: अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ के लिए पढ़ी ईद की नमाज
Tue, May 3, 2022
मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया ने ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को दी जकात, दिया मुबारकबाद
नन्हे बच्चें अल्फिशा,अरहान अंसारी,कशफिया सुल्तान व अलिशबा ने एकदूसरे को गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद
अयोध्या। रमज़ान का बरकतों वाला मुबारक महीना खत्म हो है। अलविदा हो चुकी है और अब ईद-उल-फितर मनाया गया। ईद का चांद दिखते ही लोगों के दिलों में खुशियों की लहर दौड़ गई। जिले में आज बड़े ही सादगी के साथ ईद की नमाज अदा की गई। ईद को कुछ लोग मीठी ईद भी कहते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर कहा जाता है। एक महीने के रोजे़ पूरे होने के बाद यह खुशी का मौका होता है जब लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं और ईद मनाते हैं। इस बार कोरोना कम होता ने के कारण लोगों ने दिल खोलकर ईद मनाई। हर तरह लोग एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद देते नजर आये। ईद का त्योहार चांद देखकर मनाया जाता है। ऐसे में ईद का त्योहार कब मनाया जाएगा यह चांद देख कर ही तय होता है। हालांकि बीते दो साल की तरह इस साल कोरोना संक्रमण कम था। मस्जिदों में लोगों पूरे शिद्दत से नमाज अदा किये। बहरहाल खुशियों का यह त्योहार ईद हर साल मीठे पकवान सेवइयां आदि बनाकर और दोस्तों परिचितों से गले मिल कर मनाया गया। भाईचारे का संदेश देते इस खास दिन अपने हों या गैर सब गले मिल कर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दिया। ईद उल फितर के दिन आज सुबह जल्दी उठ कर नहा-धोकर नए कपड़े पहन कर मस्जिदों में ईद की नमाज के लिए गये। जहां सब कई सफों में इकट्ठा होकर अल्लाह की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अपने रब का शुक्रिया अदा की। उन्हें अपने अल्लाह की ओर से रमज़ान के पाक महीने में इबादत करने का मौका मिला। इस मौके पर मुसलमान अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ करते की। इसके अलावा ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को जकात दी जाती है। नगरी के गंगा जमुनी तहजीब की जीती जागती मिशाल समाजसेवी मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया अपने परिवार के साथ बड़े ही सादगी के साथ मुल्क की सलामती के लिए ईद की नमाज पढ़ी और एकदूसरे को मुबारकबाद देते हुए ईद मनाई। उनके साथ मोहम्मद इमरान अंसारी, सुल्तान अंसारी, अल्फिशा, अरहान अंसारी, कशफिया सुल्तान, अलिशबा ने धूमधाम से मनाई ईद।
: त्याग तपस्या साधना की केंद्र बिंदु श्यामासदन मंदिर
Tue, May 3, 2022
महंत संतगोपाल दास जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आज, संत करेंगे नमन
अयोध्या। संतो की सराय कही जाने वाली रामनगरी अयोध्या जहां अनेक भजनानंदी संत हुए है जिनके त्याग तपस्या के बलबूते न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे भारत में संत समाज की गरिमा वैभव को स्थापित किया है। ऐसा ही प्रसिद्ध मंदिर श्यामासदन है। जहां पर सच्ची साधना संतो की जगजाहिर है। श्यामासदन के प्रथम हुए महंत रामकिंकर महाराज द्धितीय लाल जी महाराज व तृतीय महंत संत गोपाल दास महाराज जिनकी त्याग तपस्या साधना की चर्चा आज भी अयोध्या ही नही आसपास के कई जिलों के लोग करते है। इन पूज्य आचार्यों के यशगाथा आज भी अयोध्या के संत समाज व आमजन करते है। इनकी त्याग तपस्या साधना की केंद्र बिंदु श्यामासदन मंदिर अपने विकास के ओर अग्रसर है। उस मंदिर की बागडोर आज युवा हाथों में है। महंत संतगोपाल दास जी महाराज के सुयोग्य शिष्य बालयोगी महंत श्रीधर दास आज श्यामासदन के पीठाधीश्वर है। अपने गुरु के बतायें मार्गों का अनुसरण करते हुए महंत श्रीधर दास मंदिर के विकास, गौ सेवा, साधु सेवा के तनमयता से लीन होकर करते है। श्यामा सदन मंदिर में भगवान की अष्टयाम सेवा लगातार हो रही है। साधु सेवा, गौ सेवा बहुत ही बड़े पैमाने पर होता है। श्यामासदन पीठाधीश्वर महंत बालयोगी श्रीधर दास महाराज ने बताया कि आज जो भी कुछ हूँ पूज्य गुरुदेव जी की कृपा है। गुरुदेव भगवान की प्रथम पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई जायेगी। रामनगरी समेत पूरे भारत से शिष्य परिकर इसमें शामिल होगे।
: ईद-उल-जुहा प्रेम, निस्वार्थता और बलिदान का पर्व है: नन्हे मिंया
Tue, May 3, 2022
जितना हो सकता है लोगों की मदद करता हूँ यही मेरी ईद है: मोहम्मद इमरान अंसारी
ईद हम सबके जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाए यही कामना है: सुल्तान
अयोध्या। देशभर में ईद-उल-जुहा मनाई जा रही है। रामनगरी अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब के सबसे बड़े झंडाबरदार मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया ने कहा कि ईद-उल-जुहा प्रेम, निस्वार्थता और बलिदान का भावना के प्रति आभार व्यक्त करने और समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर काम करने का त्योहार है। बकरीद या फिर कहें ईद उल जुहा का पर्व हमारे मुस्लिम समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इसका संबंध कुर्बानी से है। कुर्बानी का असल अर्थ बलिदान है, जो दूसरों के लिए दिया गया हो। नन्हे मिंया ने सभी को प्रेम मोहब्बत आपसी भाईचारा बनायें रखने की बात कही। उन्होंने अयोध्या पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि हमारी पुलिस अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से कर रही है हम सब की भी जिम्मेदारी है कि समाज में आपसी भाईचारे को बनाए रखें और एक दूसरे के साथ गले मिलकर खुशियां बांटे।
नन्हे मिंया के पुत्र समाजसेवी मोहम्मद इमरान अंसारी ने भी अयोध्या समेत पूरे देशवासियों को ईद की बधाई दी है। इमरान ने कहा- ईद मुबारक। ईद उल जुहा पर शुभकामनाएं। उम्मीद करता हूं, यह दिन समाज के भले के लिए सामूहिक सद्भाव, लगाव और सबको साथ लेकर चलने की भावना को बढ़ाएगा। मोहम्मद इमरान अंसारी ने ईद पर गरीबों मजलूमों की मदद करते हुए अपनी ईद मनाई उन्होंने कहा कि ये खुशियां सभी के घरों में पहुंचनी चाहिए। इसलिए जितना हो सकता है लोगों की मदद करता हूँ यही मेरी ईद है।
गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के दूसरे पुत्र जिनकी समाज में अपनी एक अलग पहचान है। लोगो की मदद करना जिनका अपना एक काम है ऐसे समाजसेवी सुल्तान अंसारी ने ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि ईद आपसी भाईचारे और त्याग की भावना का प्रतीक है। ईद हम सबके जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाए यही कामना है।