: गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है दरगाह हज़रत शीष
Mon, Feb 7, 2022
दो दिवसीय सालाना उर्स के मौके पर मांगी गई अमनो सुकून की दुआएं
अयोध्या। अयोध्या में हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक माने जाने वाली दहगाह हज़रत शीष अलैहिस्सलाम का दो दिवसीय सालाना उर्स आज सम्पन्न हुआ। अयोध्या के मणिपर्वत रोड स्थित पैगम्बर हज़रत शीष अलैहिस्सलाम का दो दिवसीय सालाना उर्स शनिवार से बड़े ही अदबो एहतेराम से मनाया गया। पैग़मर हज़रत शीष अलैहिस्सलाम के सज्जादा नशीन अलौदे मखदुम पीर सैय्यद मोहम्मद आसिफ फिरदौसी ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत उर्स का अयोजन हुआ। रविवार को सुबह कुरआन ख्वानी के बाद सुबह 10 बजे ग़ुस्ल मज़ार शरीफ का आयोजन हुआ। दूर दराज से आने वाले जायरीनों ने अपने अकीदत के हिसाब से मज़ार पर चादर पोशी व गुल पोशी करते हुए दुआएं मांगी। सज्जादा नशीन हज़रत शीष अलैहिस्सलाम व औलादे मखदूम मौलाना मोहम्मद आसिफ फिरदौसी ने बताया कि हज़रत शीष पैगम्बर वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय सालाना उर्स अरबी माह के 3 व 4 रजब को मनाया जाता है, जोकि इस फरवरी माह को 5व 6 तारीख को मनाया गया। दो दिवसीय उर्स के मौके पर ऑल इंडिया नातिया मुशायरा का भी आयोजन हुआ, जिसमें बरेली से आज़म रज़ा तहसीनी,बहराइच से ज़ाकिर इस्माइली, कानपुर से नूर अहमद नूर, बनारस से सद्दाम, लखनऊ से ताहिर सहित अन्य मशहूर शायर शामिल होंगे। जबकि उत्तराखंड से मुफ़्ती इरफानुलहक़, सोनभद्र से मुफ़्ती शब्बीर अहमद, केरला से मुफ़्ती जियाउल हक सहित अन्य कई नामी गिरामी उल्माए किराम भी ईदमिलादुन्नबी को खेताब संबोधित किये। कार्यक्रमों के बारे में दरगाह के मोतवल्ली सैय्यद हेलाल अहमद ने बताया कि दो दिन लंगर का भी आयोजन हुआ। उर्स के अंतिम दिन यानी रविवार को देर रात तक आल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ।
: लता मंगेशकर का जाना देश के लिए अपूर्णीय क्षति: जगद्गुरु परमहंस आचार्य
Mon, Feb 7, 2022
अयाेध्या। भारत रत्न सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर पूरी अयाेध्यानगरी गमगीन रही। उनके निधन पर साधु-संतों ने शाेक प्रकट किया है। रविवार काे आचार्य पीठ तपस्वी छावनी, रामघाट में जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा का आयाेजन किया गया। सभा में संताें ने स्वर काेकिला के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दाे मिनट का माैन रखा। इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर काे हम सबने हमेशा माता सरस्वती के रूप में देखा है। उनका निधन देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। पूरे देश में इस समय शाेक की लहर है। अयाेध्या में भी साधु-संत शाेकाकुल हैं। हम संताें ने शाेक सभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं दाे मिनट का माैन रखा। साथ ही उनकी आत्म शांति के लिए रामलला से प्रार्थना भी किया। परमहंस ने कहा कि सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर भारत की गाैरव रही हैं। जब मुझे पता चला कि वह बहुत बीमार हैं। ताे मैंने उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए हवन-पूजन, यज्ञ, अनुष्ठान आदि धार्मिक कार्यक्रम किए। लेकिन जब उनके निधन का समाचार मिला। ताे इससे बहुत दुख हुआ, जिसकाे बयां नही किया जा सकता है। धन्य है यह भारत भूमि जहां लता मंगेशकर का प्राकट्य हुआ। उनके जैसा न काेई हुआ है और न हाेगा। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की सकती है। भारत ही नही अपितु पूरा विश्व लता मंगेशकर के निधन से दुखी है। उनका जाना हम सबके लिए बेहद दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा काे शांति दे।
: कल तक रहे दुश्मन बन गए समधी, लगाया एक दूजे को गले
Tue, Feb 1, 2022
अयोध्या।
कल तक रहे दुश्मन बन गए समधी, लगाया एक दूजे को गले। परिजनों की सहमति से प्रेमी युगल का पुलिस ने कराया विवाह। पुलिस की सराहनीय पहल की हर तरफ हो रही प्रशंसा। नव दंपति प्रेमी युगल परिजनों के डर से घर से हुए थे फरार पुलिस ने बरामद कर कराई शादी। पुलिस के सामने प्रेमी युगल के सात फेरे लेते ही गूंजी तालियां। हिंदू रीति रिवाज से एक ही जाति के प्रेमी युगल बंधे विवाह के बंधन में। लंबी मानमनौव्वल और बालिग बच्चों के भविष्य को देख हंसी ख़ुशी राजी हुए वर-वधू के परिजन।अयोध्या कोतवाली के प्रभारी देवेंद्र पाण्डेय की अगुवाई में विवाह स्थल पहुंच साक्षी बने बड़ी तादाद में अयोध्या के संभ्रांत नागरिक दिया नवदंपत्ति को आशीर्वाद। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के वासुदेव घाट स्थित हनुमान बाग में हुआ मांगलिक कार्यक्रम।