: रामचरितमानस पर आधारित झांकियों ने मोहा मन
Wed, Oct 30, 2024
रामचरितमानस पर आधारित झांकियों ने मोहा मनदीपोत्सव पर साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक के लिए निकली 18 मनमोहक झांकियांपुत्रेष्टि यज्ञ से लेकर प्रभु के राजतिलक तक की कथाओं का हुआ प्रदर्शनअयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी में आठवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन हर साल की तरह इस बार भी सजीव और रंगीन झांकियों के साथ मनाया जा गया। साकेत महाविद्यालय से राम कथा पार्क तक निकाली गई 18 विशेष झांकियां इस दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण बनी रहीं। झांकियों को झंडी दिखाते हुए योगी सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के साथ विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, मेयर गिरीश पति त्रिपाठी व अन्य मौजूद रहे। इन झांकियों में रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया , जिससे लाखों श्रद्धालु भावविभोररहे। झांकियों के दृश्य को हर कोई अपने मोबाइल में कैद करता दिखा। इस दौरान रामपथ पर रंग गुलाल उड़ने के साथ जमकर आतिशबाजी भी हुई।इस भव्य शोभायात्रा में साकेत महाविद्यालय के छात्रों ने पुत्रेष्टि यज्ञ से लेकर श्रीराम के राजतिलक तक के विभिन्न प्रसंगों को बड़े ही सुंदर ढंग से झांकियों के रूप में प्रस्तुत किया। इन झांकियों में न केवल श्रीराम के जीवन के महत्वपूर्ण अध्यायों का दर्शन कराया, बल्कि इनमें शामिल कलाकारों के अभिनय ने दृश्य को और भी जीवंत बना दिया। झांकियों के बीच-बीच में लोक कलाकार अपने अभिनय से कथा को दर्शकों के सामने पेश कर रहे हैं, जिससे दर्शकों का अनुभव और भी खास हो रहा है। झांकियों का यह सफर साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर अयोध्या के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए राम कथा पार्क तक पहुंचा जहांहां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इन झांकियों का स्वागत किया और प्रभु श्रीराम, माता सीता और भइया लक्ष्मण के स्वरूपों का अयोध्या आगमन पर उनका वंदन-अभिनंदन किया। इस महोत्सव में साकेत महाविद्यालय की 18 झांकियों में से 11 झांकियां सूचना विभाग की ओर से और 7 झांकियां पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थी। पर्यटन विभाग द्वारा सजाई गई झांकियों में तुलसीदास रचित रामचरितमानस के सात अध्यायों- बालकांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर कांड पर आधारित सुंदर दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सार समझाने में सहायक हैं। इस आठवें दीपोत्सव में श्रीराम की शिक्षा, सीता-राम विवाह, वन गमन, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, अशोक वाटिका, हनुमान का लंका गमन, शक्तिबाण लगने से लक्ष्मण का मूर्छित होना, रावण वध, अयोध्या आगमन और दीपोत्सव पर आधारित झांकियों का विशेष प्रदर्शन किया गया।
: पुष्पक विमान से पहुंचे प्रभु श्रीराम, सीएम ने खींचा रथ
Wed, Oct 30, 2024
पुष्पक विमान से पहुंचे प्रभु श्रीराम, सीएम ने खींचा रथमुख्यमंत्री ने अपने हाथों से किया प्रभु श्रीराम का राजतिलकअयोध्या। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रभु राम और लक्ष्मण के साथ रथ पर सवार हुए। इस रथ को स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खींचा, इसके बाद सहयोग के लिए उनके मंत्रीगण सूर्यप्रताप शाही व उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी साथ आ गए। सीएम योगी ने जहां राम दरबार की अगवानी की वहीं अपने हाथों से श्रीराम का राजतिलक किया। इसके साथ ही सीता, लक्ष्मण, हनुमान समेत अन्य का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। राजतिक के बार सीएम योगी ने राम दरबार की आरती उतारी।इस दौरान रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा जिस तरह की भव्यता आज अयोध्या में है वैसी ही भव्यता काशी और मथुरा में हो। देश की हर धार्मिक नगरी में उत्सव जैसा माहौल हो। उन्होंनेकहा कि हम भेदभाव नहीं करते। हम भाषा, जाति और मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं करते। राजा राम के गद्दी में बैठने के बाद जो हुआ था वही कर रहे हैं। आज उसी तर्ज पर श्रेष्ठ भारत जन्मा है। सीएम योगी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या एक नया इतिहास रच रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरी दुनिया में राम के नाम को जाना है। हमारी संस्कृति को जाना है। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है जिसने सभी को अपने सीने से लगाया। यह धर्म किसी से नफरत नहीं करता है। सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पहले राम के नाम प्रश्न खड़ा करती थीं। अब पूरी दुनिया राम को मान रही है।
