: हनुमान बाग में रामभक्तों की सेवा के लिए चल रहा विशाल भंडारा
Tue, Apr 16, 2024
लस्सी, पकौड़ी, पूढ़ी सब्जी खीर खिलाकर हो रहा रामभक्तों की सेवा
रामजन्मोत्सव पर रामकथा की बह रही रसधार
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के पावन जन्मोत्सव पर अयोध्याधाम में श्रीरामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। श्रीरामकथा की अमृतमयी वर्षा का पान करने के लिए काफी संख्या में दूर-दराज से भक्तगण उमड़ रहे हैं। वैसे तो रामनवमी का मुख्य पर्व 17 अप्रैल को है। लेकिन श्रीरामजन्मोत्सव की पूर्व बेला से ही अयोध्यानगरी में उल्लास छाया हुआ है। इसी तरह श्री हनुमान बाग वासुदेवघाट में श्री हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वाधान में चल रही श्रीरामकथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रसिद्ध कथाव्यास मानस चातिका वैदेही सुरभि जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जैसा कोई नही है। सारा संसार उनका गुणगान करता है। प्रभु श्रीराम ने पूरी दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया। सबको मर्यादित जीवन जीना सिखाया। इसलिए वह मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। भगवान राम के बारे में जितना कहा जाए वह कम ही होगा। उनका अनुसरण पूरा विश्व करता है। एक आदर्श महापुरुष के रूप में प्रभु राम का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने सारे जगत का कल्याण किया। वहीं प्रतिष्ठित कथाव्यास कथा की अध्यक्षता कर रहें स्वामी नारायणाचार्य जी ने भक्तों को अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कराते हुए कहा कि भगवान की कथा मंगलकारी है। वह अमंगल का नाश कर मंगल करती है। कथा सारी व्यथा को मिटा डालती है। भगवान के धाम में मंगलमयी का कथा बड़ा ही महत्व है। वह भी जब श्रीरामजन्मोत्सव पर श्रीरामकथा हो रही हो। तो यह सोने में सुहागा है। कथा से वक्ता और श्रोता दोनों का कल्याण होता है। श्रीरामकथा को हनुमान बाग के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज सानिध्यता प्रदान कर रहे थे। इससे पहले व्यासपीठ की दिव्य आरती उतारी गई। अंत में उपस्थित साधु-संत और भक्तगणों को कथा का प्रसाद वितरित किया गया। रामजन्मोत्सव मंदिर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। दोनो सत्र में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है जिसमें हजारों रामभक्त प्रसाद ग्रहण कर रहें है। प्रसाद प्रतिदिन अलग अलग प्रकार के बनायें जा रहें है और भक्तों की सेवा में समर्पित हो रहा है। इस अवसर पर पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री समेत काफी संख्या में भक्तगण भगवान की अमृतमयी कथा का रसपान कर अपना जीवन सार्थक बना रहे थे।
: आचार्य पीठ श्री लक्षमणकिला में रामजन्मोत्सव का छाया उल्लास
Tue, Apr 16, 2024
राम जनम बधाई घनघोर भईले, अवध में शोर भईले की बज रही बधाइयां, संत साधक आनंद रस में लगा रहें गोता
अयोध्या। देखो राम जनम बधाई घनघोर भईले, अवध में शोर भईले ना। धन्य-धन्य राजा- रानी, धन्य-धन्य कौशल्या महारानी ।। चलो री सब देखि आई बाजत बधइया। कौशल्या सुत सुकृत सिंधु से रामचंद्र प्रकटैया।। यह बोल है अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के पावन जन्मोत्सव का। श्रीराम जन्मोत्सव की पूर्व बेला से ही रामनगरी के मठ-मंदिरों में सायंकाल बधाईया गाया जा रहा है, जिसका सिलसिला देररात्रि तक चलता है। भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या में उनके जन्मोत्सव पर उमंग एवं उल्लास का वातावरण चहुंओर छाया हुआ है। अयोध्याधाम के मंदिरों में सुबह नवाह पारायण और शाम को बधाई गीत से गुंजायमान हो उठता है। देश के कोने कोने से आए श्रद्धालु इस आनंद का भाव विभोर होकर रसपान कर रहे है। मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित आचार्य पीठ श्री लक्षमणकिला में किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज की सानिध्यता में हर्षोल्लास के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। चैत्र नवरात्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से सुबह नवाह परायण और शाम के समय बधाई गीत गाया जा रहा है जिसको सुनकर लोग मंत्र मुक्त हो रहे हैं। रामजनम बधाईयां से पूरा मंदिर प्रांगण ओत-प्रोत है। किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने बताया कि आचार्य पीठ श्री लक्षमणकिला में आचार्यों द्धारा रचित ग्रन्थों की दिव्य बधाई गायन चल रहा है। जन्मोत्सव पर विशेष बधाई गान होता है, जिसमें अयोध्याधाम के विभिन्न विभूतियों को आमंत्रित किया जाता है। सुबह चैत्र नवरात्र प्रतिपदा से नवाह परायण का पाठ होता है। शाम को प्रतिदिन बधाई गीत होती है। चैत्र रामनवमी को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आनंद कंद मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामलला का जन्मोत्सव मनाया जाता है इस बार रविवार को यह उत्सव मंदिर परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा जिसमें हजारों संत, महंत, श्रद्धालु, भक्तगण अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। मंदिर के अधिकारी युवा संत सूर्य प्रकाश शरण ने कहा भगवान जन्मोत्सव बड़े ही हाव भाव के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को भगवान का जन्म महोत्सव मनाया जाएगा। उनके साथ-साथ दशरथ महल, जानकीघाट, मणिरामदास की छावनी, रामवल्लभा कुंज सहित अयोध्या के सभी मंदिरों में सुबह नवाह परायण और शाम को बधाई गीत गाई जा रही है। 17 अप्रैल को मध्यान्ह 12 बजे हर्षोल्लास के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
: सियाराम किला झुनकी घाट में बह रही धर्म-अध्यात्म की वैतरणी
Tue, Apr 16, 2024
आचार्य श्री के व्यक्तित्व पर रचित ग्रन्थ का आज होगा विमोचन,रामकथा पर मीमांसा करेंगे स्वामी प्रभंजनानन्द शरण
अयोध्या। धर्मनगरी की प्रतिष्ठित पीठ सियाराम किला झुनकी घाट इन दिनों श्रीरामचरित मानस के नवाह पारायण पाठ से गुंजायमान है। जहां धर्म, अध्यात्म की वैतरणी बह रही है। मौका श्रीरामजन्मोत्सव एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर का है। प्रतिदिन सुबह आठ बजे से लेकर दोपहार साढ़े बारह बजे तक विद्वान आचार्यों द्वारा नवाह पाठ किया जा रहा है। रामचरितमानस के नवाह पाठ को सियाराम किला झुनकी घाट पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज अपनी सानिध्यता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्रि और श्रीरामजन्मोत्सव पर आश्रम में रामचरितमानस का नवाह पारायण पाठ किया जाता है। उसी अनुसार इस बार भी मठ में नवाह पारायण पाठ प्रारंभ हुआ है। जो पूर्वाचार्यों द्धारा वर्षों से चल रहा है। जिसका समापन 17 अप्रैल को श्रीरामजन्मोत्सव के दिन होगा। मंदिर में रामनवमी पर्व हर्षोल्लास के साथ व्यापक रूप से मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां चल रही है। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीमहंत ने कहा कि रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद यह पहला रामनवमी पर्व है। इसको लेकर पूरी अयोध्यानगरी में गजब का उत्साह है। संत-महंत और भक्तगण सभी उल्लासित हैं। मठ-मंदिरों में सप्ताह भर पहले से ही उत्सव शुरू हो गया है। रामकथा भागवत कथा समेत आदि कार्यक्रम शुरू है। मंदिरों में सायंकाल से लेकर देररात्रि तक बधाईया उत्सव चल रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को रामकथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण जी के श्रीमुख से होगा। उसी दिन पूज्य आचार्य श्री के व्यक्तित्व पर रचित ग्रन्थ का विमोचन होगा। अयोध्याधाम समेत देश-विदेश के नामचीन कलाकार बधइया के अनेकानेक पद्म गाकर उत्सव में चार- चांद लगा रहे हैं। कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट स्वरूप मिल रहा है।