: रामनगरी में फिर निकला जमीन का जिन्न, लोढ़ा ग्रुप व किसानों में ठनी
Sat, Jul 27, 2024
माझा बरेहटा के किसानों का आरोप, जबरन जमीन कब्जाना चाह रहा लोढ़ा ग्रुप
प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री तेजनाराण पांडेय की चेतावनी, किसानों के लिए सड़क पर संघर्ष
अयोध्या। रामनगरी में सस्ती जमीन लूट का एक और जिन्न निकल आया है। किसानों ने लोढ़ा ग्रुप पर जबरन जमीन कब्जा करने के प्रयास का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि अपनी खरीदी जमीन पर काबिज लोढ़ा ग्रुप के बाउंसर आसपास की जमीनों पर भी काम नहीं करने दे रहे। इस मामले में किसानों को समाजवादी पार्टी का साथ मिला है। शुक्रवार को पूर्व राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय पवन ने किसानों के साथ प्रेसवार्ता की। हक के लिए सड़क पर संघर्ष की चेतावनी दी है। मामला माझा बरेहटा का है। जहां एक बार फिर जमीन का जिन्न जाग चुका है। यहां जमीन के कब्जे के प्रयास को लेकर रामनगरी फिर चर्चा में है। यहां माझा बरेहटा में जमीन को लेकर लोढ़ा ग्रुप और स्थानीय किसान आमने-सामने हैं। किसानों ने समाजवादी पार्टी सरकार में राज्यमंत्री रहे पूर्व विधायक तेजनारायण पवन पांडे के साथ प्रेसवार्ता की।
माझा बरेहटा के किसानों का मामला लेकर पवन पांडे ने लोढ़ा ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि जमीन लेने के बाद भी अब स्थानीय किसानों को लोढ़ा ग्रुप के बाउंसर परेशान कर रहे हैं। जिससे बची हुई जमीन को भी कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। पवन पांडेय ने कहा कि अब किसानों की तरफ से समाजवादी पार्टी ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। पत्रकार वार्ता में पवन पांडे ने चेतावनी दी है कि किसी भी हालत में किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। किसानों के हक के लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे। प्रेसवार्ता में पांडेय ने प्रश्न किया कि अब प्रदेश सरकार बताए कि किसानों के लिए क्या कर रही है। किसानों की जमीन का मामला प्रदेश सरकार की परीक्षा है। अगर सरकार ईमानदार है तो किसानों की जमीन बचाए नहीं तो सरकार ही भ्रष्ट समझी जाएगी। भाजपा अभी लोकसभा चुनाव में सिर्फ अयोध्या से सांसदी हारी है।यही हाल रहा तो पूरे प्रदेश में भाजपा हार का मुंह देखेगी।
पूर्व मंत्री पवन पांडेय के साथ प्रेसवार्ता कर रहे माझा बरेहटा के किसानों ने भी कहा कि लोढ़ा ग्रुप के बाउंसर धमकी दे रहे है। लोढ़ा ग्रुप माझा बरेहटा में काफी जमीन खरीदी है। उस जमीन के आसपास और जमीन लेने का प्रयास लोढ़ा ग्रुप कर रहा है जिसके लिए किसानों को उनके बाउंसर डरा धमका रहे हैं।
: राम स्नेही सम्प्रदाय के संतों ने शुरु किया रामनगरी में चातुर्मास अनुष्ठान
Thu, Jul 25, 2024
बड़ा रामद्वारा धाम के महंत हरिराम शास्त्री के नेतृत्व में सैकड़ों अनुयायियों कर रहें अनुष्ठान
श्रृंगार कुंज में अभ्यागत संतो का स्वागत मंदिर के महंत हरिजन दास ने किया
राम स्नेही सम्प्रदाय का अयोध्या से भी गहरा नाता है: महंत हरिराम शास्त्री
अयोध्या। रामानंदीय वैष्णव शाखा में राम स्नेही सम्प्रदाय के संतों की मंडली अयोध्या में चातुर्मास अनुष्ठान के लिए पहुंची है। यह संत मंडली संकल्पित अनुष्ठान का क्रम आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक पूर्ण करेगी। बड़ा रामद्वारा धाम के महंत हरिराम शास्त्री के नेतृत्व में सैकड़ों अनुयायियों के साथ यहां पहुंचे संतों की मंडली ने अनवरत अनुष्ठान का क्रम शुरू भी कर दिया है। प्रमोदबन स्थित श्रृंगार कुंज में शुरू इस अनुष्ठान का प्रथम चरण 27 जुलाई को पूरा होगा। वहीं 28 जुलाई से शिव पुराण का पारायण किया जाएगा। यहां पहुंचे अभ्यागत संतो का स्वागत मंदिर के महंत हरिजन दास ने किया।
