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: चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ पड़ ही आहुतियां

बमबम यादव

Sun, May 8, 2022

51 वैदिक आचार्य मंत्रोच्चारण के साथ हवनकुंड में डाल रहे आहुतियां 

भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है जिसमें अपने आपको देखकर सुधार करो :गोपालकृष्णमाचार्य

अयोध्या। रामनगरी के हनुमान बाग मंदिर में इन दिनों चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ का उल्लास अपने चरम पर है। दक्षिण भारतीय परम्परा में हो रहे उत्सव का अपना एक अलग ही आनंद है। पूरे  मंदिर परिसर मंत्रोच्चारण गुंजायमान है। 51 वैदिक आचार्य लगातार हवन कुंड में आहुतियां डाल रहे है। तो वही 108 आचार्य सस्वर वाल्मीकीय रामायण पाठ कर रहे है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में व्यासपीठ से गोपालकृष्णमाचार्य जी महाराज वाल्मीकीय रामायण कथा पर प्रवचन कर रहें है।चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ महोत्सव के अवसर पर रामायण महाकाव्य के माध्यम से भगवान श्रीराम के मंगलमयी चरित्र का वर्णन करते हुए कहा गोपालकृष्णमाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़बड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। गोपालकृष्णमाचार्य जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते और अगर भगवान के साथ व्यवहार में चूक गए तो कोई बात नहीं, यदि भाव आपका ठीक रहा तो काम चल जाएगा।कथा से पूर्व यजमान लक्ष्मी न्यायापति जी ने व्यासपीठ का पूजन किया।यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित हो रहा है।इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित दक्षिण से हजारों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए।

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