: हनुमान बाग में बह रही श्रीरामकथा की रसधार
Sun, Apr 14, 2024
हनुमान बाग में चल रहे भंडारे में हजारों राम भक्त ग्रहण कर रहें प्रसाद, हनुमान बाग मंदिर में राम जन्मोत्सव की मची है धूम
भंडारे में प्रसाद वितरण करते हनुमान बाग के शिष्य
व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा कर रही मानस चातिका वैदेही सुरभि जी
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की पूर्व बेला से ही अयोध्याधाम में उत्सव का रंग चटख हो गया है। रामनवमी का मुख्य पर्व 17 अप्रैल को है। इसको लेकर अयोध्यानगरी में चहुंओर श्रीरामकथा, भागवत कथा, बधइया, नवाह पाठ, रामोत्सव उत्सव, समैया, यज्ञ- महायज्ञ आदि धार्मिक कार्यक्रम-अनुष्ठान चल रहा है। इसी प्रकार प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमान बाग वासुदेवघाट में हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वाधान में चल रही अमृतमयी श्रीरामकथा का भक्तगणों को रसास्वादन कराते हुए कथाव्यास सुरभि जी ने नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि राम नाम कलि अभिमत दाता, हित परलोक लोक पितु माता। अर्थात नाम ही एकमात्र सभी साधनों का साधन है। नाम के द्वारा ही सांसारिक वस्तु और परलोक सुख जैसे स्वर्ग, मोक्ष, मुक्ति आदि प्राप्त किया जा सकता है। जब हनुमान जी महाराज को लंका पार जाना था। तब श्रीरामचंद्र ने लंका पार जाने एवं विजय प्राप्त करने के लिए बजरंगबली को श्रीराम जय राम जय जय राम का मंत्र दिया। उस वक्त हनुमान जी ने आश्चर्य चकित होकर प्रभु श्रीराम पूछा कि भगवान यह तो आप ही का नाम है। तो श्रीराम ने कहा- हे हनुमान संसार का परम अमोघ मंत्र एकमात्र यह श्रीराम जय राम जय जय राम ही है। मैं भी इसी को जपता हूं। इसलिए लोग मुझे भगवान कहते हैं। इससे पहले यजमान द्वारा व्यासपीठ की महाआरती उतारी गई। भगवान की मंगलमयी श्रीरामकथा को हनुमान बाग के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज अपनी सानिध्यता प्रदान कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आश्रम में सुबह रामचरित मानस का नवाह पारायण पाठ चल रहा है, जिसका समापन रामनवमी के दिन होगा। मठ में श्रीरामजन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। इस अवसर पर मंदिर में विशाल भड़ारा चलाया जा रहा है। इस अवसर साधु-संत समेत काफी संख्या में भक्तगणों ने अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन धन्य बनाया। कथा की अध्यक्षता स्वामी नारायणाचार्य जी कर रहें। कार्यक्रम की व्यवस्था में सुनील दास,पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री लगे है।
व्यासपीठ से कथा कहती सुरभि जी
: रामायण श्रीराम नाम से पूरित है : डा रामानंद दास
Sun, Apr 14, 2024
भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सुननी चाहिए जिससे जीवन धन्य हो जाए: देवेंद्रप्रसादाचार्य
व्यासपीठ की आरती करते महंत रामभूषण दास कृपालु जी
बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा जिसका दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे
अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक मेला चैत्र रामनवमी अपने शबाब पर है। नगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का हो गया। श्रीराम लला के जन्मोत्सव पर चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राजमहल में बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के सानिध्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा चल रहा है। व्यासपीठ से श्री राम कथा की अमृत वर्षा डा रामानन्द दास जी कर रहें है।
