: क़्यो कि मैंने देखा है इनका दौर…एक दावा करने आया हूँ: सुल्तान
Mon, Dec 6, 2021
आपको लगेगा हम कोई कल्पना कर रहे रहे पर यकीन मानिए हर वो शख्स मेरी बात से सहमत होगा जिसने साकेत में युवा नेता विशाल मिश्रा का छात्र राजनीति का दौर देखा होगा। एक दुबली पतली काया का नौजवान जो छात्रहितों के लिए शिक्षक ही नही सीधे जिलाधिकारी, एसएसपी से भिड़ जाता था और तार्किक ढंग से अपनी बात मनवा भी लेता था। जिसका मै ही नही साकेत महाविद्यालय की आबोहवा खुद ब खुद बोलती है। हैसियत क्या थी उस छात्रनेता की पदाधिकारी भी नही था वो आम इंसान गरीब घर मे पला बढ़ा पर पीछे हुजूम किसी खास से कम नही ....
हा वो कार्यकाल जिसकी बात मैं कर रहा जब छात्रनेता के तौर पर पुलिस प्रशासन हो या रेलवे की जीआरपी (तब बड़े पैमाने पर छात्र ट्रेन से आते थे) या फिर महाविद्यालय प्रशासन रहा हो या फिर विश्विद्यालय प्रशासन या फिर कोई बड़े से बड़ा नाम गलत किया तो भुगतना तय था झुकना तय था
मजाल है कोई छात्रहित से खिलवाड़ कर दे और अगर किया तो सबकी निगाहें जिस ओर देखती थी वो थे विशाल भैया।
भैया का विगुल बजा लड़ाई ठन गयी तो फिर जो नजारा होता था जो लिखूंगा तो आज के छात्रों को फिल्मी लगेगा इसलिए छोड़ रहा हूं उसे वही समझ सकता जो गवाह रहा होगा उस दौर का हा इतना बता देता हूं कि भैया लोकतांत्रिक ढंग भी अपनाते थे साथ मे ठोंकतांत्रिक भी। हा पर एक बात का गुमान तब भी था आज भी है कि विशाल भैया गलत करते नही गलत सहते भी नही।
लंबा अरसा बीत गया भैया के उस तेवर को वही समझ सकता जिसने देखा होगा आज जब मैंने अयोध्या विधानसभा से दावेदारी का उनकी होर्डिंग्स देखी तो बड़ा सुकून मिला कि चलो अब अगर इन्हें मौका मिला तो अयोध्यावासियों को एक सच्चे हमदर्द , संवेदनशील, सच्चा जनप्रतिनिधि क्या होता ये जरूर देखने को मिलेगा अगर ये विधायक हुए तो पक्का मानिए आप भी इनके दीवाने न हो गए तो आप का जूता मेरा सर।
और हाँ दावा ये कि नाक में दम उनके हो जाएगा जो आमजनमानस के हित से खिलवाड़ करेगा यकीन न हो मेरी बात पर तो एक मौका देकर देखिए आप सबको यकीन हो जाएगा।
: 6 दिसंबर को संगीनों के साए में रही अयोध्या
Mon, Dec 6, 2021
रामनगरी की सुबह मंदिरों में घंटियां और मस्जिदों में आजान से हुई शुरू
6 दिसम्बर वही दिन है जब 1992 में हिन्दूओं ने अयोध्या के माथे पर लगे कलंक को मिटा दिया था: महंत करुणानिधान शरण
अयोध्या। रामनगरी 6 दिसंबर पर 29वीं बरसी मना रही है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से टाइट कर दी गई है। प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। अयोध्या नगर के सभी प्रवेश मार्गों पर एटीएस, आरएएफ व पीसएसी तैनात हैं। वाहनों की चेंकिंग हो रही है। इसके साथ ही अयोध्या के तमाम धार्मिक स्थलों व राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त दी गई। मतलब पूरी अयोध्या इस वक्त संगीनों के साए में है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के अफसरों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
6 दिसंबर 1992 में लाखों कारसेवकों ने विवादित ढांचा को ढहाया दिया था। जिसके बाद से अयोध्या को कड़ी सुरक्षा के बीच जकड़ दिया गया था। लेकिन धीरे धीरे सब सामान्य हो रहा है। और आज 29 वर्ष बीत जाने के बाद अयोध्या नगर में शांति दिखाई दे रही। अयोध्या की सुबह मंदिरों में घंटियां और मस्जिदों में आजान के साथ शुरू हुई। और लोग अपने कार्यों में लगे रहे। लेकिन जब सुरक्षा की सख्ती दिखाई देती है तो स्थानीय लोग भी उस दिन को याद करने लगते हैं।
रामनगरी के सिद्धपीठों में शुमार सियाराम किला झुनकी घाट के महंत करुणानिधान शरण जी की माने तो 6 दिसम्बर वही दिन है जब 1992 में हिन्दूओं ने अयोध्या के माथे पर लगे कलंक को मिटा दिया था। उसके बाद से 28 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद रामलला के स्थान को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी माना और उस पर भव्य राम मंदिर निर्माण का आदेश दिया। आज अयोध्या में भगवान श्री रामलला के मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। हम लोग इस निर्माण कार्य को लेकर बहुत ही खुश हैं।
