: देश के 12 मुख्यमंत्री व 3 उपमुख्यमंत्री रामलला के दरबार में लगायें हजारी
Wed, Dec 15, 2021
व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पहुंचे मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का हनुमानगढ़ी पर संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास ने किया स्वागत
अयोध्या। देश के 12 मुख्यमंत्री और 3 उपमुख्यमंत्री मंगलवार आज को अयोध्या दौरे पर होंगे। आज देर शाम तक सभी के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। ये सभी अयोध्या में रात्रि प्रवास करेंगे और 15 दिसंबर को अयोध्या में रामलला समेत अन्य मंदिरों में दर्शन पूजन करेंगे। सभी के ठहरने के लिए जिला प्रशासन हाइवे स्थित होटलों में व्यवस्था कर रहा है।मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने व समीक्षा करने पहुंचे सूबे के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी हनुमानगढ़ी पहुंचे जहां पर उनका स्वागत संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास ने किया।सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक 12 मुख्यमंत्री और 3 उपमुख्यमंत्रियों के आने का प्रोटोकॉल आया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या पहुंच सकते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अयोध्या पहुंचने वालों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश असम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, हरियाणा और गोवा के मुख्यमंत्री शामिल हैं। इनके अलावा बिहार और मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इनके अलावा सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, कर्नाटक और पांडिचेरी के भी मुख्यमंत्री कल शाम तक आयोध्या पहुंच सकते हैं।
: सनातन धर्म की रक्षा के लिए रामायण व गीता का प्रचार-प्रसार जरूरी: महंत संजयदास
Wed, Dec 15, 2021
अयोध्या। रामनगरी के प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने गीता जयंती महोत्सव पर भक्तों से अपील करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए रामायण व गीता का प्रचार-प्रसार जरूरी है। गीता हमें संदेश देती है कि हमें कर्म के प्रति उदासीन नहीं होना चाहिए क्योंकि कर्म के अनुसार ही हमें फल की प्राप्ति होती है। हर मनुष्य को अपने-अपने धर्म के अनुसार कर्म करना चाहिए। गीता के उपदेश में लाइफ मैनेजमेंट के सूत्र भी निहित हैं बसे इन्हें अपने जीवन में उतारने की जरूरत है।
: गीता जयंती पर वाल्मीकि भवन में गूंजे भागवत के श्लोक
Wed, Dec 15, 2021
अयोध्या। मणिरामदास की छावनी स्थित वाल्मीकि भवन में गीता के श्लोक समवेत स्वर में गूंजे तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। अवसर था गीता जयंती का। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के अध्यक्षता व उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास जी महाराज के संयोजन में आयोजित गीता जयंती महोत्सव में एक हजार से अधिक वैदिक विद्वानों ने गीता पाठ किया। साथ ही महंत नृत्यगोपाल दास जी के दीर्घायु होने की भी कामना की गई।मणिरामदास की छावनी में भव्यता पूर्वक गीता जयंती का महोत्सव मनाया गया। छह दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा ध्वंस हुआ था, तब भी गीता जयंती थी, जिसके बाद से गीता जयंती को भव्यता पूर्वक मनाने का क्रम शुरू हुआ। मणिराम दास छावनी के आचार्य आनंद शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष गीता पाठ के जरिए पूज्य गुरुदेव महंत नृत्यगोपाल दास के दीर्घायु होने की भी कामना की गई है।इस आयोजन में करीब दो हजार वैदिक विद्वान शामिल रहे। कार्यक्रम में मौजूद विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा को कारसेवकों ने गिराया था उस दिन भी गीता जयंती ही थी। आज 14 दिसंबर मंगलवार को बड़े ही धूमधाम के साथ गीता जयंती मनाई गई। गीता जयंती को उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस बार हजारों की संख्या में विद्वानों ने गीता का पाठ कर सभी भव्य दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो, इसके साथ ही महाराज श्री महंत नृत्य गोपाल दास के दीर्घायु होने की कामना की है। इस दौरान महंत अर्जुन दास, आचार्य राधेश्याम शास्त्री, पंजाबी बाबा, अनिरूद्घ शुक्ला सहित अन्य मौजूद रहे।
गीता जयंती पर पाठ करते विद्यार्थी
गीता जयंती पर पाठ करते आचार्य गण