Wednesday 4th of November 2026

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गुरुदेव की दिव्य स्मृतियां आज भी हृदय में जीवंत : स्वामी अनंताचार्य : जगद्गुरु स्वामी कमलाकांताचार्य की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, संतों ने याद किया कृतित्व

गुरुदेव की दिव्य स्मृतियां आज भी हृदय में जीवंत : स्वामी अनंताचार्य

जगद्गुरु स्वामी कमलाकांताचार्य की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, संतों ने याद किया कृतित्व

अयोध्या। रामानुज संप्रदाय की प्रसिद्ध पीठ उत्तर तोताद्रिमठ के पूर्वाचार्य जगद्गुरु स्वामी कमलाकांताचार्य की 12वीं पुण्यतिथि पर रविवार को मठ परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। संतों और श्रद्धालुओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान संत समाज ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और धार्मिक-सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें रामनगरी की संत परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

वर्तमान पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अनंताचार्य ने कहा कि गुरुदेव सशरीर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी दिव्य स्मृतियां, उपदेश और आशीर्वाद आज भी शिष्यों और भक्तों के हृदय में जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी कमलाकांताचार्य ने रामनगरी की संत परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन धर्म, भक्ति और सेवा के प्रति समर्पित रहा। संत समाज के लिए उनका जीवन सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसी संत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनके स्मरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग और स्थापित परंपराओं का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना ही उनके प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता है। मठ की धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का सम्यक निर्वहन करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना ही गुरुदेव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर मठ के उत्तराधिकारी एवं मैनेजिंग ट्रस्टी स्वामी केशव प्रपन्नाचार्य ने उपस्थित संतों का सम्मान किया। श्रद्धांजलि सभा में सतना, मध्य प्रदेश के स्वामी धरणीधराचार्य सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और भक्त मौजूद रहे। सभी ने स्वामी कमलाकांताचार्य के आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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