महंत करुणानिधान शरण जी ने आगे कहाकि, 6 दिसंबर को लेकर अयोध्या में सब शांति है लेकिन कोई भी बाहरी व्यक्ति अयोध्या की शांति को न बिगाड़े इसलिए बड़ी मात्रा में सुरक्षा तैनात किया गया है। और नॉर्मल दिनों की तरह आज ही लोग मंदिरों में पूजा पाठ कर रहे हैं और श्री रामलला सहित विभिन्न मठ मंदिरों का दर्शन किया जा रहा है।
इस मुद्दे पर बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि, अयोध्या धर्म की नगरी है यहां पर सभी एक दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं। 6 दिसंबर को लेकर सुरक्षा भले ही बढ़ दी गई हो। लेकिन यहां पर किसी प्रकार का तनाव नहीं है। पूरे देश में आपसी सद्भाव बनी रहे और कोई नया विवाद न खड़ा किया जाए। लेकिन कुछ लोग मथुरा को लेकर विवाद पैदा करना चाह रहे हैं वह नहीं चाह रहे कि देश में अमन चैन बनी रहे।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि, बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ पर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। तीनों धार्मिक नगरी अयोध्या, मथुरा और काशी के संबंध में सभी जिलों के अफसरों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यहां अतिरिक्त फोर्स की भी तैनाती की गई है।
: पारम्परिक उत्सव फुलवारी लीला ने दर्शकों का मनमोहा
Mon, Dec 6, 2021
-श्री सीताराम विवाह महोत्सव हुआ चटक,दुल्हा सरकार की सेवा सत्कार में जुटा जानकी महल ट्रस्ट
-भव्य राम मंदिर बनने से इस बार का विवाह महोत्सव हो रहा है अद्भुत, बरातियों में है काफी उत्साह: आदित्य सुल्तानिया
अयोध्या। श्री राम विवाह महोत्सव पर रामनगरी के जानकी महल ट्रस्ट को दुल्हन की तरह सजाया गया है। इस महल में भगवान श्रीराम को दुल्हा सरकार के रुप में सेवा सत्कार किया जा रहा है। श्री किशोरी सीता जी का मायका होने के कारण भगवान श्रीराम यहां जमाई के रुप में प्रतिष्ठित है।
इस बार रामनगरी में भव्य राम मंदिर बनने की खुशी व विगत दो साल कोरोना के कारण सूक्ष्म उत्सव होने से इस बार बड़े पैमाने पर उत्सव मनाया जा रहा। श्रीजानकी महल ट्रस्ट अद्भुत विवाह महोत्सव और भी भव्य रुप से मनाया जा रहा है। विवाह उत्सव में आज दिव्य फुलवारी लीला का आयोजन किया गया, यह लीला दर्शकों का मन को मोहित करने वाला था। मंदिर के चहुंओर लीला की तारीफ होती रही। ट्रस्ट का विवाह महोत्सव वैसे भी अयोध्या वासियों के लिए बेहद खास होती है। क्योंकि मारवाड़ी रीति रिवाज से बड़े ही ठाट बाट से श्रीराम बारात जानकी महल से निकलती है, जिसको देखने के लिए अयोध्या वासी लालायित रहते है। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। राम बारात में हाथी घोड़ा पालकी के साथ श्री राम रथ तैयार किया गया है,जिसपर श्रीराम अपने अनुज समेत अपनी बारात लेकर निकलेगें। इस खास बारात के बाराती होगे अयोध्या वासी। जानकी महल ट्रस्ट की बारात और भी आनंदित करने वाला होता है क्योंकि बाराती मारवाड़ी समाज के लोग ठाट बाट से सुसज्जित होकर नाचते गाते निकलते हैं। अपने आराध्य प्रभु श्री राम की फुलवारी लीला देखने के लिए सुबह से ही माताएं बहने तैयारी शुरू कर दी है, मंगल गीत के साथ-साथ हाथों में मेहंदी रचा कर के सज धज कर प्रभु श्री राम और माता जानकी के प्रथम मधुर मिलन की लीला देखने के लिए तैयार हो रही है भगवान श्रीराम नगर भ्रमण करते हुए पुष्प वाटिका में पहुंचते हैं। जहां माता जानकी गौरी पूजन के लिए आई है पहली बार प्रभु श्री राम और माता जानकी का मिलन पुष्प वाटिका में होता है। यह मंगल दृश्य देखकर वहां उपस्थित लोग हर्षित होकर माता जानकी और प्रभु श्री राम के जयकारे लगाने लगे। पुष्प वाटिका का पूरा मंचन मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास व महंत रामचन्द्र दास के सानिध्य में मनाया गया।
श्रीजानकी महल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया कहतें है कि हमारे यहां भगवान श्रीराम को दुल्हा रुप में पूजते है, ये महल किशोरी जी का मायका घर है इसलिए हमारे भाव भी उसी प्रकार के होते है। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर को भगवान का तिलक उत्सव और 8 दिसंबर को भव्य बारात निकाली जाएगी रात में भगवान का विवाह संपन्न होगा,तो 9 दिसंबर को भव्य रामकलेवा होगा जिसमें युगल सरकार को छप्पन भोग लगाया जायेगा। इस अवसर पर दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया आदि लोग मौजूद रहे।