श्रीराम कथा अनादि है, रामायण श्रीराम नाम से पूरित है एतदर्थ इनका नाम रामायण है, जो रामायण है वही श्रीरामचरित मानस है। यह बातें चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा में आयोजित श्रीराम कथा में कथा मर्मज्ञ डा रामानन्द दास ने कही। कथा व्यास ने कहा कि जो श्रद्धा पूर्वक भगवान की कथा सुनता है वह भगवान के लोक का अधिकारी होता है। धर्म का ज्ञान रामायण सुनने से मिलता है। श्रीरामचरित मानस की रचना से पहले गोस्वामी तलसीदास जी ने वंदना प्रकरण में वर्ण शब्द से कथा का शुभारंभ किया।
स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज ने व्यासपीठ की आरती उतारी और कहां कि प्रभु श्री राम की लीला श्रवण से ही मनुष्य ही नहीं चराचर ब्रह्म में विराजमान सभी लोग मुक्त हो जाते हैं और कथा उनके चित्त को निर्मल कर देती है इसलिए भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सभी को कथा में सुननी चाहिए जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए।
कथा के संयोजक महंत रामभूषण दास कृपालु जी ने कहा कि शास्त्र की मर्यादा का पालन करते ना हुए प्रथम पूज्य गणेश सरस्वती की पूजा करते के हुए श्रीराम के चरणों का प्रेम मांगते है। आप में किसी की स्तति करिए पर अपने इष्ट के चरणों का ही अनुराग मांगिए। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ के लिए पढ़ी ईद की नमाज
Fri, Apr 12, 2024
रामनगरी में दो दिन मनी ईद, मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया ने ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को दी जकात, दिया मुबारकबाद
नन्हे बच्चें अल्फिशा,अरहान अंसारी,कशफिया सुल्तान व अलिशबा ने एकदूसरे को गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद
अयोध्या। रमज़ान का बरकतों वाला मुबारक महीना खत्म हो है। अलविदा हो चुकी है और अब ईद-उल-फितर जिले मे दो दिन मनाया गया। ईद का चांद कुछ जगह दिखा तो कुछ को नही इसी हिसाब से ईद भी दो दिन मनाने का फैसला हुआ जिसमें शिया ने 10 को व सुन्नी ने 11 को ईद मनाई। जिले में आज टाटशाह मस्जिद के पेश इमाम के मुताबिक बड़े ही सादगी के साथ ईद की नमाज अदा की गई। ईद को कुछ लोग मीठी ईद भी कहते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर कहा जाता है। एक महीने के रोजे़ पूरे होने के बाद यह खुशी का मौका होता है जब लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं और ईद मनाते हैं। ईद का त्योहार चांद देखकर मनाया जाता है। ऐसे में ईद का त्योहार कब मनाया जाएगा यह चांद देख कर ही तय होता है। बहरहाल खुशियों का यह त्योहार ईद हर साल मीठे पकवान सेवइयां आदि बनाकर और दोस्तों परिचितों से गले मिल कर मनाया गया। भाईचारे का संदेश देते इस खास दिन अपने हों या गैर सब गले मिल कर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दिया। ईद उल फितर के दिन आज सुबह जल्दी उठ कर नहा-धोकर नए कपड़े पहन कर मस्जिदों में ईद की नमाज के लिए गये। जहां सब कई सफों में इकट्ठा होकर अल्लाह की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अपने रब का शुक्रिया अदा की। उन्हें अपने अल्लाह की ओर से रमज़ान के पाक महीने में इबादत करने का मौका मिला। इस मौके पर मुसलमान अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ करते की। इसके अलावा ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को जकात दी जाती है। नगरी के गंगा जमुनी तहजीब की जीती जागती मिशाल समाजसेवी मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया अपने परिवार के साथ बड़े ही सादगी के साथ मुल्क की सलामती के लिए ईद की नमाज पढ़ी और एकदूसरे को मुबारकबाद देते हुए ईद मनाई। उनके साथ मोहम्मद इमरान अंसारी सुल्तान अंसारी अल्फिशा अरहान अंसारी कशफिया सुल्तान अलिशबा ने धूमधाम से मनाई ईद।