: बड़े मंगल से ज्येष्ठ माह होगा शुरू
Mon, May 12, 2025
बड़े मंगल से ज्येष्ठ माह होगा शुरूमाह में पड़ेंगे पांच बड़े मंगल, हनुमंतलला के पूजन के लिए उमड़ेंगे भक्तज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल की तिथि
पहला बड़ा मंगल-13 मई
दूसरा बड़ा मंगल-20 मई
तीसरा बड़ा मंगल-27 मई
चौथा बड़ा मंगल-2 जून
पांचवां बड़ा मंगल-10 जूनअयोध्या। रामनगरी में ज्येष्ठ माह के मंगल पर उत्सव की धूम होती है। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में आस्था का हुजूम बजरंगबली के दर्शन को उमड़ता है। पूरे शहर में जगह-जगह भंडारे सजते हैं। इस बार ज्येष्ठ माह की शुरुआत बड़े मंगल से ही हो रहा है। माह में कुल पांच बड़े मंगलवार पड़ेंगे। रामनगरी के हनुमान मंदिरों में इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
ज्येष्ठ मास में हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। यह तिथि शुभ मानी जाती है और हनुमान जी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण है। बड़े मंगल को लेकर मान्यता है कि त्रेता युग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के प्रधान शिष्य महंत डा महेश दास ने बताया कि ज्येष्ठ माह की शुरुआत 13 मई को रही है। इसी दिन पहला बड़ा मंगल भी होगा। आखिरी बड़ा मंगल 10 जून को रहेगा। ज्येष्ठ माह में कुल पांच बड़े मंगल होंगे।उन्होंने कहा कि सभी को हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। बड़े मंगल को मंदिर में जाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं। उसके बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए।
: टीएसएल इंडिया एचएसबीसी का स्वच्छ पेयजल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
Mon, May 12, 2025
टीएसएल इंडिया एचएसबीसी का स्वच्छ पेयजल की दिशा में महत्वपूर्ण कदमहनुमानगढ़ी व पुराने डाक खाने चौराहे पर वाटर कियोस्क का उद्घाटनहनुमानगढ़ी के संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा, यह बहुत ही नेक कार्य है,टीएसएल इंडिया एचएसबीसी को आशीर्वादअयोध्या। स्वच्छ पेयजल तक पहुंच हर नागरिक का अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं इसी संकल्प को साकार करते हुए अयोध्या के हनुमानगढ़ी क्षेत्र में वाटर कियोस्क का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। यह पहल श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुलभ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, पूज्य गुरुदेव संजय दास महाराज (उत्तराधिकारी धर्मसम्राट महंत ज्ञानदास जी महाराज), नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय सिंह “बिन्नू“ (प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन),आदेश गुप्ता (निदेशक, सलाहकार मंडल, टीएसएल इंडिया एचएसबीसी) और राजीव सिंह, एडवोकेट द्वारा किया गया।
: संत रविदास का दर्शन ही विकसित भारत संकल्प का प्रेरणास्रोत : योगी आदित्यनाथ
Sat, May 10, 2025
संत रविदास का दर्शन ही विकसित भारत संकल्प का प्रेरणास्रोत : योगी आदित्यनाथअयोध्या में प्राचीन संत रविदास मंदिर में सौन्दर्यीकरण कार्य एवं सत्संग भवन का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पणकाशी में संत रविदास के धाम का प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है कायाकल्पअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचकर प्राचीन संत रविदास मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य और नवनिर्मित सत्संग भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री यहां सामूहिक सहभोज कार्यक्रम में शामिल होकर संतों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का संकल्प, सद्गुरू संत रविदास जी की प्रेरणा से ही आगे बढ़ रहा है। संत रविदास ने कहा था, ’’ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट बड़ा सब संग बसे, रैदास रहे प्रसन्न’’, उनका यही दर्शन प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प का आधार है। हमारा देश तभी विकसित भारत बनेगा, जब हम एकजुट होकर जातिगत और आर्थिक विषमताओं को दूर कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक नई अयोध्या का निर्माण हो रहा है और आज संत रविदास मंदिर के सौंदर्यीकरण और सत्संग भवन के लोकार्पण के साथ यह प्रक्रिया और सशक्त हुई है। उन्हाने इसके लिए महंत बनवारी पति ब्रह्मचारी जी महाराज को बधाई दी। सीएम योगी ने संत रविदास को मध्यकालीन संत परंपरा का सिद्ध संत बताते हुए कहा कि उन्होंने कर्मप्रधान व्यवस्था के माध्यम से सामाजिक चेतना को जागृत किया और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई।मुख्यमंत्री ने मध्यकाल के कठिन समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के अत्याचार और सनातन धर्म पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे, तब काशी में संत रविदास ने सामाजिक एकता के लिए समाज को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने आडंबर और रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाई और कर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी कहावत ’मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आज भी प्रासंगिक है।सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में सीर गोवर्धन को 10 वर्षों में भव्य स्वरूप दिया गया है और अयोध्या का कायाकल्प भी उसी दिशा में एक कदम है। उन्होंने अयोध्या में फोरलेन सड़कों, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, माता शबरी के नाम पर अन्न क्षेत्र, निषाद राज के नाम पर यात्री विश्रामालय और राम की पैड़ी व सरयू घाट के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अयोध्या की उपेक्षा की गई, लेकिन अब सूर्यवंश की ये राजधानी देश की पहली सोलर सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रही है।नेशन फर्स्ट की भावना ही करेगी समृद्ध भारत का निर्माणउन्होंने पासी समाज, कबीर मठ और रजक समाज के संतों को आश्वासन दिया कि सरकार सभी वर्गों को जोड़कर आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब हमारा संकल्प देश के प्रति कर्तव्यों से जुड़ेगा, तो सभी समस्याओं का समाधान संभव है। हमें नेशन फर्स्ट की भावना के साथ देश को प्राथमिकता देनी होगी, तभी हम संत रविदास और भगवान राम के आदर्शों पर चलकर एक समृद्ध भारत का निर्माण कर सकेंगे।इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक और संत रविदास जी मंदिर के महंत बनवारी पति ब्रह्मचारी जी महाराज, चंपत राय, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, योगी बालकनाथ जी महाराज, रामानुजदास जी महाराज, डॉ सुंदरलाल जी महाराज, छतरदास जी महाराज, स्वामीदास जी महाराज, स्वामी भारत भूषण जी महाराज, सुकृत साहब सहित सद्गुरू रविदास जी महाराज की भक्तिधारा से जुड़े अन्य संतजन एवं श्रद्धालुगण मौजूद रहे।