: हनुमत निवास के महंत बने मिथिलेशनंदिनी शरण
Wed, Mar 30, 2022
रामकथा के विशिष्ट विद्वान साहित्यिक डा मिथलेश नन्दनी शरण को रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने कंठी चादर देकर सिद्ध पीठ हनुमत निवास का महंत बनाया
महंत मिथलेश नन्दनी शरण को महंताई देते सियाराम किला झुनकी घाट के महंत करुणानिधान शरण जी महाराज
आशीर्वाद देते जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य जी महाराज
महंत मिथलेश नन्दनी शरण जी को चादर देते अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज
महंती समारोह में उमड़े रामनगरी के संत, धर्माचार्य व गणमान्य नागरिक हुआ भव्य आयोजन
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के सिद्ध पीठों में शुमार श्री हनुमत निवास पूज्य गोमती शरण जी महाराज की तपोभूमि के नाम से सुविख्यात है। आज उस सिद्ध पीठ को उसका सुयोग्य वारिस मिल गया। नगरी के वैभव जिन पर मां सरस्वती जी की कृपा अहर्निश बनी है प्रख्यात विद्धान महंत मिथलेश नन्दनी शरण को रामनगरी के संत धर्माचार्य ने गद्दी पर बैठाकर विधिवत कंठी चादर दे दिया। महंताई समारोह में पूरी अयोध्या के संत महंत व गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सभी ने अपनी अपनी श्रद्धा निवेदित की। यह उत्सव हनुमत निवास के महंत सियाशरण जी महाराज के अध्यक्षता व राजगोपाल मंदिर के महंत कौशलकिशोर शरण फलाहारी जी महाराज के पावन सानिध्य में सम्पादित हुआ। हनुमत निवास समेत गोलाघाट के सभी मंदिरों की आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के श्रीमहंत मैथिलीरमण शरण जी महाराज किलाधीश जी ने बताया कि हनुमत निवास अयोध्या के अत्यन्त सिद्ध मंदिरों में शामिल हैं।मंदिर के संस्थापक गोमती शरण महाराज ने करीब एक सौ साल पहले श्री हनुमान जी का साक्षात्कार प्राप्त किया था। वे चित्रकूट में कठिन तपस्या कर ईश्वरीय निर्देश पर अयोध्या आकर लक्ष्मण किला की गोशाला में रहने लगे।कालान्तर में यह स्थान हनुमत निवास के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस महंती समारोह में सद्गुरु सदन के महंत सियाकिशोरी शरण, दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य,मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य, श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख और विक्रमादित्य महोत्सव न्यास के अध्यक्ष पूज्य राजकुमार दास,अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता गौरीशंकर दास,जगदगुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण,बिंदुगाद्याचार्य जी के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास,जगद्गरू रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य, आचार्य रघुनाथ दास शास्त्री,नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास,सियाराम किला झुनकी घाट के महंत करुणानिधान शरण, राजगोपाल मंदिर के अधिकारी डा शरद शरण,रामचरित मनास भवन के महंत अवधिबहारी दास उर्फ अर्जुन दास,हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास व राजू दास,महंत कमलादास रामायणी, महंत शशिकांत दास,महंत बलराम दास हनुमानगढ़ी,महामंडलेश्वर गिरीश दास,मधुकरी संत एमबी दास, महंत संजय दास,महंत मनीष दास,करतलिया बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बालयोगी रामदास,महंत अंजनी शरण व महंत छोटू शरण व पूर्व सभासद महंत रामभद्र शरण, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पार्षद आलोक मिश्र व अनुज दास,भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, गिरीश पांडेय डिप्पुल,धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू,विधायक प्रतिनिधि अमल गुप्ता, विशाल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: रामनगरी के संत धर्माचार्यों के साथ भाजपा पदाधिकारियों ने देखी द कश्मीर फाइल्स
Mon, Mar 28, 2022
श्री रामबल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास,अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता श्रीमहंत गौरीशंकर दास,आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के श्रीमहंत मैथली रमण शरण,सियाराम किला के श्रीमहंत करुणानिधान शरण,मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास सहित सैकड़ों संतों ने देखा कश्मीर फाइल्स
कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को फिल्म ने वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया : राजकुमार दास
अयोध्या। नब्बे के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन व नरसंहार पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स देखने के लिए अयोध्या के संत धर्माचार्य विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने भाजपा के पदाधिकारियों के साथ फिल्म देखी। फिल्म को देखने के दौरान पूरे परिवेश में देशभक्ति का रंग घुल गया। कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के दृश्य को देखने के बाद सभी की आंखे नम हो गयी। श्री रामबल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के तहत कश्मीर की सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जाता रहा। कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को फिल्म ने वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया। केन्द्र सरकार के प्रयासों की बदौलत आज पूरी दुनिया के सामने बदले कश्मीर की तस्वीर है। अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता श्रीमहंत गौरीशंकर दास जी महाराज ने कहा कि फिल्म देखने के बाद तस्वीरें आंखों के सामने आ जाती है कि कैसे नब्बे के दशक में आतंक व अत्याचार ने कश्मीर को जकड़ रखा था। मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के दर्द को फिल्म में सजीवता से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म के सभी नायक व नायिकाओं ने अपने अभिनय से नरसंहार व पलायन की घटना को 32 साल बाद पुनः हमारी स्मृतियों में ताजा कर दिया। फिल्म के निदेशक विवेक अग्निहोत्री इसके लिए धन्यवाद के पात्र है। हमारा सौभाग्य है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह है। कश्मीर से धारा 370 हटाकर आतंकवादियों को करारा जवाब दिया गया है। इससे मोदी है तो मुमकिन है की अवधारणा को सम्बल मिला। केवल राजनीति के लिए इस घटना पर कुछ लोग लगातार पर्दा डालने के लिए प्रयासरत थे। उनके प्रयासों को करारा झटका लगा है जब आज जनता इसके समर्थन में उतर गयी है।आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के श्रीमहंत मैथली रमण शरण महाराज ने कहा कि मौजूदा सरकार राष्ट्र हित के लिए संकल्पित है। इस फिल्म में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दिखाया गया है।इस अवसर पर महंत मिथलेश नन्दनी शरण, महंत शशिकांतदास, महंत गिरीशदास, महंत वल्लभबैदेहीशरण, महंत अर्जुन दास, महंत कृपालु महाराज, महंत रामकुमार दास,महंत छविराम दास,महंत बलराम दास, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित, विशाल सिंह बाबा समेत बड़ी संख्या में संत, महंत मौजूद रहे।
: भरत जैसा चरित्र व आचरण हमें जीवन में उतारना चाहिए : बाल भरत
Mon, Mar 28, 2022
श्री जानकी घाट बड़ा स्थान में श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समारोहपूर्वक रामकथा का समापन
अयोध्या। रामनगरी के श्री जानकी घाट बड़ा स्थान में श्री रामकथा की अमृत वर्षा में संत साधक गोता लगा रहे है। व्यासपीठ से रामकथा की रसधार क्रान्तिकारी व्याख्याता स्वामी बाल भरत जी के श्री मुख से बह रही है। आज कथा में भरत चरित्र की कथा सुनाते हुए बाल भरत जी ने बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की। कथाव्यास ने बताया कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। राम लक्ष्मण भरत शत्रु जैसे भाई से हमे सभी गुण सीखना चाहिए और जिस तरह भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया उससे हमे सीख लेने की जरूरत है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। कथा में सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।