: हनुमान बाग में शिष्य परिकरों ने निवेदित की अपनी श्रद्धा
Tue, Jul 23, 2024
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में धूमधाम से मनाया गया गुरुपूर्णिमा महोत्सव, शिष्यों को दिया गया दीक्षा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में गुरु पूर्णिमा के मौके पर लाखों की संख्या में अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान के बाद राम जन्मभूमि हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख मंदिरों में पूजन अर्चन किया इसके बाद सभी भक्त अपने गुरुओं की आराधना की। गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा है जिस का निर्वाह आज भी लोग अपने गुरुओं के दर्शन पूजन और सेवा कर करते हैं। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में महंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में बड़े ही धूमधाम के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों का जमावड़ा रहा। महोत्सव से दूर दराज से हजारों भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाई। महंत जगदीश दास जी महाराज ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर व्यास की पूजा और व्यास की तिथि है आज शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और गुरु से आशीर्वाद लेते हैं। महंत जगदीश दास जी ने कहा कि जब मंत्र की सृष्टि गुरु शिष्य के हृदय में स्थापित करता है तब उसका स्वरूप ब्रह्मा का होता है पालन पोषण और विस्तार को लेकर जब ज्ञान देता तो गुरु का स्वरूप विष्णु का होता है और जब गुरु सभी शक्ति शिष्य को प्राप्त कराने के लिए इज्जत करता है तो सिर्फ उसका शुरू पारब्रह्म परमेश्वर का हो जाता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता है कि गुरु की बात मानने वाले शिष्य को उसकी मुक्ति को संशय नहीं रहता आज के दिन गुरु पूर्णिमा है जो गुरु के लिए है लोग आश्रम में जा कर के अपने गुरुओं की पूजा करते हैं गुरु की महत्वता और कृपा आप पूर्ण रुप से शिष्य को मिली और शिष्य का कल्याण हो इसलिए गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस मौके पर पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास,रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: गुरू एक सच्चा पथ प्रदर्शक होता है : मामा दास
Mon, Jul 22, 2024
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज व हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास जी का मामा दास ने किया पूजन
अयोध्या। सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा के दिन वेदों के रचयिता वेदव्यास जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इसलिए गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। उक्त बातें अयोध्याधाम स्थित प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज व हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास जी के शिष्य समाजसेवी संत मामा दास महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास को जगत का प्रथम गुरु माना जाता है। गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है क्योंकि आज के दिन ही महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। गुरु पूर्णिमा मुख्यतः हमारे गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का दिन है। ये गुरु औपचारिक आध्यात्मिक शिक्षक, वंश धारक या कोई भी व्यक्ति हो सकते हैं। जो ज्ञान और बुद्धि प्रदान करते हैं। हमारे जीवन पथ पर मार्गदर्शन करते हैं। हमें अंधकार से उजाले की ओर ले जाते हैं। गुरू एक सच्चा पथ प्रदर्शक होता है। जो हमें सच्चाई के मार्ग पर ले जाता है। वह हमेशा हमारी भलाई के बारे में सोचता है। मामा दास ने कहा कि मंदिर में गुरू पूर्णिमा हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। इसमें दूर- दराज से भक्तगण सम्मिलित हुए। जिन्होंने गुरु की पूजा कर जीवन धन्य बनाया। सर्वप्रथम मंदिर में हनुमानजी का भोग लगाकर आरती-पूजन किया गया। फिर मैंने अपने अपने पूज्य गुरूदेव का पूजन-अर्चन कर आरती उतारी। तदुपरांत शिष्यगणों ने बारी-बारी से गुरूदेव का पूजन किया। पूजन-अर्चन का सिलसिला देरशाम तक चलता रहा। शिष्यगणों ने भेंट स्वरूप उपहार भी प्रदान किया।
: महाकुंभ 2025 की तैयारी में जुटा निर्वाणी आनि अखाड़ा
Wed, Jul 17, 2024
अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास महासचिव महंत नंदरामदास व सत्यदेव दास के नेतृत्व में होगा शाही स्नान: महंत संजय दास
प्रयागराज में कुंभ मेला प्रशासन की मीटिंग में शामिल होने के लिए हनुमानगढ़ी से अध्यक्ष व महासचिव के नेतृत्व में सौकड़ों नागा साधु प्रयागराज हुए रवाना
अयोध्या। अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनि अखाड़ा हनुमानगढ़ी महाकुंभ 2025 की तैयारियों में जुट गया। जिसको लेकर हनुमानगढ़ी में पंचायत की बैठक करके अध्यक्ष व महासचिव की घोषणा भी हो गई है। पंचायती व्यवस्था के अनुसार महाकुंभ की पूरी व्यवस्था व शाही स्नान निर्वाणी अनि अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास व महासचिव महंत सत्यदेव दास, महंत नंदराम दास के नेतृत्व में होगा। इसकी जानकारी देते हुए संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि महंत धर्मदास व महंत गौरीशंकर दास का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज मेला प्रशासन द्धारा महाकुंभ 2025 की सभी अखाड़ों की बैठक गुरुवार 18 जुलाई को होनी है। इस बैठक में शामिल होने के लिए श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनि अखाड़ा अपने अध्यक्ष व महासचिव के नेतृत्व में सौकड़ों नागा साधु संत प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। प्रयागराज के लिए अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास, महासचिव महंत नंदराम दास व महासचिव महंत सत्यदेव दास, हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, राजेश पहलवान, केशव दास, इंद्रदेव दास,कृष्ण कुमार दास, विमल दास,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मामा दास, लवकुश दास, आनंद दास, मनीराम दास,उपेंद्र दास, सूर्यभान दास, अभिषेक दास, रिंकु दास, कृष्ण कांत दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें।