: श्रृंगार कुंज के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
Sun, Aug 27, 2023
संत साधक भगवान सीताराम को रजत के हिंडोले पर झूला रहें झूलन
अयोध्या। राम नगरी का प्रसिद्ध सावन झूला मेला शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरंभ हो गया। मंदिरों से गाजे- बाजे के साथ बड़े-बड़े रथ पर भगवान के विग्रह की पालकी यात्रा निकाली गई। मणि पर्वत जाकर मंदिरों के चल विग्रह को पेड़ों की डालों पर पड़े झूले पर प्रतीक रूप में झुलाया गया। इसी के साथ अयोध्या के हजारों मंदिरों में एक साथ झूले पड़ गए। इसे अनादिकाल से परंपरागत रूप मनाया जाता है। भगवान श्रीराम माता जानकी द्वारा सावन मास में की गई आनंद विहार की लीलाओं को आधार मानकर यह उत्सव मंदिरों में होता है। इसी के साथ अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव शुरुवात हो गई। यह उत्सव रक्षाबंधन तक यानी सावन पूर्णिमा तक चलेगा।
रामनगरी का अति प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर श्रृंगार कुंज में मंदिर के महंत हरिभजन दास महाराज की अध्यक्षता में भव्य झूलन महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भव्य झूले में बिहार करते श्री सीताराम युगल सरकार की अनुपम छटा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। रजत के हिंडोले में भगवान को संत साधक झूला रहें झूलन।
इसी प्रकार रामनगरी के कोशलेश सदन,हनुमान बाग श्रीमणिराम छावनी, सियाराम किला, वेद मंदिर, लक्ष्मणकिला, जानकीघाट बड़ास्थान, विश्वविराट विजय राघव मंदिर, डांडिया मंदिर, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल, लवकुश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रावण झूलनोत्सव की धूम है।
: स्वर्ण-रजत हिंडोले में झूल रहे युगल सरकार
Sun, Aug 27, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री राजगोपाल मंदिर की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक छटा देखने लायक
शास्त्रीय संगीतज्ञों, गायकों व लोक नर्तकों की मनोहारी प्रस्तुतियां दर्शकों-भक्तों को कर रही भावविभोर
अयोध्या। रामनगरी का श्रावण झूलनोत्सव मेला सावन शुक्ल तृतीय से हो गया है। रामनगरी की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक छटा देखने लायक है। सावनी फुहारों के बीच मंदिरों में गुंजायमान हो रहे कजरी गीतों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम रामनगरी में उमड़ पड़ा है। अपने प्रभु के झूला बिहार का दृश्य देखने के लिए श्रद्धालु मंदिरों की ओर उन्मुख हो रहे हैं। विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
प्रसिद्ध पीठ श्री राजगोपाल मंदिर में डॉक्टर सर्वेश्वर दास शरद जी के अध्यक्षता में झूलन महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। रात्रि सात बजे से 11 बजे तक शास्त्रीय संगीतज्ञों, गायकों व लोक नर्तकों की मनोहारी प्रस्तुतियां दर्शकों-भक्तों को भावविभोर कर रही हैं। स्वर्ण-रजत झूले में बिहार कर रहे श्री युगल सरकार भगवान की अलौकिक छटा का दर्शन कर भक्त धन्य हो रहे हैं। आज झूलहियो पिय तोको, हिय अभिलाख लाख भातिन से है जीवन धन मोको, चंचलता चातुरी चलन, चख चारु चरित अवलोको जैसे कजरी गीतों की धुनें भक्तों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। झूलन में एमबी दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें: रामानुजाचार्य
Sun, Aug 27, 2023
रामलला सदन देवस्थानम में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार,मंदिर में भगवान का पवित्रोत्सव व झूलनोत्सव का छाया उल्लास
अयोध्या। राम जन्म भूमि के निकट रामलला सदन देवस्थानम में श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें।
आज हमारी प्रार्थना भी मात्र क्रिया बनकर रह गई है जबकि प्रत्येक क्रिया ही प्रार्थना बन जाए ऐसा कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा व्यवहार आचरण विचार सब इतना लयबद्ध और ज्ञान मय हो कि यह सब अनुष्ठान जैसा लगने लगे। व्यासजी ने कहा कि धर्म के लिए अलग से कर्म करने की आवश्यकता नहीं अपितु जो कर्म हम कर रहे हैं उसको ऐसे पवित्र भाव से करें कि वही धर्म बन जाए। उन्होंने कहा कि समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिए मौन ही सबसे बड़ा अस्त्र है इस अस्त्र से संसार के समस्त विवादों का समाधान हो सकता है।जो मनुष्य बाहरी बातों पर ध्यान देता है उसके घर में कलेश होता है तात्कालिक आवेश में लिया गया निर्णय हमेशा पश्चाताप का कारण बनता है जो सरलता असत्य और अन्याय का विरोध न कर सके वह समाज और स्वयं दोनों के लिए घातक है। कथा को समझाते हुए स्वामीजी ने कहा कि झूठ और अन्याय को सह लेना ही अगर सरलता होती तो भगवान श्री राम बाली के अन्याय और रावण के अत्याचार को सहते इन सब को दंडित करने के बाद भी भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम, सरल एवं संकोची कहा गया है। मंदिर में इन दिनों का भगवान का पवित्रोत्सव व झूलनोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है।