: हिंद केशरी बाबा हरिशंकर दास पहलवान को संतो ने किया नमन
Sat, Mar 5, 2022
रामनाम संकीर्तन, भव्य रामार्चान पूजन व वृहद भंडारा के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम का हुआ समापन
महंत बलराम दास महाराज व पातेपुर स्टेट युवराज महंत विश्वमोहन दास जी महाराज ने संतो का किया परम्परागत स्वागत
अयोध्या। मल्लविद्या के पुरोधा हिंद केसरी की उपाधि से विभूषित बड़े पहलवान बाबा हरिशंकर दास जी महाराज की 6वीं पुण्यतिथि के पावन स्मृति में हनुमानगढ़ी पर तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का समापन आज वृहद भंडारे के साथ किया गया। कार्यक्रम में गुरुवार को रामनाम संकीर्तन व शुक्रवार को भव्य रामार्चान पूजन किया गया। जिसमें विशिष्ट संत धर्माचार्यों का महंत बलराम दास महाराज व नागापना महोत्सव पट्टी सागरिया के अध्यक्ष पातेपुर स्टेट युवराज महंत विश्वमोहन दास जी महाराज ने अभिन्नदन किया। मल्लविद्या के पुरोधा हिंद केसरी की उपाधि से विभूषित बड़े पहलवान बाबा हरिशंकर दास ने देश ही नही पूरे विश्व में कुश्ती को एक अलग पहचान दी है। देश के माने हुए पहलवानों में शुमार अयोध्या के मशहूर संत हिंद केसरी बाबा हरिशंकर दास पहलवान का नाम आता है। बाबा हरिशंकर दास बड़े पहलवान की 6वीं पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन आज वृहद भंडारे के साथ किया गया। कार्यक्रम के आयोजक महंत बलराम दास जी महाराज ने बताया कि हर वर्ष वह आज के इस पुनीत दिन पर 101 गरीब कन्याओं का सामुहिक विवाह कराते थे। यह आयोजन वह अपने दुलहादेपुर दरियाबाद वाले आश्रम पर कराते थे। विगत दो वर्ष से कोरोना के कारण सामुहिक विवाह का कार्यक्रम नही हो पा रहा है। अगले वर्ष और भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होगा। महंत बलराम दास ने कहा कि आज तीन दिवसीय महोत्सव का भव्य दिव्य समापन हो रहा है। इसमें पातेपुर स्टेट युवराज महंत विश्वमोहन दास जी महाराज व लक्ष्मी नारायण पाठक लल्लू पाठक के साथ सभी शिष्यों आश्रम से जुड़े भक्तों के सहयोग से होता है। पातेपुर स्टेट युवराज महंत विश्वमोहन दास जी महाराज ने कहा कि पूज्य महाराज जी के 6वें पुण्यतिथि पर हम सब शामिल हुए है। आज बड़ा ही पुनीत दिन है। आज भी बड़े महाराज जी की कृपा हम सभी पर बनी है। ऐसे ही लगातार लोगों की सेवा होती रहे भगवान की यही कृपा है। कार्यक्रम में हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज, हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत माधव दास, महंत रामकुमार दास, महंत रामप्रसाद दास, महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत बृजमोहन दास, महंत रामकिसुन दास, संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास,महंत सत्यदेव दास,महंत मलखान दास,महंत रामजीशरण, महंत विजयरामदास, महंत धर्मदास, महंत रामनरेश दास पुजारी हेमंत दास, पुजारी रमेश दास, पुजारी राजूदास, महामंडलेश्वर आशुतोष दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहे।
: श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समारोहपूर्वक रामकथा का समापन
Thu, Mar 3, 2022
अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक में महंत अयोध्या दास के अध्यक्षता में हुआ विशाल भंडारा
अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक में भक्तों के साथ बैठे महंत अयोध्या दास
अयोध्या। जो किसी का अहित न करे, जो किसी के अहित की न सोचे वही साधु हैं। रुप बनाने से साधु नहीं बन जाते। उक्त बातें प्रख्यात राम कथा वाचक महंत अयोध्या दास जी महाराज ने खाक चौक में श्री रामकथा के समापन दिवस पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि रामायण के सभी पात्र आदर्श प्रस्तुत करते हैं। कहा कि श्रेष्ठ वही है जो पूरे समाज को समेटकर चलता है। कहा कि हमने ये किया हमने वो किया ऐसा न कहें। कहा कि आजकल बिना कुछ किए श्रेय लेने की होड़ मची है। श्रेय लेने से बचना चाहिए। कहा कि भक्त वो है जो अपनी उपलब्धि को अपनों में बांटता है। उन्होंने कहा कि कोई कार्य प्रसन्न मन से शुरू करें तो सफलता में संदेह नहीं हो सकता। सूर्पनखा के पति की हत्या रावण ने की थी। इसलिए सूर्पनखा रावण का विनाश चाहती