: सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चना
Wed, Nov 20, 2024
सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चनाअयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, पुजारी हेमंत दास ने किया स्वागतअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमत दरबार में हाजिरी लगाई। इसके उपरांत सीएम योगी श्रीरामलला के मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। सीएम योगी ने दोनों मंदिरों में प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। आज उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए हो मतदान के बीच अयोध्या पहुंचे हैं। इससे पहले अयोध्या पहुंचने पर महापौर एवं विधायक समेत जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर रामकथा पार्क पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां संकटमोचन हनुमान के चरणों में हाजिरी लगाई। यहां मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेम दास से मुलाकात की, जिन्होंने सीएम योगी को अंगवस्त्र पहनाकर आशीर्वाद दिया।पुजारी हेमंत दास ने कराया पूजन। सीएम ने यहां दर्शन-पूजन के उपरांत अयोध्यावासियों व श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि पहुंचे और श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। मुख्यमंत्री ने यहां भी विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचे थे। सीएम ने उस दौरान भी श्रीराम व संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। दर्शन-पूजन के दौरान महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, आदि मौजूद रहे।
: रामचरित मानस पाठ में मनाया गया भगवान राम का जन्मोत्सव
Wed, Nov 20, 2024
रामचरित मानस पाठ में हुआ भगवान राम का जन्मोत्सव
हनुमत निवास मंदिर में त्रिदिवसीय संगीतमय रामचरित मानस पाठ का छाया रहा उल्लास, चहुओर मानस की संगीतमय चौपाईयों की गूंजश्रद्धा और समर्पण के चलते बेहद लोकप्रिय है मां अमृता नंद मानस परिवार: महंत मिथिलेश नंदनी शरणमानस पाठ में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह हुए शामिल, संतों का लिया आशीर्वादअयोध्या। अयोध्या के मां सरयू तट के करीब प्रसिद्ध पीठ हनुमत निवास में राम चरितमानस की संगीतमय चौपाईयों से गूंज रहा हैं। त्रिदिवसीय संगीतमय श्रीराम चरित मानस का मधुर पाठ का भव्य शुभारंभ बुधवार को हो गया। इसे राम भक्तों की एक टीम कर रही है। यह टीम 50 साल से इस क्षेत्र में न केवल सक्रिय है बल्कि अपनी श्रद्धा और समर्पण के चलते बेहद लोकप्रिय भी है। इसे मां अमृता नंद मानस परिवार के नाम से जाना जाता है।रामनगरी अयोध्या का प्रसिद्ध पीठ हनुमत निवास मंदिर में त्रिदिवसीय संगीतमय रामचरित मानस पाठ में बुधवार को भव्य राम जन्मोत्सव पाठ का गायन हुआ। मंदिर में मानस की पंक्तियां गूंज रही हैं। त्रिदिवसीय पाठ को लेकर पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया था। चारों तरह संगीतमय पाठ ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहा था। हनुमत निवास पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नंदनी शरण की अध्यक्षता में हो रहे मानस पाठ का आयोजन मुरादाबाद के सीएल गुप्ता परिवार कर रहा है।मां अमृतानंद मानस परिवार की टीम संगीतमय पाठ कर रही है।समारोह में मुराबाबाद, कानपुर, वाराणसी और रायबरेली के 100 से ज्यादा भक्त मधुर सामूहिक पाठ कर रहें। इस संगीतमय पाठ टीम का नेतृत्व कर रहें योगेश भसीन कहते है कि मानस ऐसा सागर है जिसमें जितना डूबोगे उतना ही आनंद व मधुर होगा।हनुमत निवास के महंत प्रख्यात साहित्यकार मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने बताया कि आज बुधवार को मानस में राम जन्मोत्सव का दिव्य पाठ किया गया। महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि अयोध्या-आरण्य, किष्किन्धा और सुंदरकांड पाठ 21 नवंबर को होगा। 22 नवंबर को सुबह 10 बजे श्रीराम राज्याभिषेक और शिव स्तुति दोपहर 3 बजे, पाठ विश्रााम और प्रवचन शाम 7 बजे के बाद आरती और प्रसाद शाम आठ बजे होगा। यह पूरा समारोह 50 साल से राम चरित मानस का सस्वर सामूहिक पाठ कर रहे भक्तों की टीम करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आयोजक मुरादाबाद के रामभक्त सीएल गुप्ता और उनके परिवार की शिखा गुप्ता और राघव गुप्ता हैं। कानपुर निवासी प्रसिद्ध वकील योगेश भसीन जो कार्यक्रम के समन्वयक और प्रमुख गायक हैं। रायबरेली के स्वामी विज्ञानानंद महाराज और मनोज मिश्र अपनी टीम के साथ आये है। इसके अलावा आगरा के योगेश शर्मा और मुरैना के राजेश ठाकुर के साथ देश के प्रसिद्ध गायक भोला तिवारी वाराणसी भी राम चरित मानस के सस्वर गायन कर रहें। कार्यक्रम में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह शामिल हुए और संतों का आशीर्वाद लिये। इस मौके पर राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान के पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज, हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत बलराम दास, कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, नागा रामनन्दन दास, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि सोनू सिंह,जेडी सिंह, नीलेश सिंह, सहित बड़ी संख्या में संत साधक व भक्त गण मौजूद रहे।
