: राम जन्मोत्सव का हुआ आगाज, रामकथाओं से गुलजार हुई रामनगरी
Tue, Apr 9, 2024
चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान में राम जन्मोत्सव पर रामकथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ
विंदुगाद्याचार्य महान्त श्रीदेवेन्द्रप्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता व मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास के संयोजन में मनाया जा रहा उत्सव
अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक मेला चैत्र रामनवमी आज से शुरू हो गया। रामनगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का शुभारंभ हो गया।
श्रीराम लला के जन्मोत्सव पर चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राजमहल में बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के सानिध्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ। कथा के प्रथम दिवस की बेला में व्यासपीठ से श्री राम कथा डा रामानन्द दास जी ने प्रभु श्री राम के नाम की महिमा और उनके चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम जी का चरित्र ,जीवन में संयम से प्रारंभ होता है और समाज में संयम धारण करने का संदेश देता है और प्रभु के श्री श्री राम जप से ही मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है और प्रभु के धाम में उनकी शरणागति प्राप्त होती है। कथा के शुभारंभ में स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज ने आरती उतारी और कहां कि प्रभु श्री राम की लीला श्रवण से ही मनुष्य ही नहीं चराचर ब्रह्म में विराजमान सभी लोग मुक्त हो जाते हैं और कथा उनके चित्त को निर्मल कर देती है इसलिए भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सभी को कथा में सुननी चाहिए जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए। इस अवसर पर कथा श्रवण के लिए पधारे सभी संतो महंतों अतिथियों का श्री महाराज जी के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास ने स्वागत किया। श्री राम कथा के विश्राम बेला पर रामायण जी की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्येजय शरण, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत जनार्दन दास सहित कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नंदकुमार मिश्र पेड़ा महाराज,संत दास सहित सैकड़ों संत महंत उपस्थित रहे।
: बिना श्रद्धा के कोई राम कथा का आनंद नहीं ले सकता: सुरभि
Tue, Apr 9, 2024
हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्य श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
कथा की अध्यक्षता करते हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्री महंत जगदीश दास
हनुमान बाग में चल रहा 108 नवाह पारायण पाठ,विशाल अन्न क्षेत्र
अयोध्या। श्रद्धा का उदय बहुत ही बिरले लोगों के जीवन में होता है। जिनके जीवन में श्रद्धा नहीं है वह कितना भी बुद्धिमान क्यों न हो राम कथा का आनंद रस ग्रहण नहीं कर सकता। उक्त बातें श्रीराम कथा में प्रख्यात कथावाचिका सुरभि जी ने कही। सुरभि जी के श्रीमुख से हनुमान बाग मंदिर में आज से भव्य श्रीराम कथा महोत्सव का समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से कथा का महात्म्य बताते हुए सुरभि जी ने कहा कि सतीजी दक्ष पुत्री हैं। वे भगवान शिव से विवाह होने पर भी रामकथा का आनंद नहीं ले पाती हैं। उन्होंने सुना ही नहीं क्योंकि उनके हृदय में श्रद्धा वृत्ति की जगह संशय या भ्रम था। सती जब अगले जन्म में राजा हिमांचल के घर में जन्म लेती हैं तो दीर्घकाल की तपस्या के पश्चात भगवान शिव को पुन: पति के रूप में प्राप्त करती हैं। तब रामकथा की जो अद्भुत रसधारा संसार के समक्ष बहती है, उससे भगवती उमा स्वयं धन्य हुईं संसार के जीव आज भी धन्य हो रहे हैं।
सुरभि जी ने कहा कि परमार्थ की प्राप्ति के लिए सनातन धर्म में अनगिनत मार्ग हैं पर प्रमुख रूप से मानस में ज्ञान भक्ति और कर्म की चर्चा की गई है। सभी मार्गों में श्रद्धा की आवश्यकता है। ज्ञान मार्ग की साधना उत्तर कांड में की गई है। उसमें गाय को श्रद्धा का प्रतीक बताया गया है। यह महोत्सव हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। अयोध्या में भगवान रामलला के जन्म महोत्सव में हनुमान बाग मंदिर में 108 नवाह पारायण पाठ, विशाल अन्न क्षेत्र भी चल रहा है। कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी नारायणाचार्य है। कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री,नितेश शास्त्री आदि कर रहें।
: बिना भगवान की कृपा से संत का दर्शन नही हाेता: ब्रह्मर्षि
Tue, Apr 9, 2024
हिंदूधाम में बह रही रामकथा की रसधार, व्यासपीठ से ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती कह रहें रामकथा
अयोध्या। भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर हिंदूधाम नयाघाट में नौ दिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ करते हुए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि हनुमान जी के जो 12 नाम स्मरण करता है वह इस भवसागर से तर जाता है। मंदिर निर्माण के पूर्व निर्विघ्न मंदिर निर्माण के लिए 16 वर्षों तक लगातार श्री राम कथा कही थी तब जाकर के आज जनवरी 2024 में भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है और प्रभु श्री राम लला भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। श्री वेदांती ने कहा कि कथा के प्रभाव से बड़े से बड़ा कार्य बड़े आसानी से हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरी कथा हनुमान जी के चरित्र पर आधारित रहेगी। कथा का विस्तार करते हुए उन्होंने बताया कि बिना भगवान की कृपा से संत का दर्शन नही हाेता है। संताें की वाणी अमृत के समान है। इसका पान से मनुष्य का सदा-सदा के लिए कल्याण हाे जाता है।
संताें के बीच में जाने से सत्संग की प्राप्ति हाेती है। उन्होंने कहा कि सारा संसार प्रभु श्रीराम का गुणगान करता है। प्रभु राम जैसा काेई नही। उनकी कृपा के बिना कुछ भी हाे नही सकता है। भगवान राम ने सभी काे अपनाया। जाे भगवान का परम प्रिय भक्त होता है। वह अपनी प्रशंसा कभी नही करता है। जाे बजरंगबली का नाम लेता है वह कभी भूखा नही रहता है। हनुमानजी जैसा कोई नही है। मुख्य यजमान द्वारा व्यासपीठ की आरती उतारी गई। कथा के अंत में भक्तगणों काे प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर वशिष्ठ भवन के महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती समेत काफी संख्या में भक्तगण भगवान की अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर रहे थे। कथा का रसास्वादन कर संताें और भक्तगणों ने अपना जीवन धन्य बनाया।