: जमीन कब्जा करने गये दबंगों ने युवक का सिर फोड़
Thu, Apr 11, 2024
जमीन मालिक कुलदीप मौर्य को जान से मारने की नीयत से किया गया हमला, पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर
अयोध्या। रामनगरी के लवकुश नगर स्थित करीब 1 बिस्वा से ज्यादा की बेशकीमती जमीन के विवाद में उसके मालिक को मुहल्ले के दबंगों ने जान से मारने की नीयत से इतना पीटा की उसका सिर फट गया। पीड़ित ने अयोध्या कोतवाली में घटना की तहरीर दी जिसके आधार पर मारपीट, हत्या के प्रयास और गाली-गलौज आदि की गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।
तुलसी उद्यान नयाघाट निवासी समाजसेवी कुलदीप मौर्य ने लवकुश नगर में लाखों रुपये में करीब 1 बिस्वा से ज्यादा जमीन का बैनामा कराया। वर्तमान में यह जमीन करीब 1 करोड़ की बताई जा रही है।
मंगलवार की शाम को जब वे जमीन की चारदिवारी करा रहे थे तो दबंगो ने ईंट पत्थर और लोहे की राड आदि से कुलदीप को जमकर पीटा। इससे कुलदीप के पूरे शरीर में चोट आई हैं जबकि सिर बुरी तरह से फट गया है, उसमें गहरा घाव बताया जा रहा है।
कुलदीप मौर्य ने बताया कि लवकुश नगर निवासी दीप नारायण साहनी और उनका पुत्र अमर साहनी दबंग किस्म के लोग हैं। इन लोगों ने मेरी जमीन को हड़पने और मुझे वहां से भगाने के लिए पहले दबाव बनाया फिर कहा कि बिना मुझसे पूछे आप कैसे बनवा रहे हैं, यह इलाका मेरा है। पिछले कई दशक से मेरी इजाजत के बिना इस इलाके में बिना मेरी इच्छा के कुछ नहीं होता। यहां से भाग जाओ नही तो जान से मार देगें। घटना के बाद से पीड़ित का पूरा परिवार सदमें में है। कुलदीप ने बताया कि दीप नारायण और उसके पुत्र आपराधिक छवि के लोग हैं। इनसे उसके जान को खतरा बना हुआ है। दबंगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल नहीं भेजा गया तो उसके साथ अप्रिय घटना कभी भी हो सकती है। घटना के बाद से मेरा पूरा परिवार सदमें में हैं।
: रामनगरी में बह रही रामकथा की रसधार, आराध्य के जन्म महोत्सव का छाया उल्लास
Thu, Apr 11, 2024
हिंदू धाम में ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती जी, रामकृष्ण मंदिर में शीतल जी व हनुमान बाग मंदिर में मानस चातिका सुरभि जी कह रही रामकथा
भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है जिसमें अपने आपको देखकर सुधार करो :वेदांती
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में राम जन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर,चारों तरह बज रही भगवान के जन्म की बधाईयां
अयोध्या। भगवान राम के जन्म महोत्सव में शामिल होने के लिए अयोध्या में रामभक्तों का आना जारी है। चारों तरह बधाईयाँ बाज रही है। मंदिर मंदिर उत्सव से सराबोर है। हर कोई अपने आराध्य का जन्म महोत्सव मना रहा है। रामनगरी अयोध्या के हिंदू धाम मंदिर में राम कथा का भव्य आयोजन चल रहा है।
श्रीराम जन्म के अवसर पर रामकथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के मंगलमयी चरित्र का वर्णन करते हुए कहा ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती जी ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़बड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। महोत्सव का संयोजन महंत राघवेश दास वेदांती जी कर रहें।
रामकोट स्थित रामकृष्ण मंदिर में श्री रामकथा का उल्लास चरम पर है। व्यासपीठ से कथा कहती महंत शीतल जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते और अगर भगवान के साथ व्यवहार में चूक गए तो कोई बात नहीं, यदि भाव आपका ठीक रहा तो काम चल जाएगा।
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में राम जन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। पूरे राजशी ठाठ बाट से भगवान का जन्म मनाया जा रहा है।मंदिर के श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज के पावन सानिध्य में भगवान का भव्य जन्म महोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। चारों तरह खुशियों का अंबार लगा हुआ है। हर कोई नाच गा रहा है। मंदिर में सुबह 108 वैदिक आचार्य सुमधुर आवाज में संगीतमय नवाह्न पारायण पाठ कर रहे है तो शाम को प्रख्यात कथावाचिका मानस चातिका वैदेही सुरभि जी रामकथा की अमृत वर्षा कर रही।सुरभि जी ने कहा कि राम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। श्री रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान के लीला चरित्र गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें स्वामी नारायणाचार्य जी ने कहा कि किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक दो या चार बार सुनने के बाद उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है लेकिन यह भगवान की कथा है सत्य की कथा है इस नाते हमेशा कुछ न कुछ नया लगता है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा हमेशा बनी रहती है। महोत्सव में कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहें।
: सियाराम किला में बह रही नवाह्न परायण पाठ की रसधार
Thu, Apr 11, 2024
16 से भव्य श्री राम कथा का होगा शुभारंभ, व्यासपीठ से सियारामकिला झुनकी घाट के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण कथा की करेंगे अमृत वर्षा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री सियाराम किला झुनकी घाट में राम जन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। मंदिर में नवाह पाठ बधाइयां गायन का क्रम जारी है। सियाराम किला में रामजन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर में श्रीराम चरित मानस नवाह परायण पाठ का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिदिन रामायण पाठ, भजन-कीर्तन से भक्तजन भाव विभोर हो रहे हैं। चैत्र रामनवमी में रामायण ग्रंथ का पाठ करने से अनेक कामनाएं पूरी होने के साथ जन्म जन्मांतरों के पाप से मुक्ति भय रोग आदि सभी दूर हो जाते हैं।यह कहना है रामनगरी के सियाराम किला के महंत करुणानिधान शरण महाराज का है। मंदिर में चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर नवाह्न पारायण पाठ का दिव्य आयोजन किया गया है। तो वही 16 से भव्य श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन है जिसमे व्यासपीठ से सियारामकिला झुनकी घाट के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण कथा की अमृत वर्षा करेंगे।
महंत करुणानिधान शरण जी ने कहा कि अयोध्या जी का प्रसिद्ध मेला है चैत्र रामनवमी हमारे आराध्य के जन्म महोत्सव का उत्सव हम लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते है।भगवान रामलला अपने निज भवन में विराजमान हो गयें है इसलिए इस बार हम सब ये उत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मना रहे है। मंदिर में भगवान का भव्य जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 51 वैदिक आचार्य नवाह्न पाठ कर रहे है। महंत करुणानिधान शरण महाराज ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की चौपाईयों का पाठ करने से मनुष्य जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। वैसे तो कहा जाता है की रामनवमी के समय रामायण का पाठ करने से हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है।