: पांच सौ साल पहले एकजुट हुए होते, तो नहीं देखना पड़ता गुलामी का मुंह : योगी आदित्यनाथ
Wed, Nov 20, 2024
पांच सौ साल पहले एकजुट हुए होते, तो नहीं देखना पड़ता गुलामी का मुंह : योगी आदित्यनाथमुख्यमंत्री ने सुग्रीव किला के श्री राजगोपुरम द्वार का किया अनावरण, संत सम्मेलन में हुए शामिलअतिथियों का स्वागत जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीविश्वेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज व पुजारी स्वामी अनंत पदमनाभाचार्य ने कियाअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या में सुग्रीव किले के भव्य श्री राजगोपुरम द्वार का अनावरण किया। इस अवसर पर देशभर से आए साधु-संतों को संबोधित करते हुए उन्होंने अयोध्या की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भव्य श्रीराममंदिर के निर्माण और सनातन धर्म की एकता पर बल देते हुए कहा कि जो काम 500 साल से रुका हुआ था, जिसके लिए न जाने कितनी पीढ़ियां बलिदान हो गईं, वो केवल सनातनियों के एकजुट होने मात्र पर मोदी जी के नेतृत्व में दो वर्ष में ही पूरा हो गया। अगर 500 साल पहले हमने एकता दिखाई होती, तो गुलामी का सामना नहीं करना पड़ता।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी स्मृतियां हमें समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती हैं। जब भी हम एकता का परिचय देंगे, तो दुनिया की कोई ताकत हमें कमजोर नहीं कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण को पीढ़ियों के संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 500 साल का लंबा इंतजार समाप्त हुआ है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रामलला को उनके भव्य मंदिर में विराजमान करने का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने सनातन धर्मावलंबियों की एकता को इस सफलता का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में धर्म और समाज को कमजोर करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी समस्या जो समाज और राष्ट्र को कमजोर करती हो, हमें उससे खुद को अलग करना होगा। ऐसे तत्वों को बेनकाब कर समाज से अलग-थलग करना धर्म का कार्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुग्रीव किला का संबंध देवरहा बाबा से भी रहा है। उन्होंने बताया कि यह स्थल श्रीराम के वनवास काल से जुड़ा है, जब भरत जी ने इसे श्रीराम के निवास के लिए तैयार किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस किले तक पहुंचने का मार्ग संकरा था, लेकिन अब इसे चौड़ा और सुगम बना दिया गया है। उन्होंने इसे अयोध्या के विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। योगी ने कहा कि अयोध्या अब न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का केंद्र है, बल्कि विश्व की सबसे सुंदर नगरी के रूप में भी विकसित हो रही है। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है, जो अयोध्या को वैश्विक स्तर पर जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने अयोध्या को विश्व की सबसे सुंदर नगरी बनाने का संकल्प दोहराया और इसे अयोध्यावासियों की जिम्मेदारी बताया कि वे इस धरोहर को सुरक्षित और संरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास के साथ अन्य धार्मिक स्थलों के कायाकल्प की भी बात कही। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में अयोध्या को श्रीराम के आदर्शों वाली नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने संत पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के योगदान का भी उल्लेख करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त किया।आये हुए अतिथियों का स्वागत जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीविश्वेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज व पुजारी स्वामी अनंत पदमनाभाचार्य जी ने किया। इस अवसर पर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीविश्वेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज, श्रीरंगम से पधारे संतजन, हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास जी महाराज, महंत रामलखन दास, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी,पुजारी स्वामी अनंत पदमनाभाचार्य जी सहित संतजन एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।