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: झुनकी घाट पर उत्साह उमंग मार रहा हिलोरें, गीत संगीत की बह रही त्रिवेणी

बमबम यादव

Fri, Jan 19, 2024

विचारों का प्रदूषण सबसे खतरनाक होता है :प्रभंजनानंद शरण

रामभक्तों की सेवा में सियाराम किला चला रहा विशाल भंडारा

अयोध्या। मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित सियाराम किला झुनकी घाट में इन दिनों उत्साह व उमंग से लबरेज है। पूरा मंदिर भक्ति मय है। यू तो पूरी अयोध्या ही नही पूरे देश भक्त मय है। भगवान रामलला का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव अपने शबाब पर है। सियाराम किला के प्रथम आचार्य की भी प्राण प्रतिष्ठा मंदिर में होगी। सियाराम किला यें प्रातः नवाह पारायण पाठ व हवन कुंड में संत साधक आहुतियां डाल रहें है। तो वही मंदिर के तरफ से विशाल भंडारा चल रहा है। वही शाम को रामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। व्यासपीठ से अंतरराष्ट्रीय ख्याति लब्ध सरस राम कथा वाचक स्वामी प्रभंजनानंद शरण ने कहा कि समस्त प्रदूषणो से खतरनाक है विचारों का प्रदूषण। आज व्यक्ति का विचार शुद्ध नहीं है प्रतिदिन विचारों का पतन होता चला जा रहा है एक तो व्यक्ति सत्कर्म नहीं करता तत्पश्चात उसके विचार भी शुद्ध नहीं रह गए विचारों के जीर्णोद्धार की बहुत ही आवश्यकता है अगर विचारों का जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो समाज नरक बनेगा। उन्होंने कहा कि जीवन को स्वर्ग बनाने का नियम है दिमाग को रखो ठंडा आंखों में शर्म जुबान को नरम और दिल में हो रहम तो स्वर्ग भी मुट्ठी में है, पहली आवश्यकता दिमाग को ठंडा रखने की है। स्वामीजी ने कहा कि धर्म व्यक्ति के साथ सदैव रहता है धर्म एक तरह से जीवन बीमा है जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी पैसा कमाया हुआ साथ में तो नहीं जाएगा लेकिन सदकर्म किया हुआ इस जिंदगी में भी काम आएगा और इस जिंदगी के बाद साथ भी जाएगा।

आज के समय में व्यक्ति के जीवन से खुशी और चेहरे की हंसी गायब हो गई है जीवन को तनाव से युक्त कर रखा है जिससे जीवन नर्क बन रहा है, प्रसन्नता से जिओ समस्याओं का समाधान अपने आप होता चला जाएगा विपरीत परिस्थितियों में भी घबराना नहीं चाहिए धैर्य रखना चाहिए क्योंकि अनुकूलता और प्रतिकूलता यह दोनों जीवन के दो किनारे हैं जो जीवन में सदैव लगे रहेंगे अनुकूलता में प्रभु की कृपा समझें और प्रतिकूलता में हरी की इच्छा समझकर प्रतिकूलता को भी सहर्ष स्वीकार करें।महोत्सव की अध्यक्षता झुनकी पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण जी महाराज कर रहें है।

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