स्थापना को सनातन परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

महंत सत्यदेव दास ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लड्डू गोपाल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अत्यंत शुभ और ऐतिहासिक है। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति हमें सत्य, धर्म और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

महंत नंदराम दास ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि समाज को संस्कार और आध्यात्मिक दिशा देने के केंद्र होते हैं। ऐसे धार्मिक केंद्रों से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य किया जाना चाहिए।

महंत हेमंत दास ने कहा कि संतों की उपस्थिति में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना स्वयं में विशेष आध्यात्मिक अवसर है। उन्होंने मंदिर के उज्ज्वल भविष्य और समाज के कल्याण की कामना की। ऐसे धार्मिक केंद्र नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। मेरा विश्वास है कि यह उपपीठ वैष्णव समाज की आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा।

समारोह में उपेन्द्र दास, महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आए संत-महंतों और अतिथियों का स्वागत जगद्गुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज संस्थान, सांगली सेवा केंद्र की ओर से किया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने वसई-मुंबई में आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

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