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: हर भक्त को जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है: महंत हरिभजन दास

बमबम यादव

Fri, Jul 11, 2025
हर भक्त को जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है: महंत हरिभजन दास श्रृंगार कुंज में धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा, गुरु की पूजा कर निभाई गई गुरु- शिष्य परंपरा अयोध्या। हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाते हैं। इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म भी हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई गुरुवार को मनाई जा रही है। रामनगरी अयोध्या में आज भी आश्रम, गुरुकुल और मठ मंदिरों में गुरु- शिष्य परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है। नगरी के प्रसिद्ध पीठ श्रृंगार कुंज मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव का आज शुक्रवार को समारोह पूर्वक समापन हुआ। प्रमोद वन स्थित प्रसिद्ध पीठ श्रृंगार कुंज मंदिर में पीठाधीश्वर महंत हरिभजन दास महाराज के संयोजन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का तीन दिवसीय कार्यक्रम हुआ। जिसमें पूरे देश से आये शिष्य परिकरों ने पूजा के लिए भोर से ही भक्त कतार में लगे रहे। भक्तों ने गुरु को तुलसी माला पहना कर फल और मीठा का भोग लगाने के बाद आरती उतार कर आशीर्वाद लिया। महोत्सव का समापन शुक्रवार 11 जुलाई को हुआ। समापन दिवस में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महंत हरिभजन दास महाराज ने कहा कि गुरु को शिष्य की और शिष्य को गुरु की जीवन के हर पड़ाव में जरूरत पड़ती है। कला हो, संस्कृति हो या कोई भी विषय हो गुरु शिष्य का जीवन एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। हर भक्त को जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि गुरु के द्वारा जीवन जीने का एक मार्ग मिलता है। शांति जिसको चाहिए वह सनातन धर्म में आएगा। जीवन में शांति, भाईचारा और परिवार में सुख शांति कैसे रखा जाए, यह सिर्फ सनातन धर्म ही सिखा सकता है।

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