: कथा संस्कार और मूल्य प्रदान करती है: रामेश्वर बापू
Thu, Jun 5, 2025
कथा संस्कार और मूल्य प्रदान करती है: रामेश्वर बापूकहा, आज के युग में बेटियों को खूब पढ़ाओ, बच्चों को खूब पढ़ाओ लेकिन विद्या से विवेक आना चाहिए बिना विवेक की विद्या आनंद नहीं देती हैकथा में गुरु वशिष्ठ महाराज चार भाइयों का नामकरण कियाअयोध्या। देश के सुप्रसिद्ध कथाव्यास रामेश्वर बापू हरियाणवी अहमदाबाद गुजरात ने राम के बारे में बताया कि राम स्वयं परब्रह्म है। लेकिन संतो का कार्य करने के लिए साधु का कार्य करने हेतु धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर पृथ्वी पर आए थे। पृथ्वी में भी भगवान राम ने अयोध्या भूमि को पसंद था। इसलिए अयोध्या भूमि स्वयं ब्रह्म की भूमि है। सरयू मैया स्वयं जगदंबा हैं। रामचरित मानस में जो कथा है। वह ब्रह्म का दर्शन कराती है। कथा संस्कार और मूल्य प्रदान करती है। सनातन धर्म का पालन कैसे करना परिवार में व्यक्ति को व्यवहार कैसे करना वो सिखाती है। यानी कथा व्यक्ति को जीवन जीना सिखाती है। कथा से व्यक्ति के जीवन में विद्या का आगमन होता है। कथा रूपी विद्या यानी जीवन को जीने की विद्या है। राजा दशरथ के वहां गुरु कृपा से चार पुत्रों का जन्म हुआ है। गुरु कृपा ही व्यक्ति को दुख से दूर कर सकते हैं। बिनु गुरु कृपा व्यक्ति सुख नहीं पा सकते हैं। इसलिए गुरु का आश्रय ही सुख प्रदान करता है। गुरु वशिष्ठ महाराज चार भाइयों का नामकरण करते हैं। कौशल्या पुत्र का नाम राम रखा है। जो समग्र जगत को आराम देंगे समग्र जगत को विश्राम देंगे ऐसा स्वरूप यानी राम है। फिर कैकई पुत्र का नाम भी वशिष्ठ महाराज ने भरत की रखा है। क्योंकि सब का भरन पोषण करेगा। सबका वह पोषण करने वाला है। इसलिए भारत लाल रखा। शत्रु को करने वाला सुमित्रा पुत्र का नाम शत्रुघ्न और जाे बुद्धिमान है वो लक्ष्मण हैं। चारों भाइयों का नामकरण किया। चाराें भाई गुरु वशिष्ठ महाराज के आश्रम में विद्या अभ्यास करने के लिए जाते हैं। भगवान राम के श्वास में ही चारों वेद भी मुख में सब शास्त्र है। फिर भी गुरु के चरण में बैठकर विद्या अभ्यास करते है। भगवान राम ने जगत को संदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति गुरु के पास बैठकर विद्या अभ्यास करना चाहिए। गुरुजी विद्या दे सकते हैं। बिना गुरु विद्या सफल नहीं होते। आज के युग में बेटियों को खूब पढ़ाओ, बच्चों को खूब पढ़ाओ। लेकिन विद्या से विवेक आना चाहिए। बिना विवेक की विद्या आनंद नहीं देती है। अपने यज्ञ की रक्षा करने के लिए राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र ऋषि वन में ले जाते हैं। प्रथम तड़का आती है असुरों की माता है। राम ने एक ही बाण से प्राण हर लिया तड़का को परम गति देते हैं। राम मंदिर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हुई। कथा के श्रोता वो सबने मिलकर प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को भाव से मनाया, प्रसन्नचित से संकीर्तन किया और महा आरती उतारी।
: हम सब भाग्यशाली है राम जन्म और राम दरबार की प्रतिष्ठा का दर्शन हो रहा है: रामेश्वर बापू
Wed, Jun 4, 2025
हम सब भाग्यशाली है राम जन्म और राम दरबार की प्रतिष्ठा का दर्शन हो रहा है: रामेश्वर बापूकहा, रामकथा कामधेनु गाय है, जो जीव कलयुग में राम कथा का श्रवण करता है उनकी मन की इच्छा पूर्ण होती हैरामकथा में भगवान राम का जन्मोत्सव, चहुंओर छाया उल्लास, भक्तों ने जमकर आनंद में लगाया गोताअयोध्या। श्रीधाम अयोध्या की पावन भूमि पर रामकथा के चौथे दिन व्यासपीठ से सुप्रसिद्ध कथाव्यास रामेश्वर बापू हरियाणी ने बताया कि रामकथा कामधेनु गाय है। जो जीव कलयुग में राम कथा का श्रवण करता है। उनकी मन की इच्छा पूर्ण होती है। रामकथा से जीवन में कई चीज प्रकट हो जाती है, जिसमें सबसे पहले विवेक आ जाता है। रामकथा से जीवन में वैराग्य प्रकट होता है। वैराग्य का मतलब केवल संसार छोड़ना इतना नहीं है। वैराग्य यानी सनातन धर्म के अनुसार सहज और समझ के साथ जीना वैराग्य अर्थात मन, कर्म, वचन से किसी के साथ कपट नहीं करना वो वैराग्य है। बापू ने बताया कि चार घाट पर कथा चल रही है। भगवान शिव पार्वती को कैलाश में कथा सुनाते हैं और भुसुंडी सरोवर पर कागभुसुंडी महाराज गरुड़ जी को कथा सुनाते हैं। प्रयागराज में त्रिवेणी घाट पर याज्ञवल्क्य ऋषि भारद्वाज को कथा सुनाते और अयोध्या पुरी में गोस्वामी तुलसीदास अपने मन को कथा सुनाते हैं। पार्वती जिज्ञासा लेकर भगवान