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: बिना भगवान की कृपा से संत का दर्शन नही हाेता: ब्रह्मर्षि

बमबम यादव

Tue, Apr 9, 2024

हिंदूधाम में बह रही रामकथा की रसधार, व्यासपीठ से ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती कह रहें रामकथा

अयोध्या। भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर हिंदूधाम नयाघाट में नौ दिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ करते हुए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि हनुमान जी के जो 12 नाम स्मरण करता है वह इस भवसागर से तर जाता है। मंदिर निर्माण के पूर्व निर्विघ्न मंदिर निर्माण के लिए 16 वर्षों तक लगातार श्री राम कथा कही थी तब जाकर के आज जनवरी 2024 में भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है और प्रभु श्री राम लला भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। श्री वेदांती ने कहा कि कथा के प्रभाव से बड़े से बड़ा कार्य बड़े आसानी से हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरी कथा हनुमान जी के चरित्र पर आधारित रहेगी। कथा का विस्तार करते हुए उन्होंने बताया कि बिना भगवान की कृपा से संत का दर्शन नही हाेता है। संताें की वाणी अमृत के समान है। इसका पान से मनुष्य का सदा-सदा के लिए कल्याण हाे जाता है।
संताें के बीच में जाने से सत्संग की प्राप्ति हाेती है। उन्होंने कहा कि सारा संसार प्रभु श्रीराम का गुणगान करता है। प्रभु राम जैसा काेई नही। उनकी कृपा के बिना कुछ भी हाे नही सकता है। भगवान राम ने सभी काे अपनाया। जाे भगवान का परम प्रिय भक्त होता है। वह अपनी प्रशंसा कभी नही करता है। जाे बजरंगबली का नाम लेता है वह कभी भूखा नही रहता है। हनुमानजी जैसा कोई नही है। मुख्य यजमान द्वारा व्यासपीठ की आरती उतारी गई। कथा के अंत में भक्तगणों काे प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर वशिष्ठ भवन के महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती समेत काफी संख्या में भक्तगण भगवान की अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर रहे थे। कथा का रसास्वादन कर संताें और भक्तगणों ने अपना जीवन धन्य बनाया।

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