थी। भगवान राम से रावण की शत्रुता का कारण वह बनी ताकि रावण का विनाश हो। कहा कि जब खरदूषण के वध होने की बात सूर्पनखा ने रावण को सुनाई तो रावण समझ गया भगवान का अवतार हो गया। सोचा तामस देह से भक्ति नहीं होगी तो मुक्ति के लिए उसने भगवान राम से बैर की युक्ति सोची। महंत अयोध्या दास जी ने कहा कि रावण को विभीषण से प्रेम था। इसलिए उसे अपमानित कर सभा से निकाल दिया ताकि लंका से दूर चला जाए और युद्ध में मारा न जाए। वह जानता था कि लंका के सारे योद्धा मारे जाएंगे। लंका की सत्ता संभालने के लिए विभीषण को जिंदा रखना चाहता था रावण। कहा कि भगवान राम ने रावण के सारे योद्धाओं, परिजनों व दैत्य सेना को मारकर उद्धार कर दिया। विभीषण को राजतिलक देकर सीता और लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव, जाम्बवान, अंगद आदि के साथ अयोध्या आए। अयोध्या में खुशियां मनाई गई। भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। कथा के समापन पर आज मंदिर में विशाल भंडारे का दिव्य आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के संतों का महंत अयोध्या दास व श्रीराम कथा महोत्सव के यजमान ने परम्परागत तरीकें से स्वागत किया। इस अवसर पर खाक चौक के श्रीमहंत बृजमोहन दास, श्रीमहंत कृष्ण गोपाल दास, महंत श्री पुजारी रामचरण दास, महंत परशुराम दास, महंत धर्मदास, महंत अयोध्या दास, महंत बालयोगी रामदास, महंत कमलादास रामायणी, महंत विजयरामदास यजमान श्रीमती राजेश्वरी श्री परमेश्वर वैष्णव सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: अखिलेश सरकार के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे पुजारी हेमंत दास
Thu, Mar 3, 2022
अखिलेश के लिए विजय अनुष्ठान अयोध्या के हनुमान गढ़ी यज्ञशाला में पुजारी हेमंत दास ने डाली आहुति
यज्ञ कुंड की आरती करते पुजारी हेमंत दास
अयोध्या के हनुमानगढ़ी पर श्रीमहंत पूज्य ज्ञानदास जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य पुजारी हेमंत दास के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों ने यूपी में अखिलेश सरकार बनाने के लिए किया अनुष्ठान
अयोध्या। यूपी के विधानसभा का चुनाव धीरे धीरे अंतिम चरण तक पहुंच गया है। तो वहीं अब प्रदेश में अखिलेश की सरकार बने इसके लिए धर्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिया गया है। रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्रीहनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला में हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज की कृपा पात्र शिष्य संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष पुजारी हेमंत दास के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों के द्वारा हनुमंत अनुष्ठान कर आहुति डाली गई।यूपी में 2022 का विधानसभा चुनाव कशमकश भरा है । अधिकतर विधानसभा सीटों पर सीधी लड़ाई है तो कुछ पर कड़ा त्रिकोणीय संघर्ष है । इसीलिए अब समाजवादी विचारधारा से जुड़े संत महंत भगवान के सामने प्रार्थना कर रहे हैं उनका अनुष्ठान कर रहे हैं और अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के लिए अर्जी लगा रहे हैं। अयोध्या हनुमानगढ़ी में अखिलेश यादव को यूपी का दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए यज्ञ पूजन और अनुष्ठान हुआ । 7 वैदिक आचार्यों के द्वारा बाकायदा हनुमानगढ़ी की हवन कुंड में यज्ञ आहुतियां डाली गई और विशेष अनुष्ठान हुआ। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। मुख्यमंत्री बनने की राह में आने वाले संकटों को हरने की प्रार्थना की गई।हनुमानगढ़ी के पुजारी हेमंत दास ने कहा कि इसका उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश खुशहाली की ओर चले। भारतीय संस्कृति साझी विरासत बनी रहें। लोगों में आपसी भाईचारा बना रहें। अखिलेश जी का शासन में जनता खुशहाल रहती है। बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। अखिलेश जी विजय भव यज्ञ हनुमानगढ़ी में हम वैदिक आचार्यों के द्वारा हवन कर रहे हैं उद्देश्य यही है की अखिलेश जी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने इसी के लिए हम लोग हनुमत यज्ञ शाला में यज्ञ कर रहे हैं।