: स्वास्तिक प्रोडक्शन ने हनुमानगढ़ी मंदिर की दीवार पर किया अपना अनूठा म्यूजिक वीडियो लॉन्च
Sun, Nov 3, 2024
स्वास्तिक प्रोडक्शन ने हनुमानगढ़ी मंदिर की दीवार पर किया अपना अनूठा म्यूजिक वीडियो लॉन्चस्वास्तिक ने भगवान हनुमान जी की गौरवशाली कथाओं का उत्सव मनाने के लिए हनुमानगढ़ी में ऐतिहासिक कार्यक्रम किया आयोजितवीर हनुमान कार्यक्रम भगवान हनुमान जी की चिरकालिक कथा को समर्पित हमारी अनूठी आदरांजलि है: सिद्धार्थ कुमार तिवारीअयोध्या। अपने पौराणिक और आध्यात्मिक टीवी प्रोडक्शन के लिए प्रतिष्ठित स्वास्तिक प्रोडक्शन ने भगवान हनुमान की गौरवशाली कथाओं का उत्सव मनाने के लिए अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया। वीर हनुमान नामक यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को हुआ और इस अवसर पर ख्यात गायक हर्षित सक्सेना द्वारा स्वरित एक म्यूजिक वीडियो भी लॉन्च किया गया।
इस शाम का सबसे खास हिस्सा रोमांचकारी नया म्यूजिक वीडियो रहा, जो कि प्रभु हनुमान को समर्पित है और उनके जीवन काल की और बाल हनुमान के रूप में उनकी लीलाओं का वर्णन करता है, साथ ही लंका की उनकी यात्रा को बताता है और प्रभु श्रीराम द्वारा उन्हें अयोध्या के राजा के रूप में स्थापित करने जैसे अद्भुत दृश्यों को प्रस्तुत करता है, जो कि उनके साहस और उनकी भक्ति को स्वास्तिक प्रोडक्शन की ओर से दी गई एक आदरांजलि है। स्वास्तिक प्रोडक्शन परंपराओं और नए कलात्मक माध्यमों को जोड़ने का काम सालों से करता आया है। लेकिन यह पहला और एकमात्र प्रोडक्शन हाउस है, जिसने इतने भव्य स्तर पर हनुमानगढ़ी पर गाना रचा है। छोटी दीवाली और हनुमान जयंती पर होने वाला यह विशेष कार्यक्रम परंपरा और आधुनिक कथाकथन को एक मंच पर लाने का प्रयास है। भक्तिमय मनोरंजन के क्षेत्र में इस प्रकार का भव्य प्रदर्शन पहले कभी नहीं किया गया है और ये भक्ति मनोरंजन के लिए एक नया कीर्तिमान है।
इस मंदिर की भव्य दीवारें भी हनुमान जी की गौरवशाली गाथा को सजीव करने में बड़ा योगदान देने और इस पल को ऐतिहासिक बनाने में भागीदार बनी। 4k प्रोजेक्टर और उच्च गुणवत्ता वाले सराउंड साउंड के साथ इस कार्यक्रम में नर्तकों और कलाकारों के कोरियोग्राफ्ड परफॉर्मेंस भी हुए। इस अवसर पर श्रीमद् रामायण शो के कलाकार भी उपस्थित थे। इस प्रकार से भगवान हनुमान के जीवन के महत्वपूर्ण हिस्सों का प्रदर्शन करता हुआ यह कार्यक्रम एतिहासिक साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने हनुमान जी के चरित्र की सभी विशेषताओं को बेहतरीन ढंग से उजागर किया और उनकी भक्ति, शक्ति और विनम्रता से सभी को प्रेरित और सम्मोहित किया। इस अभिनव कथाकथन के माध्यम से स्वास्तिक प्रोडक्शन अध्यात्म और आधुनिक मनोरंजन के बीच की कड़ी बनकर उभरा।
स्वास्तिक प्रोडक्शन के फाउंडर और क्रिएटिव हेड सिद्धार्थ कुमार तिवारी ने बताया कि "स्वास्तिक प्रोडक्शंस पर हम कथाकथन की सीमाओं को आगे तक बढ़ाकर नए और अभिनव माध्यमों से अपनी कहानी बताने में विश्वास रखते हैं। वीर हनुमान का यह कार्यक्रम भगवान हनुमान की चिरकालिक कथा को समर्पित हमारी अनूठी आदरांजलि है, कुछ इस प्रकार से, जो पहले कभी नहीं देखा गया हो। इस ऐतिहासिक मंदिर की दीवारों पर यह म्यूजिक वीडियो का प्रदर्शन करके हम आध्यात्मिक और आधुनिक को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि इसके माध्यम से एक भावनात्मक और दर्शनात्मक रूप से शानदार अनुभव उपस्थित दर्शकों को दे सकें। इस कार्यक्रम में हम विश्वास, भक्ति, और तकनीक की शक्ति को साथ लाते हुए हमारी पौराणिक कथाओं को बताने का एक नया माध्यम जनता के सामने लाए हैं। हम एक यादगार अनुभव प्रदान करने पर उत्साहित हैं, जिसने हमसे जुड़ने वाले लोगों की आत्मा को भक्ति भाव से भर दिया।"
