Thursday 3rd of September 2026

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रामनगरी को मिलेगा मंडल स्तरीय अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब : 47 करोड़ की बी ग्रेड फॉरेंसिक साइंस लैब को मिली रफ्तार

रामनगरी को मिलेगा मंडल स्तरीय अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब

47 करोड़ की बी ग्रेड फॉरेंसिक साइंस लैब को मिली रफ्तार

अब अयोध्या से बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे जांच सैंपल, समय व धन दोनों की होगी बचत

10266 वर्ग मीटर में आकार ले रही बी ग्रेड लैब, ईपीसी मोड पर चल रहा निर्माण कार्य

अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को मिलेगी तकनीकी मजबूती

अयोध्या। अपराध जांच के क्षेत्र में भी मनगरी अयोध्या नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत यहां मंडल स्तरीय अत्याधुनिक बी-ग्रेड फॉरेंसिक साइंस लैब का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से बाग बिजेसी के निकट में बन रही यह पांच मंजिला इमारत अपराधियों के लिए कड़ी चुनौती साबित होगी।  यह लैब 10266 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर इसका निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। पहले अयोध्या और आसपास के जिलों के जांच सैंपल्स को लखनऊ, आगरा या अन्य दूरस्थ फॉरेंसिक लैबों में भेजना पड़ता था, जिससे समय और सरकारी धन दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। सैंपल जांच में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनेगी।

इस लैब से अपराध नियंत्रण, विशेषकर मादक पदार्थों के तस्करी और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तकनीकी रूप से और मजबूती मिलेगी। डीएनए टेस्टिंग, बैलिस्टिक जांच, केमिकल एनालिसिस, साइबर फॉरेंसिक और अन्य आधुनिक तकनीकों से लैस यह प्रयोगशाला वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को सक्षम बनाएगी। यह परियोजना न केवल अयोध्या बल्कि आसपास के जिलों के लिए वरदान साबित होगी। समय की बचत के साथ-साथ जांच की गुणवत्ता में सुधार से निर्दोषों को जल्द राहत और दोषियों को सजा मिलना सुनिश्चित होगा।

रामनगरी में बी ग्रेड फॉरेंसिक साइंस लैब का निर्माण कुल 10266.40 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जा रहा है। जबकि, विभाग के पास मौजूद कुल जमीन 15220 वर्ग मी. में बाकी ओपन स्पेस रहेगा। गृह विभाग के टेक्निकल सेल तथा नियोजन विभाग के समन्वय से ईपीसी मोड पर निर्माण कार्यों को पूरा किया जा रहा हैं।यूपीपीडल्यूडी की ओर से तैयार कराये गए डीपीआर के मुताबिक इसमें दो मंजिला डॉरमेट्री एवं गेस्ट हॉउस 395.90 वर्ग मीटर में, गैरेज एन्ड एलायड बिल्डिंग 250.20 वर्ग मीटर में, मैसेंजर व गॉर्ड रूम 89 वर्ग मीटर में, वर्कशॉप 42 वर्ग मीटर में, 1000 किलोवाट से ज्यादा क्षमता का विद्युत व पंप रूम 51.50 वर्ग मीटर में निर्मित कराया जा रहा है। साथ ही, 100 किलो लीटर क्षमता की उपरगामी टंकी, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और बाउंड्रीवॉल जैसे निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2017 से पहले प्रदेश में मात्र चार फॉरेंसिक लैबों की स्थिति को बदलते हुए अब 12 लैबों का संचालन शुरू कर दिया है, जबकि अयोध्या सहित छह अन्य जिलों (बस्ती, बांदा, आजमगढ़, मीरजापुर और सहारनपुर) में नई लैबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अयोध्या की यह बी-ग्रेड लैब मंडल मुख्यालयों में फॉरेंसिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग निर्माण (खण्ड-दो) उमेश चन्द्र ने बताया बी ग्रेड फॉरेंसिक साइंस लैब का 91 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लैब की स्थापना से अपराध नियंत्रण व अन्वेषण, अनुसंधान तथा मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने में त्वरित व प्रभावी मदद हासिल हो सकेगी।

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