: हनुमानजी अयोध्या के राजा के रुप में विराजमान, आज होगा जन्मोत्सव, चहुंओर उत्साह व उमंग
Wed, Oct 30, 2024
हनुमानजी अयोध्या के राजा के रुप में विराजमान, आज होगा जन्मोत्सव, चहुंओर उत्साह व उमंग
अपने आराध्य के जन्मोत्सव का दर्शन करने उमड़ी भक्तों की भारी भीड़दुनिया देखेगी अखिल भारतीय निर्वाणी अखाड़े के वैभव का नजाराश्रीराम एवं मां सीता को परमाराध्य एवं उनके दूत हनुमान जी को परमाचार्य के रूप में स्वीकृत- शिरोधार्यप्रसिद्ध पीठ हनुमानबाग में रसिक हनुमान जी की जयंती का उल्लास अपने चरम पर,एक शताब्दी पूर्व पहुंचे संत रामवल्लभाशरण जी ने रसिक हनुमान की स्थापना की थीअयोध्या। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी यानि छोटी दीपावली के पर्व पर आज बुधवार को श्री हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमंतलला की जयंती पूरी भव्यता व हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। हनुमानजी अयोध्या के राजा के रुप में विराजमान है,इसलिए उनका जन्मोत्सव बड़े ही भव्यता के साथ मनाई जाएगी।
अखाड़े की परम्परा में हनुमान जयंती से पहले नौ दिवसीय अनुष्ठान किया गया। इसके साथ अखाड़े की ओर से नियुक्त वैदिक आचार्य गण श्रीराम चरित मानस का नवाह्न पारायण भी किये।
इसकी पूर्णाहुति 29 अक्टूबर को हवन-पूजन के साथ हुआ। इस अवसर नवाह्न पारायण में अन्य साधु-, संत व भक्तगण भी शामिल हैं। अनुष्ठान की पूर्णाहुति की तिथि पर हनुमानगढ़ी अखाड़े की तिजोरी गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज व चारों पट्टियों के श्रीमहंतों व उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोली गई। इस तिजोरी से सोने-चांदी, हीरे जवाहरात, मूंगा – माणिक्य व अन्यान्य बहुमूल्य वस्तुएं निकाली गई और पुजारियों के सुपुर्द किया गया। जयंती के मुख्य पर्व पर भगवान का वृहद श्रृंगार इन आभूषणों से किया गया।
गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास कहते हैं कि हनुमानगढ़ी में जयंती पर्व को लेकर विशद तैयारियां की जा रही है। खास बात है कि इसी पर्व पर प्रदेश सरकार के द्वारा दीपोत्सव का भी आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां लाखों दीप तो जलेंगे ही, मंदिर का कोना-कोना दीयों से रोशन होगा। मंदिर परिसर में लगे कांच के सुंदर झूमरों में मोमबत्तियां लगाकर उन्हें प्रज्वलित किया जाता है। इस कार्य के लिए कर्मचारियों का पूरा दस्ता यहां तैनात रहा। इसके अलावा परम्परा नुसार मंदिर परिसर में केला के पत्तों व तने के अतिरिक्त आम्र पल्लव से तोरणद्वार भी सजाए गये है। उधर बाह्य परिसर में पूरे किले को खूबसूरत रंग-बिरंगी लाइटों से सुसज्जित किया गया है। इसके अलावा भक्ति पथ पर विद्युत लाइटों से सुसज्जित भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया गया है। भगवान के जन्म के क्षण में होने वाली आतिशबाजी भी सदैव दर्शनीय और आकर्षण का केंद्र बनती है।
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास कहते है कि अयोध्या जी के राजा है श्री हनुमानजी इसलिए हम लोग पूरे उत्साह व उमंग के साथ जन्मोत्सव मनातें है। महंत संजय दास ने अयोध्या वासियों से अपील करते हुए कहा कि जयंती उत्सव में समस्त अयोध्यावासी शामिल हो,घर घर उत्सव मनाया जाये। पूरी अयोध्या में मंगल गीत गाये जायें। चहुंओर दीप मालाओं से उजाला हो सभी के जीवन में नई उमंग चेतना का संचार हो। उत्सव की तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है।
रामनगरी में प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला के अलावा दिग्गज साधकों ने 'भी हनुमत उपासना की परंपरा को समृद्ध किया। वासुदेवघाट परिक्रमा मार्ग स्थित हनुमानबाग के रसिक हनुमान इसी परंपरा के हैं। करीब एक शताब्दी पूर्व पहुंचे संत रामवल्लभाशरण ने रसिक हनुमान की स्थापना की थी। रामवल्लभाशरण जैसे पहुंचे संत एवं उनके आराध्य के बीच रिश्तों की जीवंतता आज भी प्रवहमान है।
हनुमानबाग के महंत जगदीशदास कहते हैं, अपने नाम के अनुरूप भक्ति के रसज्ञ रसिकों के प्रति यहां के हनुमानजी अति करुणावान हैं। सच्चाई यह है कि रामनगरी में रसिक उपासना परंपरा के संतों ने श्रीराम एवं मां सीता को परमाराध्य एवं उनके दूत हनुमान जी को परमाचार्य के रूप में स्वीकृत- शिरोधार्य किया और इसी विश्वास के तहत गत कुछ शताब्दियों के दौरान हनुमत निवास, हनुमत सदन, हनुमत भवन, हनुमान किला जैसे आस्था के केंद्र स्थापित हुए।