: भरत जैसा चरित्र व आचरण हमें जीवन में उतारना चाहिए : बाल भरत
बमबम यादव
Mon, Mar 28, 2022
श्री जानकी घाट बड़ा स्थान में श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समारोहपूर्वक रामकथा का समापन


अयोध्या। रामनगरी के श्री जानकी घाट बड़ा स्थान में श्री रामकथा की अमृत वर्षा में संत साधक गोता लगा रहे है। व्यासपीठ से रामकथा की रसधार क्रान्तिकारी व्याख्याता स्वामी बाल भरत जी के श्री मुख से बह रही है। आज कथा में भरत चरित्र की कथा सुनाते हुए बाल भरत जी ने बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की। कथाव्यास ने बताया कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। राम लक्ष्मण भरत शत्रु जैसे भाई से हमे सभी गुण सीखना चाहिए और जिस तरह भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया उससे हमे सीख लेने की जरूरत है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। कथा में सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।
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