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हनुमान बाग मंदिर में धूमधाम से मना होलिकोत्सव,संत-महंतों ने फूलों और.. : युगल सरकार और बजरंगबली को अर्पित किया अबीर-गुलाल, भजन-कीर्तन व होली गीतों से देर रात तक गूंजता रहा मंदिर परिसर

हनुमान बाग मंदिर में धूमधाम से मना होलिकोत्सव, संत-महंतों ने फूलों और गुलाल से खेली होली

युगल सरकार और बजरंगबली को अर्पित किया अबीर-गुलाल, भजन-कीर्तन व होली गीतों से देर रात तक गूंजता रहा मंदिर परिसर

अयोध्या। रामनगरी की सुप्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग मंदिर वासुदेवघाट होलिकोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। यहां संत-महंतों और भक्तजनों ने पहले मंदिर में विराजमान युगल सरकार समेत बजरंगबली को अबीर-गुलाल और फूल अर्पित किए। इसके बाद एक-दूसरे को गुलाल लगाकर फूलों से होली खेली और उत्सव का आनंद लिया।

होलिकोत्सव का आयोजन हनुमान बाग के वर्तमान पीठाधिपति महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मठ के गर्भगृह में विराजमान श्री हनुमानजी, युगल सरकार समेत अन्य देवी-देवताओं के पूजन-अर्चन और आरती से हुई। इसके बाद संतों और भक्तों ने अबीर-गुलाल तथा फूलों से होली खेली।

मंदिर परिसर में होली का उत्सव देर रात तक चलता रहा। अयोध्या धाम के प्रसिद्ध कलाकारों ने अपने गायन-वादन से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों ने “होली खेल रहे अवध बिहारी”, “होली खेले रघुवीरा अवध में” और “रामजी के हाथे कनक पिचकारी” जैसे पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम से प्रसन्न होकर महंत जगदीश दास महाराज ने कलाकारों को न्यौछावर भेंट कर सम्मानित किया।

महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि मठ में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी होलिकोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। संतों ने युगल सरकार के पूजन के बाद एक-दूसरे के साथ अबीर-गुलाल और फूलों की होली खेली। पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का उल्लास और भक्ति का वातावरण देखने लायक था।

उन्होंने कहा कि होली का पर्व सत्य की विजय और असत्य की पराजय का प्रतीक है। यह प्रेम, सौहार्द, मित्रता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशियां बांटते हैं और मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं।

इस अवसर पर पुजारी योगेन्द्र दास, हनुमान बाग के व्यवस्थापक व अधिकारी सुनील दास, रोहित शास्त्री, नीतेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत-साधक और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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