शिव को राम कथा सुनने के लिए तैयार करती हैं। भगवान शिव राम कथा सुनाते हैं। प्रारंभ में बाल स्वरूप राम को भगवान शिव वंदन करते हुए राम अवतार के पांच कारण बताया है। फिर अवधपुरी में रघुवंश में राजा दशरथ के वहां कौशल्या के वहां स्वयं राम लाला का जन्म हुआ। ताे भए प्रगट कृपाला दीनदयाला काैशल्या हितकारी... आदि जन्म प्रसंग की चाैपाइयाें से पूरा कथा मंडप गूंज उठा। रामजन्म प्रसंग की कथा गाई। कथा में दिव्य भव्य राम जन्मोत्सव मनाया गया। बापू ने कहा कि अन्य जगहों पर कथा करते हैं। तो कथा में ऐसे बोलते हैं कि थोड़ी देर के लिए आए अयोध्या में जाएंगे। लेकिन अयोध्या में कथा चल रही है। तो रामलला के पास जाएंगे। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा 1 वर्ष हुआ। लेकिन कल 5 तारीख को राम दरबार की प्रतिष्ठा हो रही है। 5 तारीख को पूरा विश्व दर्शन जिनका करेंगे। वहीं राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या मंदिर में राम जन्मभूमि में हो रही हैं। हम सब भाग्यशाली है कि राम जन्म और राम दरबार की प्रतिष्ठा का दर्शन हो रहा है। हम सबका जीवन धन्य है। भाव से रामजन्म में भक्तों ने भाग लिया प्रेम से रामलालन को झुलाया और भजन कीर्तन के साथ राम जन्म उत्सव मनाते हुए कथा को विराम दिया।
: विराट कोहली पर साक्षात हनुमान की कृपा थी: महंत संजय दास
Wed, Jun 4, 2025
विराट कोहली पर साक्षात हनुमान की कृपा थी: महंत संजय दासकहा, जब आस्था सच्ची हो और इरादे मजबूत, तब प्रभु श्रीहनुमान की कृपा अवश्य मिलती हैआरसीबी 18 साल बाद आईपीएल का फाइनल जीत रचा इतिहास, हनुमानगढ़ी में संकट मोचन सेना ने बाटी मिठाईयांआईपीएल का फाइनल चौथे बड़े मंगलवार था, जाे बहुत शुभ व बजरंगबली का दिन रहा, विराट कोहली ने हनुमान जी से जाे मुरादें मांगी वो पूरी हुई: हेमंत दासअयाेध्या। आईपीएल 2025 में मंगलवार को पंजाब और आरसीबी के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने शानदार प्रदर्शन किया और जीत दर्ज की। लेकिन इस जीत को केवल रणनीति व प्रदर्शन का नतीजा नहीं माना जा रहा। बल्कि इसे हनुमानगढ़ी के धर्मसम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी एवं संकटमोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के आशीर्वाद, सटीक भविष्यवाणी का चमत्कार माना जा रहा है। बता दें कि विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ हाल ही में अयोध्या आए थे, जहां उन्होंने रामलला और हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन किया। हनुमान से आईपीएल 2025 जीतने का आशीर्वाद भी मांगा था। दर्शन के बाद संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि विराट कोहली के साथ हनुमान जी का आशीर्वाद है, और वह निश्चित ही टीम को जीत दिलाएंगे। मंगलवार को खेले गए इस मुकाबले में आरसीबी ने खेल के अंतिम क्षणों में जोरदार वापसी करते हुए मैच को अपने पक्ष में कर लिया। मैच का रुख जिस तरह से बदला, उसने न केवल दर्शकों को चौंकाया, बल्कि महंत संजय दास महाराज की भविष्यवाणी को भी सत्य साबित कर दिया। महंत संजय दास ने कहा, जब आस्था सच्ची हो और इरादे मजबूत, तब प्रभु श्रीहनुमान की कृपा अवश्य मिलती है। विराट कोहली ने भक्ति से जोड़ा है और हनुमान जी ने उन्हें विजय का वरदान दिया है। विराट कोहली पर साक्षात हनुमान की कृपा थी। बजरंगबली ने उन्हें जीत का आशीर्वाद दिया था। जाे पूरा हुआ और आरसीबी 18 साल बाद आईपीएल का फाइनल जीती। काेहली के ऊपर बजरंगबली की कृपा सदैव बनी रहे। वह इसी तरीके से आगे बढे़। खूब नाम कमाएं।श्री दास ने कहा विराट कोहली ने उनसे कहा कि आईपीएल का फाइनल जीतने के बाद वह फिर हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन करने आयेंगे। हनुमान जी के आशीर्वाद से वह फाइनल जीत गए हैं। ऐसे में विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा संग कभी भी हनुमानगढ़ी दर्शन करने आ सकते हैं। वह दर्शन करने अवश्य आयेंगे। हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी बाबा हेमंत दास ने कहा कि जिस दिन आईपीएल का फाइनल रहा। उस दिन चाैथा बड़ा मंगलवार था। जाे बहुत शुभ व बजरंगबली का दिन रहा। ऐसे में विराट कोहली ने हनुमान जी से जाे मुरादें मांगी थी। वह मुरादें 18 साल बाद आईपीएल का फाइनल जीतने के साथ पूरी हुई। इसी तरह विराट काेहली खूब आगे बढ़ते रहें। इस दाैरान महंत संजय दास के निजी सचिव शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।