इस मौके पर रामद्वारा धाम महंत शाखी ने बताया कि उनके सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य स्वामी रामचरण दास महाराज निर्गुण निराकार ब्रह्म के उपासक थे और शब्द ब्रह्म हारामह्न की उपासना करते थे। फिर भी उन्होंने किसी मत या सम्प्रदाय का खंडन मंडन नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनके सम्प्रदाय का अयोध्या से भी गहरा नाता है। । बताते हैं बड़ी छावनी के प्रवर्तक आचार्य स्वामी रघुनाथ दास महाराज जो अयोध्या के प्रसिद्ध संतों में शामिल थे, उन्हीं की परम्परा के आचार्य हरिराम दास महाराज से मंत्र दीक्षा ली थी। बताया गया कि उन्होंने विश्राम सागर नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की जिसका पारायण राम स्नेही सम्प्रदाय के संत व अनुयाई करते हैं। इस परम्परा के अनुयाइयों का प्रमुख ग्रंथ प्रवर्तक आचार्य की अनुभव वाणी है, जिसे उनके साधना काल में उन्हीं के शिष्यों ने संकलित किया था। नित्य सत्संग, राम धुन व अनुभव वाणी का पारायण ही संतों की दिनचर्या बताया गया कि चातुर्मास के संकल्प के साथ यहां धूनी रमाते वाले संतों की दिनचर्या में प्रतिदिन प्रातः अनुभव वाणी का पारायण, राम धुन व सायं सत्संग ही है। बताया गया कि पहले चरण के सत्संग में ब्यावर के संत राम केवल दास महाराज द्वारा स्कंद पुराण के आधार पर अयोध्या महात्म्य पर चर्चा चल रही है जो कि 27 जुलाई तक होगी। पुनः 28 जुलाई से चार अगस्त तक शिव पुराण का पारायण व सत्संग होगा। छह अगस्त से 14 अगस्त तक नौ दिवसीय राम कथा प्रवचन और फिर चार सितम्बर से 10 सितम्बर तक संत खम्मा राम महाराज द्वारा विश्राम सागर का पारायण किया जाएगा। इसी तरह श्वांस से श्वांस की अखंड साधना भी चलती रहेंगी। इसी कड़ी में 11 से 17 सितम्बर तक श्रीमद्भागवत पारायण व शारदीय नवरात्र में श्रीरामचरित मानस व श्रीमद वाल्मीकि रामायण का नवाह्न पारायण होगा।
: बिना श्रद्धा के कोई राम कथा का आनंद नहीं ले सकता: संध्या
Wed, Jul 24, 2024
हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्य श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
हनुमानगढ़ी से निकला शाही निशान जुलूस, हनुमान बाग में हुआ विधिवत पूजन
कार्यक्रम के संयोजक श्याम जी लाखोटिया जलाना पूना महाराष्ट्र के भक्तों द्धारा किया गया है
अयोध्या। श्रद्धा का उदय बहुत ही बिरले लोगों के जीवन में होता है। जिनके जीवन में श्रद्धा नहीं है वह कितना भी बुद्धिमान क्यों न हो राम कथा का आनंद रस ग्रहण नहीं कर सकता। उक्त बातें श्रीराम कथा में प्रख्यात कथावाचिका संध्या जी ने कही। संध्या जी के श्रीमुख से हनुमान बाग मंदिर में आज से भव्य श्रीराम कथा महोत्सव का समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व हनुमानगढ़ी का विशेष शाही निशान जो हनुमानजी का प्रतिनिधित्व करती है,वह विशाल शाही जुलूस हनुमानगढ़ी से बैड़ बाजे के साथ निकली। जुलूस का भव्य स्वागत हनुमान बाग में हुआ। इसके बाद दूसरे सत्र में श्रीराम कथा की रसमयी वर्षा हुई।
व्यासपीठ से कथा का महात्म्य बताते हुए संध्या जी ने कहा कि सतीजी दक्ष पुत्री हैं। वे भगवान शिव से विवाह होने पर भी रामकथा का आनंद नहीं ले पाती हैं। उन्होंने सुना ही नहीं क्योंकि उनके हृदय में श्रद्धा वृत्ति की जगह संशय या भ्रम था। सती जब अगले जन्म में राजा हिमांचल के घर में जन्म लेती हैं तो दीर्घकाल की तपस्या के पश्चात भगवान शिव को पुन: पति के रूप में प्राप्त करती हैं। तब रामकथा की जो अद्भुत रसधारा संसार के समक्ष बहती है, उससे भगवती उमा स्वयं धन्य हुईं संसार के जीव आज भी धन्य हो रहे हैं।
संध्या जी ने कहा कि परमार्थ की प्राप्ति के लिए सनातन धर्म में अनगिनत मार्ग हैं पर प्रमुख रूप से मानस में ज्ञान भक्ति और कर्म की चर्चा की गई है। सभी मार्गों में श्रद्धा की आवश्यकता है। ज्ञान मार्ग की साधना उत्तर कांड में की गई है। उसमें गाय को श्रद्धा का प्रतीक बताया गया है। यह महोत्सव हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के आयोजक श्याम जी लाखोटिया जालना पूना महाराष्ट्र ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत जगदीश दास जी महाराज कर रहें। कार्यक्रम में निर्वाणी अनि अखाड़ा के महासचिव महंत नंदरामदास, सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितिन दास, नितेश शास्त्री आदि कर रहें।