बड़ी संख्या में दर्शक स्वास्तिक प्रोडक्शंस और अयोध्या की जनता के साथ इस भव्य उत्सव का हिस्सा बने, जहां भक्ति और नवाचार मिलकर भगवान हनुमान की कथा को तकनीक और परम्परा के साथ जीवंत बनाकर प्रस्तुत किया गया। हनुमानगढ़ी से महंत कल्याण दास ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, आचार्य पीठ लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, महंत गिरीश दास, नागा रामनन्दन, हरेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: तीन लाख के इनामी पहलवानों के बीच नहीं हो सका हार जीत का फैसला
Sun, Nov 3, 2024
तीन लाख के इनामी पहलवानों के बीच नहीं हो सका हार जीत का फैसलाउत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान व भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच पंद्रह मिनट तक चली तीन लाख की इनामी कुश्तीहनुमान गढ़ी से जुड़े नामी पहलवान मनीराम दास जी महाराज के शिष्य पुष्कर ने जीता दो मुकाबलासोहावल- अयोध्या। क्षेत्र के एआईटी इंटर कालेज जगनपुर खेल मैदान में मरहूम जमील खान मेमोरियल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सौ जोड़ा पहलवानों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान और भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच पंद्रह मिनट की चली तीन लाख की इनामी कुश्ती में हरजीत का फैसला नहीं हो सका। शनिवार को एआईटी खेल मैदान में आयोजित अंतराज्यीय दंगल में राजस्थान, महाराष्ट्र,दिल्ली,पंजाब, हरियाणा, नंदिनी नगर, अयोध्या, सहारनपुर सहित विभिन्न प्रदेशों के सौ जोड़ा पहलवानों ने हिस्सा लिया। दंगल का उद्घाटन और शुरुआत जावेद खान नेता ने फीता काटकर किया। आदिल खान की अध्यक्षता में चल रहे दंगल की आखरी कुश्ती रोचक बन गई। हजारों की भीड़ के बीच दंगल में जब शाम को आखिरी कुश्ती उत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान और भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच मुक़ाबला शुरू हुआ। हरजीत की बोली तीन लाख तक चली गई। लेकिन पंद्रह मिनट तक दोनों पहलवानों के बीच जमकर दांवपेंच का मुकाबला हुआ। लेकिन कुश्ती दोनों की बराबरी में चली गई। हरजीत का फैसला नहीं हो सका। वहीं वहीं एक लाख की इमामिया कुश्ती अंतराष्ट्रीय पहलवान विक्रम फिरोजाबाद और बबलु उर्फ गुलाम मोहम्मद हनुमान अखाड़ा दिल्ली के बीच हुई। जिसमें बबलू पहलवान की जीत हुई। वहीं दो सौ 70 किलो की भारी भरकम शरीर वाले पहलवान जालंधर के मोटा पहलवान को शिकस्त कोई नहीं दे रहा था। अंतिम में बाबा फकीरा ने उसने हाथ मिलाया और पटखनी दे दी। दंगल में हाहाकार और बाबा फकीरा की जयकार मच गया। वहीं रामनगरी अयोध्या की प्रधानतम पीठ श्रीहनुमानगढ़ी से जुड़े नामी पहलवान मनीराम दास जी महाराज के शिष्य पुष्कर ने दो मुकाबला जीता। इस अवसर पर प्रबंधक इंकसार खान, डा0 मकबूल खान,हसन खान,गुल फिरोज अंसारी,अनिल यादव,तौकीर,नूरानी,सबलू आदि ने पहलवानों का हौसला आफजाई किया।
: प्राचीन शिक्षा व सनातन की पौध शाला (गुरुकुल) अपने शिखर की ओर अग्रसर
Sun, Nov 3, 2024
प्राचीन शिक्षा व सनातन की पौध शाला (गुरुकुल) अपने शिखर की ओर अग्रसर
श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ अयोध्या को मिली शिक्षा मंत्रालय द्वारा वेद पाठशाला की मान्यता, पढाए जाएंगे चारों वेद: आचार्य मनोज दीक्षित50 से अधिक बटुक ज्योतिष शास्त्र न्याय शास्त्र, गणित शास्त्र, व्याकरण, धनुर्विद्या, संगीत शास्त्र सीखने के लिए देश के लगभग 9 प्रांतों के प्रतिष्ठित गुरुकुलों में अध्ययन कर रहे, 20 बटुक भारत सरकार द्वारा स्कॉलरशिप तथा 12 बटुक उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड द्वारा सामान्य ज्ञान छात्रवृत्ति के रूप में स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहेअयोध्या। 3:45 एकड के भूभाग में 12 हजार स्क्वायर मीटर परिक्षेत्र में बने सुंदर श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ को मिली भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन द्वारा सभी वेदों को मान्यता प्रदान की गई है उक्त जानकारी श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ तिहुरा माझा के 'वेद भवन' में आयोजित एक प्रेस वार्ता में गुरुकुल के संस्थापक अध्यक्ष वा महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर (राजस्थान) के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने दी। उन्होंने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद के 3, अथर्ववेद के एक, सामवेद के एक, ऋग्वेद के एक, आचार्य की मान्यता वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा दी गई है जबकि आधुनिक विषय में संस्कृत विषय में एक, गणित व कंप्यूटर में एक, आचार्य की मान्यता मिली है, कृष्ण यजुर्वेद व अथर्ववेद के एक-एक आचार्य का नियुक्ति प्रस्ताव प्रतिष्ठान को न्यास द्वारा भेजा गया है, जिसकी शीघ्र अनुमति मिलने की संभावना है। 29 मार्च 2018 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन अखिल भारतीय सह प्रमुख अनिरुद्ध देश पांडे के साथ अनेक लब्ध प्रतिष्ठित विद्वानों की उपस्थिति में श्री राम वल्लभा कुंज जानकी घाट के अधिकरी राजकुमार दास जी के संरक्षण में उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए भवन में पांच बटुक से प्रारंभ गुरुकुल आज अपने पूर्णत्व को प्राप्त कर रहा है। आज गुरुकुल के पास 12 हजार स्क्वायर मीटर में पांच शालाओं से युक्त हरा भरा परिसर है, गुरुकुल की उपलब्धियां के बारे में बताते हुए श्री दीक्षित ने कहा की केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली द्वारा गुरुकुल को उत्तर प्रदेश का एक आदर्श गुरुकुल विकसित करने का प्रस्ताव ट्रस्ट को प्राप्त हुआ है, प्राचीन शिक्षा व सनातन की इस पौध शाला (गुरुकुल) से निकले 50 से अधिक बटुक ज्योतिष शास्त्र न्याय शास्त्र, गणित शास्त्र, व्याकरण, धनुर्विद्या, संगीत शास्त्र सीखने के लिए देश के लगभग 9 प्रांतों के प्रतिष्ठित गुरुकुलों में अध्ययन कर रहे हैं, गुरुकुल के 20 बटुक भारत सरकार द्वारा 60,000 की वार्षिक स्कॉलरशिप तथा 12 बटुक उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड द्वारा सामान्य ज्ञान छात्रवृत्ति के रूप में 1200 की वार्षिक स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहे हैं। गुरुकुल की योजना के बारे में बताते हुए श्री दीक्षित ने बताया गुरुकुल परिसर में 95 लाख की लागत से पौराणिक व आधुनिक पुस्तकों का पुस्तकालय वा कंप्यूटर लैब एक सामाजिक संस्था द्वारा प्रस्तावित है जिसे शीघ्र निर्माण शुरु होगा, जबकि गुरुकुल में 200 बटुकों के लिए 2300 स्क्वायर फिट में अत्याधुनिक भोजन शाला, ज्योतिष शाला, वा 200 ब्रह्मचारियों के छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान श्री गुरु वशिष्ठ सेवा न्यास के उपाध्यक्ष प्रो० रामनयन राय, कोषाध्यक्ष प्रो० आर०के० सिंह, महासचिव डॉ० दिलीप सिंह, सह प्रबंधक आदर्श सिंह 'ऋषभ', आचार्य नीरज कुमार ओझा उपस्थित रहे।