Thursday 3rd of September 2026

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महंत दयाराम दास अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे:राम उजागर दास : श्रीदयाराम दास मानस सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में परमहंस आश्रम के संस्थापक साकेतवासी महंत दयाराम दास रामायणी महाराज की 27

महंत दयाराम दास अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे:राम उजागर दास

श्रीदयाराम दास मानस सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में परमहंस आश्रम के संस्थापक साकेतवासी महंत दयाराम दास रामायणी महाराज की 27वीं पुण्यतिथि पर संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी

अयोध्या। रामनगरी की सुप्रसिद्ध पीठ परमहंस आश्रम वासुदेवघाट के संस्थापक साकेतवासी महंत दयाराम दास रामायणी महाराज काे 27वीं पुण्यतिथि पर संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूर्वाचार्य महंत के पुण्यतिथि महाेत्सव काे परमहंस आश्रम के वर्तमान पीठाधिपति श्रीमहंत रामानंद दास रामायणी महाराज ने अपना सानिध्य और अधिकारी राम उजागर दास महाराज ने संयाेजन प्रदान किया। रविवार की सुबह सर्वप्रथम मंदिर में विराजमान भगवान श्रीराम जानकी समेत अन्य देवी-देवताओं का दिव्य-भव्य श्रृंगार कर पूजन-अर्चन, आरती किया गया। भगवान काे फल-मिष्ठान समेत अन्य विविध पकवानाें का भाेग लगा। उसके बाद मंदिर प्रांगण में स्थित संस्थापक महंत दयाराम दास रामायणी महाराज की प्रतिमा का पूजन-अर्चन, आरती किया गया। पुण्यतिथि पर संत-महंत और भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रीमहंत रामानंद दास रामायणी महाराज ने आए हुए संत-महंत, भक्तजनों का स्वागत-सत्कार कर भेंट, विदाई दिया। उन्होंने बताया कि मठ के संस्थापक महंत गुरुदेव दयाराम दास रामायणी महाराज की पुण्यतिथि निष्ठा पूर्वक मनाई गई। पुण्यतिथि पर अयोध्या धाम के सभी संत-महंत सम्मिलित हुए। जिन्हाेंने गुरुदेव काे श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। गुरुदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे। जाे भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। वह गाै एवं संत सेवी हाेने के साथ-साथ भजनानंदी संत रहे। जिनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। सरलता ताे उनमें देखते ही झलकती थी। महाराज श्री एक कुशल रामायणी थे, जिनका गणना विद्वान संताें में हाेती थी। विद्वता में उन्हें महारथ हासिल था। अधिकारी राम उजागर दास महाराज ने कहा कि साकेतवासी महंत ने अयोध्यानगरी में एक विशाल आश्रम की स्थापना कर उसका कार्यभार संभाला। जिसके वह संस्थापक महंत रहे। उन्होंने मठ का सर्वांगीण विकास किया। मंदिर अपने उत्तराेत्तर समृद्धि की ओर अग्रसर है। जहां गाै, संत, विद्यार्थी, आगंतुक सेवा सुचार रूप से चल रही है। समस्त उत्सव, समैया, त्याेहार आदि परंपरागत रूप से मनाया जा रहा है। श्रीदयाराम दास मानस सेवा ट्रस्ट के माध्यम से गरीब, असहाय, निराश्रित, दीन-दुखियों आदि की मदद और गरीब कन्याओं का विवाह कराया जा रहा है। पुण्यतिथि पर रामनगरी के सभी संत-महंत व मंदिर से जुड़े भक्तजन उपस्थित रहे।

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